स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, दवा-जांच की उपलब्धता पर सीएम साय का जोर
6 नए मेडिकल कॉलेज खुलेंगे, दूरस्थ क्षेत्रों में एम्बुलेंस नहीं पहुंचने पर वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था बनाने को कहा
रायपुर, छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए राज्य सरकार स्वास्थ्य अधोसंरचना के विस्तार पर जोर दे रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंत्रालय महानदी भवन में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को जिला अस्पतालों से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक आवश्यक दवाइयां, चिकित्सक और जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं सीधे आम नागरिकों के जीवन से जुड़ी हैं। इसलिए अस्पतालों में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के साथ चिकित्सकों, विशेषज्ञों और स्वास्थ्य कर्मियों की कमी को प्राथमिकता से दूर किया जाए। उन्होंने भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य अधोसंरचना के विस्तार की दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करने पर भी जोर दिया।
मातृ-शिशु स्वास्थ्य और आपातकालीन सेवाओं पर विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री ने सुरक्षित संस्थागत प्रसव, गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच और मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी समय पर उपचार मिलना चाहिए। जिन इलाकों में सड़क या भौगोलिक परिस्थितियों के कारण एम्बुलेंस नहीं पहुंच सकती, वहां स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था विकसित की जाए।
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 108 संजीवनी एक्सप्रेस के तहत 375 एम्बुलेंस और 102 महतारी एक्सप्रेस के तहत 380 वाहन उपलब्ध हैं। इसके अलावा 1,045 स्वास्थ्य संस्थानों में अटल आरोग्य लैब संचालित हैं। प्रदेश के 33 स्थानों पर डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध है, जबकि 25 नए डायलिसिस केंद्र शुरू किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने शव वाहन की सुविधा को भी संवेदनशीलता के साथ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि दुख की घड़ी में परिजनों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
चिकित्सा शिक्षा का होगा विस्तार
समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में छह नए मेडिकल कॉलेज स्वीकृत किए गए हैं। वर्तमान में 15 शासकीय मेडिकल कॉलेज, एक एम्स और छह निजी मेडिकल कॉलेज संचालित हैं। इसके साथ ही शासकीय नर्सिंग कॉलेजों की संख्या आठ से बढ़कर 17 और फिजियोथेरेपी कॉलेजों की संख्या एक से बढ़कर सात हो गई है।
प्रदेश में एलाइड हेल्थ के 11 पाठ्यक्रम भी शुरू किए जा रहे हैं, जिनके तहत 10 मेडिकल कॉलेजों में 640 सीटों की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा के विस्तार के साथ फैकल्टी, विशेषज्ञ चिकित्सकों और आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करना भी जरूरी है।
त्योहारी सीजन में खाद्य पदार्थों की जांच के निर्देश
मुख्यमंत्री ने आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए मिठाई, दुग्ध उत्पाद और अन्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सघन जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि नागरिकों के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। मिलावटी या अमानक खाद्य पदार्थ पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
बैठक में आयुष्मान भारत योजना, मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना, मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं, सिकल सेल जांच और टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए और मरीजों को उपचार के लिए अनावश्यक भटकना नहीं पड़े।
बैठक में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, मुख्य सचिव विकास शील, स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।