जीपीएम जिले में 17 सितंबर से शुरू होगा ‘सेवा संकल्प अभियान’
25 वर्षों की जनसेवा और ‘विकसित भारत-2047’ के संकल्प को मिलेगी नई गति
रायपुर: गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की जनसेवा के प्रति आभार व्यक्त करने और ‘विकसित भारत-2047’ के सामूहिक संकल्प को बढ़ावा देने के लिए 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक महीने भर चलने वाला ‘सेवा संकल्प अभियान’ आयोजित किया जाएगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना और उन्हें योजनाओं का सीधा लाभ दिलाना है।
कलेक्टर विजय दयाराम के. ने तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को बेहतर समन्वय और समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश दिए हैं। जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे को इस अभियान का जिला नोडल अधिकारी बनाया गया है।
अभियान के दौरान आयोजित होने वाली मुख्य गतिविधियां इस प्रकार हैं:
1. आशीर्वाद का दीया (17 सितंबर)
- अभियान का शुभारंभ शाम को जिले के हर घर में दीप प्रज्वलित कर किया जाएगा।
- यह दीप जनसेवा के प्रति आभार और ‘विकसित भारत-2047’ के संकल्प का प्रतीक होगा। मैदानी अमला घर-घर जाकर नागरिकों को इसमें शामिल होने के लिए प्रेरित करेगा।
2. 25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत (17 सितंबर से 7 अक्टूबर)
- जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा।
- बच्चे अपनी कला और विचारों के माध्यम से विकसित भारत की अपनी कल्पना प्रस्तुत करेंगे। उत्कृष्ट प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया जाएगा और श्रेष्ठ कलाकृतियों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी।
3. नमो सेवा गाथा (17 सितंबर से शुरू)
- जिले के प्रमुख स्थानों पर नुक्कड़ नाटकों का आयोजन किया जाएगा।
- इनके माध्यम से जनहितकारी योजनाओं और उनसे लोगों के जीवन में आए बदलावों की जानकारी रोचक ढंग से देकर नागरिकों को योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
4. आंगन का उत्सव (25 सितंबर से 7 अक्टूबर)
- सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में पोषण, मातृ सहायता, टीकाकरण तथा महिला एवं बाल कल्याण योजनाओं की जानकारी दी जाएगी।
- स्वास्थ्य और पोषण जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया जाएगा।
5. कहानी बदलाव की
- सरकारी योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों की वास्तविक सफलता की कहानियों (Success Stories) का संकलन किया जाएगा।
- इन कहानियों के माध्यम से अन्य पात्र नागरिकों को भी योजनाओं से जुड़ने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।