जिंदगी के लड़ाई म बनिस सहारा: आयुष्मान भारत अउ महारानी अस्पताल ले कैंसर के मरीज मन ल मिलिस नवा उम्मीद
रायपुर. कैंसर जइसन गंभीर बीमारी आज घलोक डॉक्टरी दुनिया बर एक बड़े चुनौती बने हे, जेहा मरीज मन ल सरीर के संग-संग आर्थिक रूप ले घलोक प्रभावित कर देथे। अइसन कठिन बखत म ‘आयुष्मान भारत योजना’ अउ जगदलपुर के ‘महारानी अस्पताल’ कैंसर ले जूझत मरीज मन बर एक मजबूत सहारा बनके आगू आए हें। इहाँ इलाज करावत कतकोन मरीज मन के कहानी ए बात के गवाही देवत हे कि अब कम साधन के बाद घलोक बने उपचार संभव हो पावत हे।
जगदलपुर के रहइया अनीता महावर, जेहा एक छोटे से किराना दुकान चलाथे, वो कैंसर के आखिरी (चौथे) चरण ले लड़त हे। पहिली इलाज बर वो ह हैदराबाद गे रिहिस, जिहाँ सर्जरी अउ बाकी काम म लगभग 20 ले 25 लाख रूपया तक खरचा हो गे। जब आर्थिक स्थिति कमजोर होगे, तब आयुष्मान कार्ड ओखर बर जीवनदान साबित होईस। पिछला दू साल ले वो ह महारानी अस्पताल म इलाज करावत हे, जिहाँ ओला मुफ्त म दवाई अउ डॉक्टर मन के देखरेख के लाभ मिलत हे। वो ह बताथे कि इहाँ मिलत सहयोग ह ओला मन ले घलोक मजबूत बनाय हे अउ अब वो ह हिम्मत के संग बीमारी के सामना करत हे।
एही अस्पताल म एक ऑटो चलाय वाला के घरवाली गौरी मिश्रा के घलोक इलाज चलत हे। कम कमाई वाले परिवार बर प्राइवेट अस्पताल के खरचा उठाना मुस्किल रिहिस, फेर सरकारी अस्पताल के सुलभ अउ मुफत सेवा मन ह ओला इलाज के भरोसा दिस हे।
उहें, अस्पताल म काम करइया नर्सिंग मेट्रन लक्ष्मी टांडिया घलोक ओवरी कैंसर ले जूझत हे। वो ह लगभग दू साल तक बाहिर इलाज कराइस, जेमा बहुत खरच आइस। अभी वो ह पिछला डेढ़ महिना ले आयुष्मान भारत योजना के तहत महारानी अस्पताल म इलाज करावत हे, जिहाँ ओला महँगा दवाई मन घलोक मुफ्त म मिलत हे।
मरीज मन के अनुभव बताथे कि आयुष्मान भारत योजना ह गरीब अउ मध्यम वर्ग बर इलाज के डगर ल आसान कर दे हे। अब मनखे मन ल गंभीर बीमारी के इलाज बर बड़े सहर मन कोती जाय के मजबूरी कम हो गे हे। महारानी अस्पताल के बने व्यवस्था अउ सेवा भाव ह सिरिफ इलाज नई देवत हे, बल्कि मरीज मन म नवा उम्मीद अउ बिसवास घलोक जगावत हे।
आज महारानी अस्पताल सिरिफ एक इलाज के केंद्र नई हे, भल्कुन संघर्ष करत मरीज मन बर जिंदगी के नवा शुरुआत के प्रतीक बनके उभरत हे।