‘नरवा ले सुखात तरिया मा जलभराव: घाम अउ गरमी ले मिलिस बड़े राहत’
- 4755 तरिया हलबल भरगे
- मुकयमंतरी साय के मंसा के मुताबिक सुखात तरिया ल ‘जीवनदान’ दे बर जल संसाधन विभाग के बिसेस अभियान
रायपुर, ए बखत के भारी गरमी मा तरिया के पानी कम होय ले परेसान मनखे मन ल राहत पहुंचाय बर जल संसाधन विभाग ह बिसेस अभियान चलावत हे। ए अभियान के तहत, परदेस मा सुखात 4 हजार 755 तरिया ल विभाग ह तुरते पहल करत नरवा (नहर) के जरिया भर दे हे। अउ जतका तरिया मा पानी के जरूरत हे, ओ मन ल भरे के काम घलो जोरों ले चलत हे।
बता दन कि अभी के तपत गरमी ह पूरा देस ल अपन चपेट मा ले ले हे, जेकर ले हमर छत्तीसगढ़ घलो अछूता नई हे। गरमी के सेती जमीन के पानी (जल स्तर) ह तेजी ले नीचे जावत हे अउ गांव-गंवई मा पानी के मुख्य साधन ‘तरिया’ घलो सुखावत रिहिस। अइसन मउका मा मनखे मन ल राहत पहुंचाय बर मुकयमंतरी विष्णु देव साय के मंसा के अनुरूप, विभाग ह तरिया ल भरे के काम ल तेजी ले बढ़ा दीस हे।
जल संसाधन विभाग ले मिले जानकारी के मुताबिक, सबले जादा रायपुर जिला मा निस्तारी बर तय 783 तरिया मा ले अब तक 663 तरिया मा नरवा ले पानी भर दे गे हे। ओसने बलौदाबाजार-भाटापारा जिला के 586 मा ले 504 तरिया, अउ धमतरी जिला के 508 मा ले 329 तरिया ल भर दे गे हे। अइसने परदेस के लगभग सबो जिला मा पानी भरे के काम चलत हे, ताकि गांव वाले ल निस्तारी (नहाये-धोये अउ मवेसी बर) के तकलीफ झन होवय।
ए बात घलो खास हे कि सिंचाई परियोजना के नरवा ले तरिया तक पानी पहुंचाना जल संरक्षण अउ ‘वाटर रिचार्ज’ बर एक बड़े अउ दूरगामी कदम साबित होवत हे। ए पहल ह सिरिफ़ सरकारी योजना नो हे, बल्कि पानी बचाय बर समाज मा जागरूकता घलो लावत हे। जब गांव के तरिया ह भरथे, त मनखे मन ल ओकर सीधा फायदा मिलथे।
नहर ले तरिया मा पानी छोड़े ले जमीन के भीतर के जल स्तर (भू-जल स्तर) घलो बढ़थे। पानी ह धीरे-धीरे जमीन मा रिसथे, जेकर ले आसपास के कुआं अउ हैण्डपम्प मा घलो पानी बने रहिथे। ए तरीका ले, तरिया के भरे ले जहां गांव वाले ल गरमी मा राहत मिलत हे, उहें पर्यावरण अउ पानी के बचाव बर घलो एहा एक बड़े सहारा बन गे हे।