पोषण 2.0 के सही ढंग ले काम करे ले ही कुपोषण मा लगही बड़े लगाम: संचालक डॉ. रेणुका श्रीवास्तव
महिला अउ बाल विकास विभाग के राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक मा दीन कड़क निर्देश
आंगनबाड़ी सुबिधा, फंड के उपयोग अउ कुपोषण मुक्ति मा खास जोर
रायपुर. महिला अउ बाल विकास विभाग के संचालक डॉ. रेणुका श्रीवास्तव ह आईसीडीएस (ICDS) के तहत “सक्षम आंगनबाड़ी अउ पोषण 2.0” कार्यक्रम के राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक लिन। ओमन जम्मो जिला कार्यक्रम अधिकारी मन ला जरूरी निर्देश देवत कहिन कि जोजना मन के काम, पइसा के खरचा अउ जमीनी स्तर मा आवेइय्या दिक्कत मन ला दूर करे जाय।
बैठक मा सुपोषण अभियान बर मिले फंड अउ ओकर ले जुड़े समस्या मा खास गोठ-बात होइस। आंगनबाड़ी केंद्र ला सुधारे अउ मानदेय (Salary) भुगतान के हाल-चाल घलो लिन। संचालक ह निर्देश दीन कि जम्मो जिला मा मिले पइसा के सही समय मा अउ साफ-सुथरा ढंग ले उपयोग होना चाही।
डॉ. श्रीवास्तव ह 100 मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र बर जारी पइसा अउ खरचा के जाँच करिन अउ निर्माण काम मा गुणवत्ता (Quality) बनाय रखे बर कहिन। संग मा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अउ सहायिका के खाली पद ला घलो जल्दी भरे के निर्देश दीन।
बैठक के कुछु अउ खास बात:
- भत्ता भुगतान: सेक्टर पर्यवेक्षक, कार्यकर्ता अउ सहायिका के यात्रा भत्ता (TA) मा कोनो देरी नई होना चाही।
- नवा जोजना: कुपोषण उन्मूलन बर बछर 2026-27 के ठोस कार्ययोजना बनाय के निर्देश दीन।
- मशीन अउ डेटा: पोर्टल मा डेटा एंट्री ला समय मा पूरा करे अउ सैनिटरी वेंडिंग मशीन, इंसिनरेटर मशीन अउ वजन मशीन मन ला सुधारे अउ चालू रखे बर कहिन।
संचालक डॉ. रेणुका श्रीवास्तव ह कहिन कि जोजना के असली लाभ आखिरी मनखे तक पहुँचना चाही। एकर बर फील्ड मा जाके काम करना अउ समय मा लक्ष्य ला पूरा करना जम्मो अधिकारी के जिम्मेदारी हे। बैठक मा जम्मो जिला के अधिकारी अउ विभाग के बड़े अधिकारी मौजूद रहिन।