कच्ची झोपड़ी ले पक्के घर तक के सपना होत हे साकार
मुख्यमंत्री ह ईंटा जोर के करिन श्रमदान : भैंसामुड़ा मा पीएम आवास निर्माण के करिन अचानक अवलोकन
हितग्राही अनुसुइया पैंकरा ह जताइस आभार
रायपुर. सुशासन तिहार मा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के जशपुर जिला प्रवास के बखत एक भारी भावुक अउ प्रेरणा देवाय वाला नजारा ग्राम भैंसामुड़ा मा देखे ला मिलिस, जे ह गाँव वाले के मन मा गहिर छाप छोड़ दिस।
विकासखंड पत्थलगाँव के ये दूरिहा गाँव मा पहुँच के मुख्यमंत्री श्री साय ह प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनत घर के अचानक निरीक्षण करिन। गाँव ले गुजरत बखत ओकर नजर हितग्राही अनुसुइया पैंकरा के बनत घर ऊपर परिस, जेकर बाद ओ ह तुरंते गाड़ी ले उतर के मौका मा पहुँचिन अउ निर्माण काम ला बने ढंग ले देखिन।
निरीक्षण के बखत मुख्यमंत्री श्री साय ह सिरिफ़ काम के गुणवत्ता ला नइ परखिन, बल्कि उहाँ काम करइया रेजा-कुली (श्रमिक) मन ले मयारू गोठ-बात घलो करिन। ओ ह ओमन के मेहनत के बड़ाई करत कहिन कि— “ये मेहनत ह प्रदेश के विकास के असली ताकत आय।”
ये बीच मा मुख्यमंत्री के संवेदनशीलता अउ सादगी के एक अनूठा उदाहरण तब दिखे ला मिलिस, जब ओ ह खुद हाथ मा करनी उठा के सीमेंट-गारा ले ईंटा जोरत हुए श्रमदान करिन। मुख्यमंत्री ला अपन हाथ ले घर बनाय मा मदद करत देख के उहाँ खड़े गाँव वाले भावुक हो गे। ये नजारा ह सिरिफ़ एक देखावा नइ रिहिस, बल्कि जनसेवा कोति ओकर समर्पण के एक मजबूत संदेस बन गे।
हितग्राही अनुसुइया पैंकरा ह मुख्यमंत्री के आभार जताइस अउ कहिस कि ओकर बरसन पुरना सपना अब पूरा होत हे। ओ ह बताइस कि प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम ले ओला पक्का घर मिलत हे, जेकर ले ओकर परिवार के जिनगी ह सुरक्षित अउ सम्मानजनक बनही।
मुख्यमंत्री श्री साय ह ये मौका मा चंदागढ़ के राजमिस्त्री मोहन चक्रेश ले घलो गोठ-बात करिन। ओमन ओकर रोजगार, रोज के मजूरी अउ पारिवारिक स्थिति के बारे मा जानकारी लिन अउ ओला सरकार के अलग-अलग जनकल्याणकारी योजना के लाभ ले बर उत्साहित करिन।
मुख्यमंत्री श्री साय के ये पहल ह सिरिफ़ एक सरकारी निरीक्षण तक सीमित नइ रहिस, बल्कि ये ह गरीब कोति ओकर मया, साथ मिल के काम करे के भाव अउ जनकल्याण बर ओकर समर्पण के एक जिन्दा मिसाल बन गे। ये घटना ह गाँव वाले के मन मा सरकार बर बिसवास ला अउ जादा मजबूत कर दिस।
ये बखत पत्थलगाँव क्षेत्र के विधायक गोमती साय अउ आन जनप्रतिनिधि , कलेक्टर रोहित व्यास के संग बड़ संख्या मा गाँव के मनखे मन उपस्थित रहिन।