सुशासन के नवा मिसाल
नारायणपुर के सबले दूरिहा ‘लंका’ गांव तक पहुचिस प्रशासन गांव वाले मन बर खुलि गे विकास के दुआर
रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के अगुवाई अउ जिला प्रशासन के बढ़िया देख-रेख मा नारायणपुर जिला मा विकास अउ सुशासन के नवा कहानी लिखे जात हे। जिला के ओरछा विकासखंड के सबले दूरिहा अउ दुर्गम कोना मा बसे ‘लंका’ गांव मा दो दिन के खास सिबिर (शिविर) लगाके प्रशासन ह ये बात ला सच कर देखाइस कि विकास के अंजोर अब आखिरी मनखे तक पहुचत हे।
कठिन रद्दा ला पार करकें गांव वाले के दुआर पहुचिस ‘सुशासन’
जिला मुख्यालय ले लगभग 130 किलोमीटर दूरिहा अउ इन्द्रावती नदी के तीर मा बसे लंका गांव, जेला कभू नक्सल प्रभावित इलाका माने जात राहिस, ओती आजादी के बाद पहिली बार जिला स्तरीय प्रशासनिक सिबिर के आयोजन करे गिस। जिला प्रशासन के टीम ह नदिया-नरवा अउ पहाड़ के कठिन रद्दा ला पार करकें गांव वाले तक पहुचिन। उमन न केवल मनखे मन के दुख-पीरा अउ समस्या ला सुनिन, बल्कि ओही जगा (मौका मा) ओकर समाधान घलो करिन।
सुशासन एक्सप्रेस बनिस गांव वाले मन बर वरदान
ये सिबिर (शिविर) मा सबले बड़े आकर्षण ‘सुशासन एक्सप्रेस’ राहिस। वाई-फाई ले लैस ये मोबाइल सेवा गाड़ी ह गांव वाले तकनीकी अड़चन ला दूर कर दिस। ये गाड़ी के मदद ले तुरंत आधार कार्ड, जाति, निवास अउ आय प्रमाण पत्र के साथे-साथ 27 किसम के जरूरी कागजात (दस्तावेज) ओही जगा बनाके दे गिस। एकर ले गांव वाले मन ला छोटे-छोटे काम बर बार-बार जिला मुख्यालय के चक्कर काटे के मजबूरी ले छुटकारा मिलिस। सुशासन एक्सप्रेस के माध्यम ले अब तक कुल 17,520 आवेदन मन के झटकुन निपटारा करके एक रिकॉर्ड बनाए गे हे।
सिबिर मा आवेदन के झड़ी
दो दिन के ये सिबिर मा लंका के साथे-साथे तीर-तखार के पांच गांव के मनखे मन भारी संख्या मा जुड़िन। कुल 310 आवेदन मिलिस, जेमा ले 242 आवेदन मन के निपटारा ओही बखत कर दे गिस। ये सिबिर मा खास रूप ले:
- प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के 179 आवेदन
- मनरेगा जॉब कार्ड के 34 आवेदन
- राशन कार्ड के 25 आवेदन
- स्वास्थ्य विभाग ले जुड़े 18 आवेदन प्रमुख राहिन।
कलेक्टर नम्रता जैन ह कहिन: “नियद नेल्लानार योजना के तहत लगाए गे ये सिबिर ह अबूझमाड़ अइसन दुर्गम इलाका मा सरकार के मजबूत उपस्थिति के प्रमाण आय। एकर ले न केवल गांव वाले के भरोसा प्रशासन ऊपर बढ़े हे, बल्कि विकास के मुख्यधारा ले जुड़े के ओमन के सपना घलो पूरा होत हे। आघू 29 अउ 30 अप्रैल के सिबिर के आयोजन आदनार मा करे जाही, जेमा मलमेटा, कोंजे अउ बोडुम के गांव वाले ला फायदा मिलही। सुशासन के ये सफर अइसने लगातार चलत रही।”