बढ़ते शहरों के लिए बदलेगा इंफ्रास्ट्रक्चर का मॉडल, भविष्य की जरूरतों पर काम कर रही सरकार: अरुण साव
छत्तीसगढ़ के शहर तेजी से विस्तार कर रहे हैं और इसी के साथ आवास, पानी, परिवहन और कनेक्टिविटी जैसी बुनियादी सुविधाओं की मांग भी बढ़ रही है। सरकार अब शहरीकरण की रफ्तार को ध्यान में रखते हुए मौजूदा जरूरतों के साथ भविष्य की आवश्यकताओं के लिए भी अधोसंरचना तैयार करने पर जोर दे रही है। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने ‘विकसित छत्तीसगढ़ कॉन्क्लेव-2026’ में कहा कि मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर ही आर्थिक विकास की आधारशिला है।
नवा रायपुर में इकोनॉमिक टाइम्स ग्रुप द्वारा आयोजित कॉन्क्लेव के विशेष सत्र में साव ने कहा कि राज्य में अधोसंरचना विकास पर अब तक 12 हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जा चुके हैं। सड़क, परिवहन और कनेक्टिविटी के विस्तार के साथ आवास, जलापूर्ति और सार्वजनिक परिवहन जैसी सुविधाओं को भी मजबूत किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि शहरों में बढ़ती आबादी के साथ लोगों की जरूरतों का स्वरूप बदल रहा है। इसलिए शहरी सुविधाओं को केवल आज की जरूरत के हिसाब से तैयार करना पर्याप्त नहीं होगा। आने वाले वर्षों में शहरों पर बढ़ने वाले दबाव को देखते हुए आधुनिक और टिकाऊ अधोसंरचना विकसित करना जरूरी है।
उप मुख्यमंत्री के मुताबिक मजबूत सड़क और परिवहन नेटवर्क का फायदा आम लोगों के साथ उद्योग और व्यापार को भी मिलता है। बेहतर कनेक्टिविटी से आवागमन आसान होने के साथ आर्थिक गतिविधियों को गति मिलती है और निवेश के लिए अनुकूल माहौल तैयार होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य में अधोसंरचना विकास को प्राथमिकता दी जा रही है।
विभागीय संचालक नीलेश महादेव क्षीरसागर ने कॉन्क्लेव में बताया कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच भविष्य की जरूरतों के अनुरूप शहरों में सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के साथ जलापूर्ति और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने पर भी काम चल रहा है।
कॉन्क्लेव में छत्तीसगढ़ के विकास, शहरीकरण, अधोसंरचना और निवेश से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ। कार्यक्रम में इकोनॉमिक टाइम्स के सीनियर एसोसिएट एडिटर अर्पित गुप्ता, टीपीआरईसी के सीईओ एवं मैनेजिंग डायरेक्टर संजय बांगा और अनिएक्स के सीईओ नीरव शाह सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।