डिजिटल एडिक्शन किसी भी एडिक्शन से अधिक खतरनाक: राज्यपाल रमेन डेका
आईसीएफएआई विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षांत समारोह में राज्यपाल रमेन डेका ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस दौरान वर्ष 2025 और 2026 शैक्षणिक सत्र के विद्यार्थियों को विभिन्न संकायों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए मेडल और उपाधियां प्रदान की गईं।
दीक्षांत समारोह के मुख्य आंकड़े
- गोल्ड मेडल: 19 विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।
- सिल्वर मेडल: 16 विद्यार्थियों को प्रदान किए गए।
- कुल उपाधियां: स्नातकोत्तर और स्नातक स्तर के 504 विद्यार्थियों को डिग्री दी गई।
तकनीक का सदुपयोग और डिजिटल एडिक्शन
राज्यपाल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज डिजिटल एडिक्शन किसी भी अन्य एडिक्शन से अधिक खतरनाक बन चुका है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग मानव समाज के हित के अनुसार ही सीमित मात्रा में होना चाहिए। उन्होंने न्यूक्लियर एनर्जी, क्लाइमेट चेंज और माइक्रो प्लास्टिक जैसी वैश्विक चुनौतियों का जिक्र करते हुए सतत विकास को प्राथमिकता देने की बात कही।
कर्मयोग और जीवन का रोडमैप
राज्यपाल ने भगवत गीता के कर्मयोग का संदेश देते हुए विद्यार्थियों को अपने कर्म, पढ़ाई और लक्ष्य पर पूरी तरह केंद्रित रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि ज्ञान एक ऐसी पूंजी है जिसे कोई नहीं छीन सकता। विद्यार्थियों को अपने जीवन का स्पष्ट रोडमैप तैयार कर योजनाबद्ध ढंग से सफलता की ओर आगे बढ़ना चाहिए।
छत्तीसगढ़ को एजुकेशन हब बनाने पर जोर
राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में लौह अयस्क प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है जो देश की अर्थव्यवस्था का बड़ा आधार है। अब राज्य को एक प्रमुख एजुकेशन हब के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने विकसित भारत और पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य में युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
विशिष्ट जनों की उपस्थिति
समारोह में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड के सदस्य और डिफेंस साइंटिस्ट वी. सतीश रेड्डी तथा विश्वविद्यालय के कुलाधिपति आर.पी. कौशिक ने भी विचार रखे। स्वागत भाषण और प्रतिवेदन विश्वविद्यालय के कुलपति शिव दयाल पांडे ने प्रस्तुत किया, जिसमें शासी परिषद के सदस्य और विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।