मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ली जल संसाधन और PHE विभाग की समीक्षा बैठक
- मार्च 2028 तक सभी जल संरचनाएं पूर्ण करने के निर्देश
- जल संचय में कोरिया, धमतरी और राजनांदगांव की सराहना
रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में जल संसाधन विभाग (WRD) और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक ली। मुख्यमंत्री ने ‘जल संचय जन भागीदारी अभियान’ और ‘जल जीवन मिशन’ के कार्यों को मिशन मोड में पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रदेश में जल की एक-एक बूंद का संरक्षण और हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बैठक में मुख्य सचिव विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, PHE सचिव अब्दुल कैसर हक और जल संसाधन सचिव राजेश कुमार टोप्पो सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
समीक्षा बैठक के मुख्य बिंदु और मुख्यमंत्री के निर्देश इस प्रकार हैं:
1. जल संचय जन भागीदारी अभियान की समीक्षा
- मार्च 2028 की समय-सीमा: मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि राज्य की सभी निर्माणाधीन जल संरचनाओं को मार्च 2028 तक हर हाल में गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ पूरा किया जाए।
- बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिले: अभियान के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने के लिए मुख्यमंत्री ने कोरिया, धमतरी और राजनांदगांव जिलों की विशेष सराहना की और अन्य जिलों को भी इनके मॉडल को अपनाने को कहा।
- राष्ट्रीय पहचान: जल संसाधन सचिव ने बताया कि जल संचय जन भागीदारी अभियान में छत्तीसगढ़ देश में अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। अब सभी जिलों के ‘नोटिफाइड मैप’ (Notified Maps) तैयार किए जाएंगे।
2. जल जीवन मिशन (JJM) को मिशन मोड में पूरा करने के निर्देश
- कलेक्टरों को नियमित समीक्षा: सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने जिलों में जल जीवन मिशन की नियमित समीक्षा करें और प्रशासनिक या तकनीकी बाधाओं का तुरंत मौके पर समाधान करें।
- समय पर भुगतान: जिन ठेकेदारों और एजेंसियों ने निर्धारित मानकों एवं गुणवत्ता के अनुरूप कार्य पूर्ण कर लिए हैं, उनके बिलों का बिना किसी अनावश्यक विलंब के समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए गए।
3. जनभागीदारी और दीर्घकालिक जल सुरक्षा
- मुख्य सचिव स्तर पर मॉनिटरिंग: अभियान की नियमित रूप से मुख्य सचिव स्तर पर समीक्षा की जाएगी।
- सामूहिक प्रयास: मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण को केवल सरकारी योजना न बनाकर जनआंदोलन बनाया जाए ताकि भविष्य की पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा की मजबूत नींव रखी जा सके।