सुरक्षित मातृत्व के मिसाल
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना ले संवरिस निशा पटेल के रद्दा
रायपुर, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना ह भारत सरकार द्वारा चलाए जावत एक कल्याणकारी योजना आय, जेकर उद्देश्य ह गरभबती (गर्भवती) अउ लइका ला दूध पियावत (स्तनपान कराने वाली) माई लोगन मन ला आर्थिक मदद देना हे ताकि ओमन गरभ के बखत अपन अउ अपन लइका के सेहत के सही तरीका ले ध्यान रख सकें।
महिला अउ बाल विकास विभाग द्वारा चलाए जावत ‘प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना’ (PMMVY) ह गरभबती माई लोगन अउ धात्री माताओं मन बर एक बरदान साबित होत हे। आर्थिक मदद के संग-संग सही पोसन अउ सेहत के देख-रेख पक्का करइया ए योजना ह बीजापुर जिला के निशा पटेल के जिनगी म खुसहाली के नवा रंग भर दे हे।
नांव लिखाय ले लेके जनम (प्रसव) तक विभाग के लगातार साथ
बीजापुर परियोजना के चांदनी चौक आंगनबाड़ी केंद्र के हितग्राही निशा पटेल के गरभबती होय के जानकारी मिलत ही आंगनबाड़ी स्तर म ओकर नांव लिखाए गीस। सेक्टर पर्यवेक्षक गीता कन्नौजे अउ कार्यकर्ता सरोज नेताम ह सिरिफ सरकारी कागजी काम ला पूरा नहीं करिन, भलुक निशा ला माई बने के हर सीढ़ी (चरण) बर तइयार घलो करिन।
पोसन अउ अहार (आहार) म नवा काम
निशा ला गरभ के बखत अलग-अलग किसम के पौष्टिक अहार ले बर प्रेरित करे गीस। ओला आंगनबाड़ी ले मिलइया ‘रेडी टू ईट’ पैकेट के अउ अच्छा उपयोग करना सिखाय गीस। ताकतवर लड्डू, खीर, हलवा, चीला अउ दलिया जइसन सुघर खाय के चीज ला रोज के अहार म सामिल करे गीस। समे-समे म सेहत के जांच, आयरन-फोलिक एसिड के गोली खाना अउ अस्पताल म लइका होय (संस्थागत प्रसव) के महातम ऊपर लगातार सलाह दिए गीस।
आर्थिक सहायता, समे म मिलिस सहारा
योजना के नियम के हिसाब ले निशा पटेल ला दो कइस (किश्तों) म कुल 5 हजार रूपया के सहायता राशि मिलीस। पहिली कइस के रूप म 3 हजार रूपया ह गरभ के सुरूआती दिन मन म अउ सरत ला पूरा करे म मिलीस, ए रकम के उपयोग ओ ह पौष्टिक फल, दूध अउ दवई बर करिस। दूसरी कइस के 2 हजार रूपया ह लइका के जनम अउ पहिली चक्र के टीका लगे के बाद सीधा ओकर बैंक खाता म जमा (हस्तांतरित) करे गीस।
सफलता के सुघर नतीजा
सही देख-रेख अउ पोसन के ही नतीजा रहिस कि 11 अक्टूबर 2025 को निशा ह एक सुघर अउ तंदुरुस्त लइका ला जनम दिस, जेकर वजन 3.200 किलोग्राम रहिस हे। फायदा पइय्या निशा पटेल ह कहिस कि प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना ले मिले आर्थिक मदद अउ आंगनबाड़ी दीदी के देख-रेख ह मोर गरभ के दिन ला असान बना दिस। आज मोर लइका ह तंदुरुस्त हे अउ मंय घलो सुरक्षित हों।
समाज ऊपर असर
बीजापुर के वार्ड पंच महावीर राणा के मुताबिक ए योजना ह सिरिफ आर्थिक मदद नो हे, भलुक ए ह दाई अउ लइका के मउत के दर (मातृ एवं शिशु मृत्यु दर) ला कम करे अउ समाज म सेहत के प्रति चेतना (जागरूकता) लाय के एक बड़ मजबूत माध्यम आय। निशा पटेल के ए कहानी ह साबित करथे कि जब सरकार के योजना के लाभ ह सही समे म अउ विभाग के मिहनत के संग मिलथे, त समाज के आखिरी कोना म बइठे माई लोगन मन के जिनगी घलो सुरक्षित अउ मजबूत होथे।