तालाब मोर बर सिरिफ एक ठन गड्ढा नोहे, भविष्य के आस ए: सासन के 2.75 लाख रुपिया ले तालाब के निर्माण
बछर 2025-26 के तहत जिला मा 501 आजीविका डबरी के निर्माण
रायपुर. महासमुंद जिला के बागबाहरा विकासखंड के ग्राम पहरनादादर मा रहइया बिसाहिन बाई कभू सिरिफ अगास (बरसात) के खेती ऊपर भरोसा रखे राहय। पानी गिरइ के कोनो भरोसा नई होवे के सेती फसल कम होवत राहय, जेकर ले बिसाहिन के परिवार के गुजारा मुस्किल ले चलत राहय। थोकन साधन अऊ आय के कोनो ठिकाना नई होवे के कारन जिनगी संघर्ष ले भरे राहय।
फेर, पंचायत अऊ ग्रामीण विकास विभाग के डाहर ले सुरू करे गे ‘कृषि तालाब निर्माण योजना’ ह ओकर जिनगी के रद्दा ल बदल दीस। सासन कोति ले तालाब बनाय बर 2 लाख 74 हजार 999 रुपिया के मंजूरी मिलीस, जेमा ले 2 लाख 49 हजार 613 रुपिया के लागत ले एक ठन बढ़िया सीढ़ीनुमा कृषि डबरी के निर्माण करे गीस।
ए तालाब ह जल संचयन (पानी बचाय) के एक ठन बढ़िया नमूना बन गे हे। लगभग 20×20 मीटर के ए डबरी मा करीब 894 घन मीटर पानी जम्मे करे के छमता हे, जेकर से सूखा के बखत मा घलो ओखर बर वरदान साबित होवत हे। जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार ह बताईस कि वित्तीय बछर 2025-26 के तहत जिला मा 501 आजीविका डबरी के निर्माण करे गे हे।
बिसाहिन बताथे कि डबरी मा पानी भरते खानी ओ ह परम्परागत खेती के संग-संग मछरी पालन घलो सुरू कर दीस। पहिली जिहां ओ ह सिरिफ एक ठन फसल ऊपर भरोसा रखे राहय, अब ओ ह मछरी बेचके अऊ जादा पइसा कमाय ला धर लीस हे। ए नवा कोसिस ले ओकर बछर भर के आय मा बढ़िया बढ़ोत्तरी होईस हे। संग मा, अब खुद के पानी के साधन होय के सेती ओ ह रबी के फसल अऊ साक-भाजी के खेती घलो असानी ले करत हे।
बिसाहिन के कहना हे कि एक कोति जिहां ए तालाब ह सिंचाई के पक्का साधन बनिस, ओती दूसर कोति मछरी पालन ले ओला दोहरा कमाई होय ला धरलीस। एखरे संग ए काम ले जुड़े दूसर बुता, जैसे—चारा बनाना अऊ जाल बुनना, गाँव के आन महिला मन बर घलो रोजगार के नवा रद्दा खोल दीस।
बिसाहिन ‘जय सतनाम महिला स्वयं सहायता समूह’ ले जुड़े हे, जेकर संचालन ‘लोकोस ऐप’ के जरिया ले करे जाथे। ए समूह ले जुड़ के ओला कम ब्याज मा करजा (ऋण) मिलीस, जेकर ले ओ ह मछरी के बीज अऊ चारा खरीदीस। समूह के सेती ओकर आर्थिक हालत मजबूत होईस अऊ सब झन के विकास के रद्दा घलो खुल गीस। अब समूह के आन महिला मन घलो बिसाहिन ले सीख के तालाब के तीर मा बड़ी निरमान अऊ साक-भाजी उगाय जैसे छोटे-बड़े काम सुरू करे के योजना बनावत हें।
आज बिसाहिन एक साधारण किसान ले आगू बढ़ के एक ठन सफल उद्यमी के रूप मा पहिचान बना चुके हे। ओकर आत्मविश्वास अऊ मेहनत गाँव के आन महिला मन बर प्रेरणा बन गे हे। बिसाहिन खुद कहिथे—
“ए तालाब ह मोर बर सिरिफ एक ठन गड्ढा नोहे, भलुक मोर भबिस्य के उम्मीद आय। अब मोला पानी बर दूसर मन ऊपर भरोसा नई रहे ला पड़य अऊ मछरी मन ह मोर कमाई ला दुगुना कर दीन।