विशेष-लेख :लइका बिहाव के खिलाफ छत्तीसगढ़ के आर-पार के लरई
- हजारों पंचायत के बदलिस सुघराई
- लइका बिहाव मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान ह बनत हे सामाजिक बदलाव के मिसाल
- डॉ. दानेश्वरी सम्भाकर
- उप संचालक, जनसंपर्क
रायपुर, छत्तीसगढ़ म नोनी मन के सुरक्षा, शिक्षा अउ सम्मान ल बीच म रख के सुरू करे गे ‘लइका बिहाव मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान’ अब सामाजिक बदलाव के एक बड़कुन मिसाल बनत जावत हे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के अगुवाई म राज्य सरकार ह ए अभियान ल सिरिफ सरकारी योजना तक सीमित न रख के मनखे मन के भागीदारी के एक बड़े आंदोलन बना दे हे। गांव-गांव म चेतना अउ समाजिक संगति के दुवार ले लइका बिहाव जइसन कुरीति ऊपर कड़ा काबू पाय के कोती म लगातार पक्का परिणाम अगमने आवत हे। 10 मार्च 2024 ले सुरू होय ए अभियान के मतलब सिरिफ लइका बिहाव ल रोकना नो हे, भलुक समाज म नोनी मन बर एक नीक अउ सउहत सोच तइयार करना घलो आय।
महिला अउ बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के देख-रेख म आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, पंचायत के प्रतिनिधि, गुरुजी मन, मितानिन अउ माईलोगन मन के स्व-सहायता समूह ह लगातार भुइँया स्तर म जा-जा के मनखे मन ल जगाय म जुटे हें। इही कारन आय कि ए अभियान ह अब प्रशासनिक काम-काज ले आगे बढ़ के सामाजिक चेतना के एक हिस्सा बनत दिखात हे।
बछरवार लक्ष्य अउ सफल्ता
राज्य सरकार ह बछर 2028-29 तक पूरे छत्तीसगढ़ ल लइका बिहाव ले मुक्त बनाय के लच्छ तय करे हे। सीढ़ी-दर-सीढ़ी (चरणबद्ध) योजना के तहत:
- बछर 2025-26 तक: 40 प्रतिसत
- बछर 2026-27 तक: 60 प्रतिसत
- बछर 2027-28 तक: 80 प्रतिसत
- बछर 2028-29 तक: जम्मो ग्राम पंचायत अउ सहर के निकाय ल लइका बिहाव मुक्त घोसित करे के तइयारी हे।
ए अभियान के बढ़ाव घलो गदगद करे वइया हे। 31 मार्च 2026 तक राज्य के 11 हजार 693 ग्राम पंचायत म ले 7 हजार 498 पंचायत मन ल लइका बिहाव मुक्त घोसित करे जा चुके हे, जेसन कुल पंचायत मन के लगभग 64 प्रतिसत आय। ओहे कोती 196 सहरी निकाय म ले 85 निकाय मन ए कतार म सामिल हो चुके हें।
बालोद जिला मारिस बाजी: राज्य के बालोद जिला ह ए कोती म सबले बड़कुन सफल्ता पावत हुए अपन आप ल पूरा तरीका ले लइका बिहाव मुक्त घोसित करवा ले हे। प्रसासन अउ समाज के संग म मिलके करे गे ए कोसिस ह अब दूसर जिला बर घलो प्रेरणा बनत हे।
नोनी मन के पढ़ई अउ आत्मनिर्भरता
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ह लगातार ए संदेस देवत हें कि बिकसित छत्तीसगढ़ के मजबूत नेव ह पढ़ई-लिखई अउ आत्मनिर्भर नोनी मन च होही। इही सोच के संग सरकार ह नोनी मन के शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण अउ सुरक्षा ले जुड़े योजना ल पहिली नजर म लागू करत हे।
कम उमिर म बिहाव होय ले नोनी मन के पढ़ई-लिखई छूट जाथे, स्वास्थ्य कोती ले जोखिम बाढ़ जाथे अउ ओमन के आगू के संसो-रस्ता सीमित हो जाथे। इही पाय के ए अभियान के तहत सयान लइकी अउ दाई-ददा मन ल लगातार समझाय-बुझाय जावत हे ताकि समाज म थिर बदलाव लाय जा सके।
पंचायत के भरोसा जनभागीदारी, लगातार देख-रेख अउ सामाजिक चेतना के सुघर मॉडल के कारन ‘लइका बिहाव मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान’ ह अब देस भर म चर्चा के बिषय बनत जावत हे। राज्य सरकार के ए कोसिस ह सिरिफ एक सामाजिक कुरीति ल सिरावत (खत्म) करे तक नो हे, भलुक एहा नोनी मन के सनमान अउ मजबूती के एक बड़े संकरप बनके आगू आवत हे।