Jayjohar
Whatsapp Facebook Twitter Youtube
Jayjohar

Type and hit Enter to search

  • होम
  • खबर छत्तीसगढ़
  • नवा छत्तीसगढ़
  • राजनीति
  • छॉलीवुड समाचार
  • हमर रचनाकार
  • एक्सक्लूजिव
  • Youtube Video
    • जोहार पहुना
    • जोहार सितारा
    • जोहार सिनेमा
    • गाना जोहार
    • फिलिम जोहार
    • काव्य जोहार
    • जोहार बिसेस
    • जोहार संस्कृति
  • LIVE
सेवा अभियान
खबर छत्तीसगढ़

सेवा संकल्प अभियान :रजिस्ट्री के साथ नामांतरण ने बचाया समय, किसान चंद्रशेखर को नहीं लगाने पड़े अलग से कार्यालय के चक्कर

Editor Editor
October 4, 2026 3 Mins Read
3 Views
0 Comments

ऑटोम्यूटेशन से आसान हुई नामांतरण प्रक्रिया, पंजीयन के बाद स्वतः राजस्व अभिलेखों में दर्ज हुआ नाम

तकनीक आधारित सुधारों से सरल और पारदर्शी हो रही पंजीयन व्यवस्था,

‘सेवा संकल्प अभियान’ में हितग्राही ने साझा किया अनुभव

रायपुर. संपत्ति की रजिस्ट्री के बाद नामांतरण के लिए अलग से आवेदन, इंतजार और कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत कम हो जाए, तो नागरिकों के लिए पूरी प्रक्रिया कहीं अधिक सहज हो जाती है। कांकेर जिले के अभनपुर-सरोना निवासी किसान चंद्रशेखर निषाद ने पंजीयन व्यवस्था में आए इसी बदलाव को महसूस किया। संपत्ति का पंजीयन होने के बाद ऑटोम्यूटेशन के माध्यम से नामांतरण की प्रक्रिया स्वतः आगे बढ़ी और उनका नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज हो गया। इससे उनका समय बचा और नामांतरण के लिए अलग से कार्यालय जाने की जरूरत नहीं पड़ी। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत पंजीयन विभाग से संवाद में उन्होंने अपना अनुभव साझा किया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वित्त एवं पंजीयन मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में पंजीयन सेवाओं को सरल, सुगम और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए तकनीक आधारित सुधार किए गए हैं। रजिस्ट्री से लेकर नामांतरण तक की प्रक्रियाओं को आपस में जोड़ने, पहचान सत्यापन को मजबूत करने और ऑनलाइन सुविधाओं के विस्तार से नागरिकों के समय और अनावश्यक दौड़भाग को कम करने का प्रयास किया जा रहा है। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के माध्यम से विभाग हितग्राहियों से सीधे संवाद कर इन सुधारों से जुड़े उनके अनुभव और सुझाव भी संकलित कर रहा है।

रजिस्ट्री हुई और नामांतरण भी, चंद्रशेखर का बचा समय

चंद्रशेखर निषाद ने बताया कि पहले संपत्ति के पंजीयन के बाद नामांतरण की प्रक्रिया पूरी होने में समय लगता था। इसके लिए अलग से प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती थी। इस बार ऑटोम्यूटेशन की सुविधा से रजिस्ट्री के बाद नामांतरण की प्रक्रिया स्वतः आगे बढ़ी और उनका नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज हो गया।

उन्होंने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा, “मेरा नामांतरण तुरंत हो गया। इससे मेरे समय की बहुत बचत हुई और मुझे अलग से कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़े।”

ऑटोम्यूटेशन व्यवस्था के तहत संपत्ति का पंजीयन होने के बाद नामांतरण की प्रक्रिया स्वतः आगे बढ़ने से नागरिकों को अलग से आवेदन करने और संबंधित कार्यालयों में जाकर प्रक्रिया पूरी कराने की आवश्यकता कम हो रही है। किसानों और आम नागरिकों के लिए यह सुविधा संपत्ति संबंधी कार्यों को अधिक सहज बनाने में सहायक है।

आधार आधारित पहचान सत्यापन से बढ़ी पारदर्शिता

पंजीयन व्यवस्था में तकनीक का उपयोग केवल नामांतरण तक सीमित नहीं है। आधार आधारित प्रमाणीकरण के माध्यम से क्रेता, विक्रेता और गवाहों की पहचान के सत्यापन की व्यवस्था की गई है। इससे पक्षकारों की पहचान सुनिश्चित करने और गलत पहचान के आधार पर पंजीयन की आशंका को कम करने में मदद मिलती है।

इसके साथ ही ऑनलाइन अपॉइंटमेंट, ऑनलाइन भुगतान और डिजिटल दस्तावेज जैसी सुविधाएं भी पंजीयन प्रक्रिया को आसान बना रही हैं। नागरिक नेट बैंकिंग और यूपीआई जैसे डिजिटल माध्यमों से पंजीयन शुल्क का भुगतान कर सकते हैं। इन सुविधाओं से पंजीयन प्रक्रिया में समय की बचत के साथ पारदर्शिता और सुविधा भी बढ़ी है।

