बस्तर जलप्रदाय योजना के लिए 57.71 करोड़ मंजूर, मारकंडी नदी से घरों तक पहुंचेगा पानी
65 से बढ़कर 135 लीटर होगी प्रति व्यक्ति प्रतिदिन पेयजल उपलब्धता, 73 किमी पाइपलाइन बिछाने की तैयारी
अमृत मिशन 2.0 के तहत जल शोधन संयंत्र और जलागार का होगा निर्माण, जून 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य
रायपुर, बस्तर नगर पंचायत में पेयजल व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार ने नई जलप्रदाय योजना को मंजूरी दी है। अमृत मिशन 2.0 के अंतर्गत राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) ने इस परियोजना के लिए 57 करोड़ 71 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। योजना के पूरा होने के बाद शहर में प्रति व्यक्ति प्रतिदिन पेयजल की उपलब्धता मौजूदा 65 लीटर से बढ़कर 135 लीटर हो जाएगी। इससे नागरिकों को घरेलू जरूरतों के लिए अधिक मात्रा में शुद्ध और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
मारकंडी नदी से होगी जलापूर्ति
योजना के तहत मारकंडी नदी के चपका एनीकट में इंटेकवेल बनाया जाएगा। यहां से रॉ-वॉटर पाइपलाइन के माध्यम से नदी का पानी जल शोधन संयंत्र तक पहुंचाया जाएगा। संयंत्र में पानी को शुद्ध करने के बाद इसे शहर के वितरण नेटवर्क के जरिए घरों तक पहुंचाया जाएगा। इस व्यवस्था से जल संग्रहण, शोधन और वितरण की पूरी प्रणाली विकसित होगी।
73 किलोमीटर पाइपलाइन और 2700 से अधिक घरेलू कनेक्शन
बस्तर जलप्रदाय योजना के अंतर्गत शहर में लगभग 73 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इसके साथ ही 2700 से अधिक घरेलू नल कनेक्शन दिए जाएंगे। परियोजना में तीन एमएलडी क्षमता का जल शोधन संयंत्र और 500 किलोलीटर क्षमता का उच्च स्तरीय जलागार भी बनाया जाएगा।
इन सुविधाओं के विकसित होने से पेयजल वितरण नेटवर्क को मजबूती मिलेगी। योजना के तहत प्रति व्यक्ति प्रतिदिन पानी की उपलब्धता में 70 लीटर की वृद्धि प्रस्तावित है। इससे शहर के परिवारों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
जून 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य
परियोजना को जून 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। स्वीकृत राशि में पांच वर्षों तक योजना के संचालन और संधारण का प्रावधान भी शामिल है। इससे जलापूर्ति व्यवस्था के नियमित संचालन और रखरखाव पर ध्यान दिया जा सकेगा।
उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन तथा विकास मंत्री अरुण साव ने कहा कि बस्तर नगर पंचायत के परिवारों को पर्याप्त और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। अमृत मिशन 2.0 के माध्यम से शहर की पेयजल व्यवस्था का कायाकल्प होगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य नागरिकों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराकर उनके जीवन को अधिक सुविधाजनक बनाना है।
गुणवत्ता और समय-सीमा पर रहेगा जोर
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने परियोजना के क्रियान्वयन में उच्च तकनीकी मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने निर्माण के प्रत्येक चरण की नियमित निगरानी और कार्यों की प्रगति की सतत समीक्षा पर जोर दिया। साथ ही स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों में लापरवाही और अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बस्तर जलप्रदाय योजना के माध्यम से शहर में पेयजल अधोसंरचना का विस्तार करने और नागरिकों तक शुद्ध पानी पहुंचाने की व्यवस्था विकसित की जाएगी। परियोजना निर्धारित समय-सीमा में पूरी होने पर बस्तर नगर पंचायत की जलापूर्ति क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है।