संजीवनी बनिस मेगा सुपर स्पेशलिटी हेल्थ कैंप
- बुधरी मड़काम ला प्रशासन के तत्परता ले एम्स रायपुर मा मिलिस नवा जिनगी
- आयुष्मान कार्ड ले होइस मुफत मा ईलाज
रायपुर . सुकमा जिला के छिंदगढ़ विकासखंड के मिचवार मा रहइया आदिवासी महिला बुधरी मड़काम बर मेगा सुपर स्पेशलिटी हेल्थ कैंप ह आस के नवा किरन बनके आगू आईस। गंभीर बीमारी ले जूझत बुधरी के हालत ह दिन-ब-दिन बिगड़त रहिस। सुरू के लक्षण देख के कैंसर या टीबी के संका होवत रहिस, फेर समय रहत कैंप मा जाँच होइस त असल बीमारी के पता चलिस। प्रशासन के फुर्ती ले ओला तुरंत सही ईलाज बर आगू बढ़ाय गिस।
मरीज के हालत ला देखत सुकमा कलेक्टर अमित कुमार ह निर्देश दीन, जेखर बाद सीएमएचओ डॉ. आरके सिंह ह तुरंत कार्रवाई करिन अऊ बुधरी ला एम्स रायपुर रेफर करवा दीन। ये फैसला ह मरीज बर जीवनरक्षक साबित होइस। जिला स्वास्थ्य विभाग अऊ प्रशासन ह ये तय करिस कि दूरिहा जंगल मा रहइया ये महिला ला बड़े अस्पताल तक सुरक्षित अऊ सही बखत मा पहुँचाए जाय।
हफ्ता भर के जाँच के बाद पता चलिस कि बुधरी ला ‘सरकॉइडोसिस’ (Sarcoidosis) नाम के एक दुर्लभ बीमारी हवय। 7 अप्रैल ले 22 अप्रैल तक यानी 15 दिन के ईलाज के बाद ओ ह पूरी तरह स्वस्थ होके घर लउट आई हवय। सबले बड़े राहत के बात ये रहिस कि आयुष्मान कार्ड के सेती पूरा ईलाज मुफत मा होइस। ये घटना स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के ओ संकल्प ला घलो पूरा करथे, जेमा ओ मन कहिथें कि गंभीर मरीज ला रायपुर ले जाके बढ़िया ईलाज कराए जाही।
कलेक्टर अमित कुमार ह बताइन कि सुकमा के दूर-दराज इलाका मा रहइया मनखे मन ला घलो बढ़िया स्वास्थ्य सुविधा देना हमर पहली प्राथमिकता आय। मेगा सुपर स्पेशलिटी हेल्थ कैंप के माध्यम ले गंभीर मरीज के पहिचान करके ओ मन ला बड़े अस्पताल भेजे जावत हे। बुधरी मड़काम के ईलाज ह ये बात के परमान आय कि प्रशासन अऊ स्वास्थ्य विभाग के टीम ह पूरी जिम्मेदारी ले काम करत हे।
पूरा ईलाज के बखत आयुष्मान कार्ड विभाग के जिला कार्यक्रम समन्वयक अमृतेश सिंह ह मरीज अऊ ओखर घर वाला के हर कदम मा साथ दीन। अस्पताल मा भर्ती कराए ले लेके डॉक्टर ले गोठ-बात करे तक, ओ मन ह पूरा सहयोग करिन। भाखा के घलो एक बड़े समस्या रहिस, काबर कि बुधरी के घर वाला मन सिरिफ गोंडी भाखा जानत रहिन, फेर आपसी तालमेल अऊ सेवा भाव ले एम्स मा ईलाज ह सफल हो पाइस।