तकनीक से रजिस्ट्री के बाद की राह भी हुई आसान

चंद्रशेखर निषाद का अनुभव बताता है कि पंजीयन व्यवस्था में किए गए तकनीकी सुधारों का लाभ केवल रजिस्ट्री तक सीमित नहीं है, बल्कि उससे जुड़ी आगे की प्रक्रिया भी आसान हो रही है। ऑटोम्यूटेशन के माध्यम से नामांतरण की प्रक्रिया आगे बढ़ने से नागरिकों को अलग से इंतजार और कार्यालयीन दौड़भाग से राहत मिल रही है।

‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत सामने आई चंद्रशेखर की कहानी पंजीयन सेवाओं में आ रहे बदलाव की जमीनी तस्वीर प्रस्तुत करती है। रजिस्ट्री और नामांतरण की प्रक्रियाओं के बीच बेहतर समन्वय से नागरिकों का समय बच रहा है और संपत्ति से जुड़े कार्य अधिक सहज हो रहे हैं।

Tags:

Chhattisgarhraipur newsstate news

Share Article

Other Articles

गजेन्द्र यादव
Previous

शिक्षा मंत्री की पहल पर विद्यार्थियों को बड़ी राहत, अब शैक्षणिक दस्तावेजों के लिए नहीं लगाने पड़ेंगे चक्कर

Deputy Chief Minister Vijay Sharma 1
Next

आईईडी विस्फोटों की विरह वेदना से बाहर आएगा बस्तर, पीड़ितों को मिलेंगे कृत्रिम हाथ-पैर: डिप्टी सीएम

Next
Deputy Chief Minister Vijay Sharma 1
October 4, 2026

आईईडी विस्फोटों की विरह वेदना से बाहर आएगा बस्तर, पीड़ितों को मिलेंगे कृत्रिम हाथ-पैर: डिप्टी सीएम

Previous
October 4, 2026

शिक्षा मंत्री की पहल पर विद्यार्थियों को बड़ी राहत, अब शैक्षणिक दस्तावेजों के लिए नहीं लगाने पड़ेंगे चक्कर

गजेन्द्र यादव

Related Posts

सारंगढ़

सुपोषण और आत्मीयता से महका सारंगढ़

Editor Editor
October 4, 2026
शालेय क्रीड़ा

सारंगढ़ को दो बड़ी सौगातें: शहर में बनेगा सिंथेटिक ट्रैक ग्राउंड और डाइट कॉलेज

Editor Editor
October 4, 2026
Deputy Chief Minister Vijay Sharma 1

आईईडी विस्फोटों की विरह वेदना से बाहर आएगा बस्तर, पीड़ितों को मिलेंगे कृत्रिम हाथ-पैर: डिप्टी सीएम

Editor Editor
October 4, 2026
गजेन्द्र यादव

शिक्षा मंत्री की पहल पर विद्यार्थियों को बड़ी राहत, अब शैक्षणिक दस्तावेजों के लिए नहीं लगाने पड़ेंगे चक्कर

Editor Editor
October 4, 2026

Follow Us

Whatsapp Facebook Twitter Youtube

Om Prakash Chandrakar
Kushalpur
Raipur Chhattishgarh
email: jayjohar2017@gmail.com

Category

  • छॉलीवुड समाचार
  • हमर रचनाकार
  • सियासत
  • नवा छत्तीसगढ़
Jayjohar
© Copyright 2023, All Rights Reserved | Jay Johar Media | जय जोहार मीडिया.
  • होम
  • हमर छत्तीसगढ़
  • एक्सक्लूजिव
  • राजनीति
  • छॉलीवुड
  • लाइव
  • हमर रचनाकार
  • जय जोहार चैनल | जोहार पहुना कार्यक्रम
  • जय जोहार चैनल | जोहार सितारा कार्यक्रम
  • जय जोहार चैनल | जोहार सिनेमा कार्यक्रम
  • जय जोहार चैनल | जोहार बिसेस कार्यक्रम
  • poem
  • जय जोहार चैनल | गाना जोहार कार्यक्रम
  • LIVE:भरोसे का सम्मलेन (ठेकवा, राजनांदगांव)
  • जय जोहार चैनल | फिलिम जोहार कार्यक्रम
  • छत्तीसगढ़ में आदिवासी नेतृत्व गढ़ रहा है विकास के नए सोपान
  • जय जोहार चैनल | काव्य जोहार कार्यक्रम
  • जय जोहार चैनल | जोहार संस्कृति कार्यक्रम
  • जय जोहार | Jay Johar – हमर माटी हमर भाखा | छत्तीसगढ़ी समाचार