कोरा मा उठाइन, चश्मा पहिराइन… भैंसामुड़ा मा दिखिस मुख्यमंत्री के मयारू रूप
- नन्हीं मानविका के सपना ला मिलिस मुख्यमंत्री के मयारू परस
- भैंसामुड़ा मा ये मयारू मुलाकात ह सबो के दिल ला जीत लिस
- “डॉक्टर बनना हे” सुन के मुसकुराइन मुख्यमंत्री, बढ़ाइन ओकर हौसला
रायपुर. सुशासन तिहार के बखत जशपुर जिला के ग्राम भैंसामुड़ा मा एक अइसन मयारू अउ भावुक नजारा आघू आइस, जे ह उहाँ ठाढ़े हर एक मनखे के मन ला गहिर ले छू लिस अउ पूरा माहौल मा मया भर दिस। ये नजारा ह ओ मानवीय बेवहार के जिन्दा मिसाल बन गे, जहाँ सरकार अउ संवेदना एक संग दिखथें।
सुशासन तिहार के बखत जइसने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नजर 4 बछर के नन्हीं लइका मानविका चौहान ऊपर परिस, ओ ह सहज भाव ले ओकर तीर मा पहुँच गिन। ओकर ये सीधा अउ मयारू कदम ह पूरा माहौल ला अपनत्व के वातावरण मा बदल दिस।
मुख्यमंत्री श्री साय ह मया मा लइका ला अपन कोरा मा उठाइन अउ मुसकुरावत ओकर ले गोठ-बात करे लगिन। ओकर चेहरा मा झलकइया मया अउ बेवहार के सरलता ये बात ला बतावत रिहिस कि असली नेता उही होथे, जे मनखे मन के बीच मा जाके ओमन के अपनपन ला महसूस करथे। मुख्यमंत्री श्री साय के पूछे मा जब मासूमियत ले मानविका ह तुतरावत कहिस— “मोला डॉक्टर बनना हे”, त ओ छोटे कन गोठ मा एक बड़े सपना के झलक साफ दिखत रिहिस। एला सुन के मुख्यमंत्री श्री साय के चेहरा मा एक मयारू हाँसी आ गे। ओमन ह पूरा अपनपन के संग लइका ला असीस (आशीर्वाद) दिन अउ ओकर बढ़िया भविष्य के कामना करिन। ये गोठ-बात भले कुछ छन के रिहिस, फेर ओमा जउन भाव रिहिस, ओ ह उहाँ ठाढ़े हर मनखे ला ये महसूस कराइस कि छोटे लइका मन के सपना ला घलो बढ़ावा दे के काम मुख्यमंत्री ह करत हें। एही मया मा मुख्यमंत्री श्री साय ह अपन तीर मा रखे चश्मा ला निकाल के बड़े दुलार ले लइका ला पहिरा दिन अउ ओला पुचकारत ओकर हौसला बढ़ाइन।
मानविका के महतारी दीपांजलि चौहान ह बताइस कि ओकर बेटी ह मुख्यमंत्री ले मिले बर गजब उत्साहित रिहिस अउ ओमन ले मिल के ओ ह भारी खुश होइस। ओ ह ये मयारू बेवहार बर मुख्यमंत्री के आभार जतावत कहिस कि— “ये ह हमर परिवार बर कभू नइ भुलाय वाला एक यादगार अनुभव बन गे हे।”
ये पूरा घटना ह संवेदनशील अउ जनसरोकार ले जुड़े नेता के एक जिन्दा मिसाल बन गे, जहाँ सरकार ह सिरिफ़ योजना अउ नियम तक सीमित नइ रहय, बल्कि मया, गोठ-बात अउ भरोसा के माध्यम ले सीधा मनखे मन के दिल मा अपन जगह बना लेथे।