आधारभूत जिनगी बर ‘कॉमन्स’ (साझा संसाधन) ह बहुत जरूरी
मुख्यमंत्री के अध्यक्षता मा पेसा (PESA)-एफआरए (FRA) समन्वय बर जल्द ही टास्क फोर्स के गठन होही – प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा
विद्वान मन के ‘स्टेट कॉमन्स कन्विनिंग’ चर्चा ले जे तथ्य निकलही, ओ ह राज्य के नीति बनाय मा सहायक होही
जल, जंगल, जमीन, संस्कृति अउ पर्यावरण, पुरखा मन के धरोहर ला बचाय मा कॉमन्स के बड़े भूमिका – श्री बोरा
दो दिन के ‘छत्तीसगढ़ कॉमन्स कन्विनिंग’ कार्यशाला के सुरुआत
रायपुर. आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री बोरा ह कहिन कि ‘कॉमन्स’ (साझा संसाधन) ऊपर आदिवासी समाज के अटूट बिसवास ओमन के मजबूती अउ सशक्तिकरण ले जुड़े हे। ओमन कहिन कि जल, जंगल, जमीन, संस्कृति, पर्यावरण अउ हमर पुरखा मन के धरोहर ला बचाय अउ ओला आगू बढ़ाय मा कॉमन्स के बड़ प्रभावी भूमिका हे।
ओमन कहिन कि जदि हमन “न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन” के गोठ करबो, त स्थानीय मनखे मन नीति मन ला लागू करे मा सबले आगू हें। श्री बोरा ह बताइन कि नीतिगत बदलाव बर सरकार एक समर्पित टास्क फोर्स बनाय के तैयारी मा हे। ए टास्क फोर्स के मकसद पूरा राज्य मा पेसा (PESA) अउ वन अधिकार कानून (FRA) के बीच सही तालमेल बना के ओला अउ जादा प्रभावी ढंग ले लागू करना हे।
ए कॉमन्स सम्मेलन मा सांस्कृतिक अउ पारंपरिक नजरिया ला केंद्र मा रखे गे रिहिस, जेकर सुरुआत पद्मश्री सम्मान ले सम्मानित जागेश्वर यादव, पांडी राम मंडावी अउ गौर मारिया नाच के कलाकार लक्ष्मी सोरी जइसन सम्मानीय पाहुना मन के गोठ-बात ले होईस।साझा प्राकृतिक संसाधन (कॉमन्स) के सुशासन अउ समाज द्वारा ओकर संरक्षण ऊपर अधारित दो दिन के “छत्तीसगढ़ कॉमन्स कंवीनिंग” के सुरुआत आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ह करिन। ए कार्यशाला नवा रायपुर के सेक्टर-24 मा स्थित ‘ट्राइबल रिसर्च एंड ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट’ मा होवत हे।ए आयोजन ला छत्तीसगढ़ सरकार के जनजातीय विकास विभाग के सहयोग ले “प्रॉमिस ऑफ कॉमन्स” पहल के तहत अलग-अलग साझेदार संस्था मन डाहर ले करे जात हे। बिहनिया यानी 10 अप्रैल के मुख्य सचिव विकास शील ह जनजातीय नीति ऊपर चर्चा मा सामिल होही। ओही डाहर समापन कार्यक्रम मा आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम ह सामिल होही।
जल, जंगल, जमीन, संस्कृति अउ पर्यावरण के धरोहर ला बचाय अउ ओला सहेज के रखे मा ‘कॉमन्स’ के बड़े भूमिका
श्री बोरा ह कहिन कि एकर अलावा प्राकृतिक संसाधन अउ हमर आदिवासी समाज के धरोहर के बीच के गहरा जुड़ाव ला देखत हुए, सरकार ह एक खास स्टूडियो बनाय के योजना ऊपर काम करत हे। ओमन बताइन कि ये प्रोजेक्ट जल्दी ही सबके साम्हु आही। ये स्टूडियो मा हमर पारंपरिक लोक गीत अउ देसी बाजा मन के धुन ला रिकॉर्ड करे जाही, ओकर दस्तावेजीकरण करे जाही, ओला दुनिया मा पहचान दिलाय जाही अउ ओकर ‘कॉपीराइट’ (हक) ला सुरक्षित रखे बर काम करे जाही।ए साझा संसाधन (कॉमन्स) मन ला बचाय के बारे मा श्री बोरा ह कहिन कि आज के दुनिया मा वैश्वीकरण अउ आधुनिक रहन-सहन जइसन चुनौती मन के बीच हमन ला एक संतुलित रस्ता अपनाय बर परही। हमन ला ये सोचना हे कि साझा ज्ञान के विकास कइसन करे जाय अउ अपन इच्छा, अपन पुरखा मन के धरोहर अउ अपन भविष्य ला कइसन अउ बेहतर बनाय जाय।
राज्य के बड़े प्राकृतिक संसाधन मन ला बचाय मा समाज के देख-रेख के बड़े भूमिका
आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव ह कहिन कि ये सम्मेलन गोठ-बात अउ चर्चा बर एक बड़ मंच साबित होय हे, जेमा छत्तीसगढ़ अउ दूसर राज्य मन के अलग-अलग कोना ले 300 ले जादा मनखे सामिल होय हें। ए मन मा अलग-अलग संस्था मन के नीति विशेषज्ञ, पंचायत मन के प्रतिनिधि, शोधकर्ता अउ समाज बर काम करइया सदस्य मन हें।ये जम्मो मनखे छत्तीसगढ़ मा 70 लाख एकड़ जमीन, जेला ‘कॉमन्स’ (साझा संसाधन) माने गे हे, ओकर ऊपर चर्चा करे बर जुरे हें। ए जमीन मा जंगल, चरई बर घास के मैदान अउ पानी के स्रोत मन सामिल हें, जे ह गाँव अउ आदिवासी मनखे मन बर जिनगी के अधार (लाइफलाइन) आय। ‘कॉमन्स कन्विनिंग’ के पहिली दिन, जानकार मन ह राज्य के एतका बड़े प्राकृतिक संसाधन मन ला सुरक्षित रखे बर समाज डाहर ले सामुहिक देख-रेख के भूमिका ऊपर जोर दीन।