पाकिस्तान तक फैला 5 लाख फर्जी ई-मेल का सिंडिकेट: यूपी ATS ने कानपुर से अंकित को दबोचा; दिलजीत दोसांझ के शो, स्कूलों और एक्टर को दी थी बम की धमकी
- क्रिप्टोकरेंसी (USDT) में लेता था पेमेंट, पाकिस्तान और बांग्लादेश समेत कई देशों के संदिग्धों को बेचीं आईडी
- बब्बर खालसा और खालिस्तान नेशनल आर्मी के नाम से भेजे गए थे धमकी भरे मेल; मुंबई मेयर ऑफिस तक जुड़े तार
लखनऊ/कानपुर, 29 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ते (UP ATS) ने देशविरोधी साइबर नेटवर्क और फर्जी बम धमकियों की अंतरराष्ट्रीय साजिश का पर्दाफाश करते हुए कानपुर नगर से 24 वर्षीय अंकित शंखवार को गिरफ्तार किया है। आरोपी वाई-फाई और प्रॉक्सी नेटवर्क का इस्तेमाल कर करीब 5 लाख फर्जी ई-मेल आईडी का डेटाबेस तैयार कर चुका था, जिसे वह पाकिस्तान, बांग्लादेश, तुर्किये और मिस्र जैसे देशों में बैठे संदिग्धों को बेच रहा था। इन्हीं ई-मेल आईडी के जरिए दिल्ली-एनसीआर, नोएडा, गुरुग्राम और मुंबई के स्कूलों, मुंबई मेयर कार्यालय, मशहूर पंजाबी गायक दिलजीत दोसांझ के कॉन्सर्ट और एक प्रमुख बॉलीवुड अभिनेता के आवास को बम से उड़ाने की धमकियां भेजी गई थीं।
5 लाख ई-मेल का डेटाबेस और क्रिप्टोकरेंसी में वसूली
यूपी एटीएस के मुताबिक आरोपी 2021 से इस गोरखधंधे में लिप्त था। बरामद लैपटॉप की एक्सेल फाइलों से करीब 5 लाख ई-मेल आईडी मिली हैं, जिनमें पासवर्ड, रिकवरी मेल और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) का पूरा डेटा दर्ज था। आरोपी फेसबुक ग्रुप्स के जरिए विदेशी खरीदारों से संपर्क साधता था और बाइनेंस क्रिप्टो वॉलेट के जरिए यूएसडीटी (USDT) में भुगतान लेता था। जांच में खुलासा हुआ है कि उसने बांग्लादेशी नागरिक अलामीन इस्लाम को फर्जी आईडी बेची थीं, जिसके एवज में उसे 6,000 यूएसडीटी का भुगतान मिला था।
खालिस्तानी संगठनों के नाम पर दी गईं धमकियां
जांच एजेंसियों के अनुसार, जिन ई-मेल से दिल्ली-एनसीआर के स्कूलों और दिलजीत दोसांझ के शो को निशाना बनाने की धमकियां दी गई थीं, वे अंकित के सिस्टम से ही जनरेट की गई थीं। इन संदेशों में सनसनी फैलाने के लिए ‘खालिस्तान नेशनल आर्मी’ और ‘बब्बर खालसा’ जैसे प्रतिबंधित संगठनों के नाम का इस्तेमाल किया गया था। इसके अलावा 12 अक्टूबर को नोएडा के स्कूलों और 23 अक्टूबर को मुंबई स्थित मेयर कार्यालय को मिली बम धमकी के तकनीकी तार भी सीधे इसी सिंडिकेट से जुड़े पाए गए हैं।
रिमांड पर लेकर विदेशी हैंडलर्स की तलाश करेगी ATS
लखनऊ के एटीएस थाने में आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। एटीएस अब आरोपी को अदालत में पेश कर पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि पाकिस्तान और बांग्लादेश में बैठे किन हैंडलर्स और आतंकी मॉड्यूल को ये डिजिटल हथियार मुहैया कराए जा रहे थे।