23 वर्षीय यश गुप्ता के नेत्रदान से दोबारा जगी उम्मीद, जिले में दूसरी पहल
परिजनों ने दुख की घड़ी में लिया नेत्रदान का निर्णय, जरूरतमंदों को दृष्टि मिलने की उम्मीद
रायपुर, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के ग्राम विजयपुर निवासी 23 वर्षीय यश गुप्ता के निधन के बाद उनके परिजनों ने नेत्रदान कर मानव सेवा की मिसाल पेश की है। युवा बेटे को खोने के दुख के बीच परिवार ने ऐसा निर्णय लिया, जिससे जरूरतमंद लोगों को नई रोशनी मिलने की उम्मीद है। जिले में यह दूसरा नेत्रदान है।
परिजनों की सहमति से पूरी हुई प्रक्रिया
यश गुप्ता, पिता स्वर्गीय अरविंद गुप्ता के निधन के बाद 22 अक्टूबर को परिजनों ने नेत्रदान के लिए सहमति दी। स्वास्थ्य विभाग और मेडिकल कॉलेज पेंड्री, राजनांदगांव की टीम ने आवश्यक चिकित्सकीय प्रक्रिया पूरी की। नेत्रदान से प्राप्त कॉर्निया के प्रत्यारोपण के जरिए पात्र जरूरतमंद लोगों को दृष्टि प्राप्त करने में मदद मिल सकती है।
स्वास्थ्य विभाग और मेडिकल कॉलेज की टीम का सहयोग
नेत्रदान की प्रक्रिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोटाटोला और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहला के स्वास्थ्य अमले के सहयोग से पूरी की गई। संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों के मार्गदर्शन में खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेश ठाकुर की निगरानी में मेडिकल कॉलेज पेंड्री की टीम ने प्रक्रिया संपन्न कराई। टीम में डॉ. शिवानी, डॉ. जयंत, डॉ. पवन और नेत्र सहायक अधिकारी संजीव कुमार यादव सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य कर्मचारियों ने सहयोग दिया।
नेत्रदान के प्रति जागरूकता का संदेश
नेत्रदान जरूरतमंद लोगों के जीवन में नई उम्मीद जगाने का माध्यम है। यश गुप्ता के परिजनों ने कठिन समय में संवेदनशीलता का परिचय देते हुए समाज के सामने प्रेरणादायी उदाहरण रखा है। जिले में हुआ यह दूसरा नेत्रदान लोगों को नेत्रदान के महत्व के प्रति जागरूक करने और इस दिशा में आगे आने का संदेश देता है।