आईबीसी24 स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप 2026
रायपुर: शिक्षा किसी भी समाज और राज्य के विकास का मूल आधार होती है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा बच्चों को आगे बढ़ने का अवसर देती है और रोजगार उनके सपनों को साकार करने का मजबूत आधार बनता है। छत्तीसगढ़ सरकार उत्कृष्ट शिक्षा, आधुनिक तकनीक और नए अवसरों के माध्यम से प्रदेश के बच्चों और युवाओं का भविष्य संवारने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। गांवों से लेकर सुदूर वनांचलों तक बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ ही उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं और भविष्य की तकनीक के लिए तैयार किया जा रहा है।
यह बातें मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर के जोरा स्थित एक निजी होटल में आयोजित IBC24 ‘स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप 2026’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहीं। इस गरिमामयी समारोह में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी संभागों की टॉपर छात्राओं को सम्मानित कर उन्हें स्कॉलरशिप प्रदान की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
टॉपर ओमनी वर्मा और उनके विद्यालय को 1-1 लाख रुपये का पुरस्कार
समारोह में कक्षा 12वीं की परीक्षा में पूरे छत्तीसगढ़ में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली बेमेतरा की छात्रा ओमनी वर्मा को मुख्यमंत्री ने ₹1,00,000 का चेक और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया। इसके साथ ही उनकी शैक्षणिक संस्था स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम कन्या विद्यालय, बेमेतरा को भी ₹1,00,000 की राशि का चेक प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले विशिष्टजनों को सम्मानित किया तथा बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने वाली पुस्तक ‘मेधा’ का विमोचन भी किया।
मिट्टी के स्कूल से राष्ट्रीय संस्थानों तक की विकास यात्रा
प्रतिभावान विद्यार्थियों से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने अपने विद्यार्थी जीवन के संस्मरण साझा किए। उन्होंने बताया:
- उनकी प्रारंभिक शिक्षा उनके गृहग्राम बगिया की प्राथमिक शाला में हुई थी, जो मिट्टी का बना हुआ एक छोटा सा भवन था।
- तब से लेकर आज तक छत्तीसगढ़ ने शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है।
- आज राज्य में स्कूल से लेकर उच्च शिक्षा तक का एक व्यापक नेटवर्क तैयार हो चुका है। प्रत्येक विकासखंड में कॉलेज उपलब्ध हैं, वहीं IIT, IIM और AIIMS जैसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय संस्थान छत्तीसगढ़ में सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं।
- बस्तर के जगरगुंडा और ओरछा जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में शांति स्थापना के साथ ‘एजुकेशन सिटी’ की शुरुआत की जा रही है।
34 नालंदा परिसर और ट्राइबल यूथ हॉस्टल से मिला नई उम्मीदों को पंख
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए राज्य सरकार कई बड़े कदम उठा रही है:
- नालंदा परिसर: प्रदेश में 34 स्थानों पर नालंदा परिसर विकसित किए जा रहे हैं, जहां युवाओं को शांत और सुविधायुक्त माहौल में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने का अवसर मिलेगा।
- ट्राइबल यूथ हॉस्टल (नई दिल्ली): देश की राजधानी नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ के जनजातीय युवाओं के लिए 200 बिस्तरों वाला हॉस्टल निःशुल्क संचालित हो रहा है। इस वर्ष यहां रहकर तैयारी करने वाले 13 विद्यार्थियों ने UPSC की प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण की है।
छत्तीसगढ़ एआई (AI) मिशन और 500 करोड़ रुपये का प्रावधान
बदलती वैश्विक तकनीक के साथ कदम मिलाने के लिए राज्य सरकार नई पीढ़ी को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी आधुनिक तकनीकों से जोड़ने जा रही है। इसके लिए छत्तीसगढ़ एआई मिशन की शुरुआत की गई है, जिसमें ₹500 करोड़ का बजटीय प्रावधान रखा गया है। इसका उद्देश्य राज्य के विद्यार्थियों को भविष्य के तकनीकी रोजगारों और नवाचारों के लिए सक्षम बनाना है।
बस्तर में शांति, स्वास्थ्य और विकास की नई सुबह
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में सुरक्षा बलों के साहस से बस्तर में शांति का माहौल बना है:
- तिरंगा फहराया गया: इस स्वतंत्रता दिवस पर बस्तर के 92 ऐसे गांवों में पहली बार तिरंगा फहराया गया, जो पहले नक्सल प्रभावित थे।
- स्वास्थ्य एवं सुविधाएं: ‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान’ के तहत 34 लाख लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
- नियद नेल्लानार योजना: दूरस्थ क्षेत्रों तक राशन और बुनियादी सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं तथा 1 लाख से अधिक नए राशन कार्ड बनाए गए हैं।
पर्यटन और होमस्टे: वैश्विक पटल पर धुड़मारास
बस्तर का धुड़मारास गांव संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन (UNWTO) द्वारा दुनिया के सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांवों में शामिल किया गया है। यहां विदेशी पर्यटक होमस्टे में रहकर स्थानीय जनजातीय संस्कृति और खान-पान का अनुभव ले रहे हैं। राज्य सरकार होमस्टे को बढ़ावा देने के लिए ऋण और सब्सिडी की सुविधाएं प्रदान कर रही है।
8 लाख करोड़ रुपये का निवेश और बारिश के बाद रोजगार मेले
युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करने हेतु राज्य सरकार प्रतिबद्ध है:
- नई औद्योगिक नीति (2024-30): इसके तहत अब तक करीब 8 लाख करोड़ रुपये के MoU पर हस्ताक्षर किए जा चुके हैं।
- बीस्पोक नीति (Bespoke Policy): 1,000 से अधिक स्थानीय युवाओं को रोजगार देने वाले उद्यमियों के लिए विशेष प्रोत्साहन पैकेज का प्रावधान है।
- रोजगार मेले: बारिश के मौसम के तुरंत बाद प्रदेशभर में बड़े पैमाने पर रोजगार मेलों का आयोजन किया जाएगा ताकि स्थानीय युवाओं को सीधे औद्योगिक इकाइयों में नौकरियां मिल सकें।
गरिमापूर्ण उपस्थिति:
इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, सांसद रूपकुमारी चौधरी, राज्य गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष राजीव लोचन जी महाराज, गोयल ग्रुप ऑफ कंपनीज के चेयरमैन सुरेश गोयल, राजीव गोयल, दिनेश गोयल, रविकांत मित्तल सहित कई जनप्रतिनिधि, शिक्षाविद्, विद्यार्थी और नागरिक उपस्थित रहे।