समान नागरिक संहिता (UCC) पर राजनांदगांव में जनपरामर्श बैठक सम्पन्न: विभिन्न सामाजिक व राजनीतिक संगठनों ने दिए सुझाव
रायपुर: छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (UCC) को व्यावहारिक, समावेशी और जनोपयोगी बनाने की दिशा में राज्य शासन द्वारा गठित यूसीसी समिति ने जनपरामर्श की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसी कड़ी में राजनांदगांव के जिला पंचायत सभाकक्ष में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें समिति के सदस्यों—सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी एम.के. राउत, वरिष्ठ अधिवक्ता मोहन पवार एवं सेवानिवृत्त प्राचार्या डॉ. ज्योति रानी सिंह—ने विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधियों से सीधा संवाद किया।
बैठक में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, भरण-पोषण (मायने), बच्चा गोद लेने और लिव-इन संबंधों जैसे अहम विषयों पर खुलकर चर्चा की गई और पक्ष व विपक्ष में विभिन्न सुझाव प्राप्त हुए।
1. व्यापक जनभागीदारी और प्रमुख सुझाव
- शामिल क्षेत्र व समाज: बैठक में राजनांदगांव, कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई तथा मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिलों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इसमें सर्व आदिवासी समाज, गोंड समाज, उरांव समाज, बौद्ध, जैन, मुस्लिम, ईसाई, साहू, कलार, लोधी, यादव, पटेल, गड़रिया और सेन समाज सहित मां बमलेश्वरी ट्रस्ट समिति के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया।
- समान कानून की मांग: कई संगठनों ने सुझाव दिया कि धर्म, जाति या लिंग से परे हटकर सभी नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, गोद लेने और संपत्ति उत्तराधिकार में एक समान कानून लागू होना चाहिए।
2. ड्राफ्ट निर्माण की प्रक्रिया एवं ऑनलाईन सुझाव
- अंतिम ड्राफ्ट: समिति सदस्यों ने स्पष्ट किया कि राजनांदगांव में मिले सुझावों और प्रदेशभर से एकत्र किए जा रहे विचारों के आधार पर ही UCC का अंतिम ड्राफ्ट तैयार किया जाएगा।
- ऑनलाइन पोर्टल व ईमेल: आम नागरिकों को अपने सुझाव देने के लिए पोर्टल और ईमेल की सुविधा दी गई है:
- वेबसाइट: https://ucc.cgstate.gov.in/
- ई-मेल: ucc-chhattisgarh@cg.gov.in
3. अधिकारियों की उपस्थिति
बैठक के दौरान विधिक सलाहकार द्वारा पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन (PPT) के माध्यम से UCC के प्रावधानों की जानकारी दी गई। इस अवसर पर संभागायुक्त सत्यनारायण राठौर, राजनांदगांव कलेक्टर जितेन्द्र यादव, जिला पंचायत सीईओ दुर्गा प्रसाद अधिकारी तथा अपर कलेक्टर सी.एल. मारकंडेय सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे।