सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत सड़क सुरक्षा और दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए किए जा रहे जन-जागरूकता कार्यक्रम
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुक्रम में मुख्य सचिव एवं पुलिस महानिदेशक, छत्तीसगढ़ शासन के मार्गदर्शन में अंतर्विभागीय लीड एजेंसी सड़क सुरक्षा द्वारा पूरे प्रदेश में सड़क सुरक्षा माह 2026 के तहत प्रतिदिन जन-जागरूकता संबंधी विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है।
प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं परिवहन मंत्री केदार कश्यप की ओर से लीड एजेंसी द्वारा जन-जागरूकता संबंधी तैयार पोस्टर एवं फ्लैक्स जारी किए गए। इसी क्रम में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा द्वारा प्रदेश के समस्त सरपंचों एवं पंचगणों को पंचायत अंतर्गत सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु आवश्यक पहल करने के लिए एक अपील जारी की गई। सड़क सुरक्षा माह के प्रथम दिवस 01 जनवरी 2026 को न्यायमूर्ति अभय मनोहर सप्रे, सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑफ रोड सेफ्टी की अध्यक्षता में बेमेतरा में हेलमेट रैली को हरी झंडी दिखाकर इसका शुभारंभ किया गया। इसी कड़ी में 03 जनवरी को दुर्ग में संभाग स्तरीय अधिकारियों, संभागायुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, सात जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, परिवहन, लोक निर्माण, नगरीय प्रशासन, शिक्षा, आबकारी, स्वास्थ्य एवं निर्माण एजेंसियों की बैठक तथा 05 जनवरी को मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव विकासशील की उपस्थिति में संबंधित विभागीय सचिवों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें सड़क दुर्घटनाओं को रोकने कार्ययोजना के तहत कार्य करने के निर्देश दिए गए। सड़क दुर्घटनाओं में कमी के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश देने के साथ ही विशेष रूप से सर्वाधिक दुर्घटनाओं वाले जिले रायपुर, बिलासपुर एवं दुर्ग के लिए समन्वित प्रयास से कार्ययोजना बनाकर वर्ष 2026 के दौरान दुर्घटनाओं में कमी लाने के निर्देश दिए गए।
प्रदेश में वर्ष 2025 में गत वर्ष की तुलना में मृत्यु दर में कमी दर्ज की गई है। यातायात नियमों के उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही में लगभग 45 प्रतिशत अधिक (लगभग 9 लाख प्रकरणों) कार्रवाई करते हुए लगभग 39 करोड़ रुपये परिशमन शुल्क संकलित किया गया। साथ ही जन-जागरूकता के प्रयासों के फलस्वरूप लगभग 3 प्रतिशत मृत्यु दर में कमी परिलक्षित हुई है। प्रदेश के 20 जिलों में मृत्युदर में कमी दर्ज की गई है। रायपुर सहित अन्य 13 जिलों में मृत्यु दर को कम करने के लिए कार्य जारी हैं। वर्ष 2026 में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु दर में न्यूनतम 10 प्रतिशत की कमी लाने, दुर्घटना-जन्य सड़क खंडों में शीघ्र सुधारात्मक उपाय करने तथा आकस्मिक उपचार के लिए त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है।
प्रदेश में सड़क सुरक्षा माह 2026 के दौरान जन-जागरूकता के लिए यातायात पुलिस द्वारा प्रतिदिन पृथक-पृथक गतिविधियों के माध्यम से कार्य किए जा रहे हैं। इसी क्रम में वाहन चालकों एवं यात्रियों को बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट, मोबाइल पर बात करते हुए, नशे की हालत में अथवा तेज गति से वाहन चलाने पर समझाइश दी जा रही है तथा यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके साथ ही यातायात नियमों का पालन करने वालों को सम्मानित करने का कार्य भी किया जा रहा है।