राज्यपाल रमेन डेका ने निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के नए वेब पोर्टल का किया शुभारंभ
रायपुर: छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने आज राजभवन में छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग द्वारा तैयार किए गए नए आधिकारिक वेब पोर्टल (cgpurc.cgstate.gov.in) का डिजिटल बटन दबाकर विधिवत शुभारंभ किया। इस गरिमामय कार्यक्रम के अवसर पर छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष वी. के. गोयल सहित आयोग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं सदस्य विशेष रूप से उपस्थित रहे।
एक ही प्लेटफॉर्म पर मिलेगी सभी महत्वपूर्ण जानकारियां
इस नए और अत्याधुनिक वेब पोर्टल के प्रारंभ होने से प्रदेश के सभी निजी विश्वविद्यालयों से जुड़ी महत्वपूर्ण, प्रामाणिक और अद्यतन (अपडेटेड) जानकारियां अब छात्र-छात्राओं, अभिभावकों और शोधकर्ताओं को एक ही स्थान पर आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी।
पोर्टल के माध्यम से विश्वविद्यालयों में अध्यादेश (Ordinance) के आधार पर संचालित होने वाले विभिन्न शैक्षणिक पाठ्यक्रमों का पूरा विवरण, वार्षिक अकादमिक कैलेंडर, प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की संख्यात्मक जानकारी, विद्यार्थियों की अंकसूची (Marksheet), डिग्री तथा पिछले वर्षों के परीक्षा परिणामों का विवरण नियमित रूप से अपलोड किया जाएगा।
फीस संरचना से लेकर कैंपस प्लेसमेंट तक का ब्यौरा
उच्च शिक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुलभ बनाने के उद्देश्य से विकसित इस पोर्टल पर निम्नलिखित महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदर्शित की जाएंगी:
- शुल्क एवं संकाय विवरण: विश्वविद्यालयों द्वारा विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए लिया जाने वाला शुल्क, कार्यरत शैक्षणिक व गैर-शैक्षणिक अधिकारियों का ब्यौरा।
- शोध एवं समितियां: विभिन्न प्रशासनिक व अकादमिक समितियों के सदस्यों की सूची तथा पीएच.डी. (Ph.D.) शोध-निर्देशकों (Research Guides) की विस्तृत जानकारी।
- आधुनिक शैक्षणिक गतिविधियां: राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के क्रियान्वयन, नैक (NAAC) प्रत्यायन, अन्य राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के साथ हुए एमओयू (MoU), स्किल डेवलपमेंट, इनोवेशन और स्टार्टअप से संबंधित अपडेट्स।
- कैरियर और संसाधन: जॉब ओरिएंटेशन प्रोग्राम, कैंपस प्लेसमेंट के आंकड़े और ई-लाइब्रेरी (E-Library) से जुड़ी सुविधाएं।
पारदर्शिता और प्रभावी निगरानी को मिलेगा बढ़ावा
वेब पोर्टल में विश्वविद्यालयों की शैक्षणिक स्वीकृतियों, स्वीकृत पदों, भरे गए पदों तथा रिक्त पदों से संबंधित वास्तविक डेटा भी उपलब्ध कराने की विशेष व्यवस्था की गई है। इस नई व्यवस्था से राज्य के निजी विश्वविद्यालयों की अकादमिक एवं प्रशासनिक गतिविधियों में उच्च स्तर की पारदर्शिता आएगी, आम जनता और विद्यार्थियों के लिए सूचना प्राप्त करना बेहद सरल होगा, तथा विनियामक आयोग द्वारा विश्वविद्यालयों की प्रभावी मॉनिटरिंग और निगरानी करना संभव हो सकेगा।