मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के 1 वर्ष पूरे: सूरजपुर के दूरस्थ गांवों तक पहुंची सुलभ परिवहन सेवा, अस्पताल और स्कूल जाना हुआ आसान
सूरजपुर (छत्तीसगढ़): मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना’ ने अपने एक वर्ष का सफल सफर पूरा कर लिया है। इस योजना ने राज्य के ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों में सार्वजनिक परिवहन की कमी को दूर कर कनेक्टिविटी का नया अध्याय लिखा है। सूरजपुर जिले में वर्तमान में संचालित बसों के जरिए ग्रामीणों को स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, बाजार और शासकीय कार्यालयों तक पहुँचने में बड़ी राहत मिल रही है।
- 1 वर्ष का सफल कार्यकाल: मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना से दूरस्थ अंचलों का संपर्क नगरों, बाजारों और ब्लॉक मुख्यालयों से मजबूत हुआ है।
- सूरजपुर में 8 बसों का संचालन: जिले में 8 बसें विभिन्न प्रमुख ग्रामीण और अंतर-जिला मार्गों पर नियमित रूप से चलाई जा रही हैं।
- निजी साधनों की निर्भरता समाप्त: नियमित बस सुविधा मिलने से ग्रामीणों की महंगे या निजी साधनों पर निर्भरता खत्म हुई है।
- स्वास्थ्य और शिक्षा को बल: समय पर बस मिलने से विद्यार्थियों की पढ़ाई और मरीजों का सही समय पर इलाज संभव हो पा रहा है।
- नवापारा की सुनैना की कहानी: नवापारा निवासी सुनैना ने बस सेवा की मदद से अपने बच्चों का समय पर अस्पताल पहुंचाकर उपचार कराया।

दूरस्थ अंचलों में सुलभ हुई कनेक्टिविटी
1. 1 साल में बदला ग्रामीण आवागमन का परिदृश्य
मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना शुरू होने से पहले सूरजपुर जिले के कई दूरस्थ गांवों में नियमित सार्वजनिक परिवहन का भारी अभाव था। विद्यार्थियों, मरीजों, किसानों और बुजुर्गों को ब्लॉक/तहसील मुख्यालय या अस्पतालों तक जाने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता था या महंगे निजी वाहनों पर निर्भर रहना पड़ता था। साधन न मिलने पर कई बार जरूरी शासकीय कार्य, स्कूल-कॉलेज की कक्षाएं और इलाज में देरी हो जाती थी। इस योजना के एक वर्ष पूरे होने से ग्रामीण परिवहन व्यवस्था सुदृढ़ हुई है और आम नागरिकों का जीवन आसान बना है।
2. सूरजपुर जिले के 8 प्रमुख बस मार्ग
सूरजपुर जिले में योजना के तहत कुल 8 बसें निम्नलिखित प्रमुख मार्गों पर अपनी सेवाएं दे रही हैं:
- सूरजपुर से बैकुण्ठपुर
- ओड़गी से घुईडीह
- प्रेमनगर से महंगई
- भैयाथान से डुमरिया (कोरिया)
- सूरजपुर से कालीपुर
- अर्जुनपुर से मोहनपुर
- रामानुजनगर से पोड़ी
- केवरा से प्रतापपुर तथा नामदगिरी से चाची
इन मार्गों पर बस संचालन से ग्रामीण क्षेत्रों का जुड़ाव जिला एवं ब्लॉक मुख्यालयों, बाजारों और स्वास्थ्य केंद्रों से सीधे तौर पर हो गया है।
नवापारा की सुनैना के लिए बनी संजीवनी
ग्रामीण बस सेवा किस प्रकार जमीनी स्तर पर जिंदगियां बदल रही है, इसका उदाहरण नवापारा की निवासी श्रीमती सुनैना का परिवार है।
“पहले बच्चों की तबीयत खराब होने पर अस्पताल ले जाने के लिए साधन की बहुत चिंता रहती थी। कभी बाइक मिलती थी तो कभी कोई साधन ही नहीं मिलता था। बस सेवा शुरू होने के बाद अब बिना किसी परेशानी के बच्चों को समय पर अस्पताल ले जाकर इलाज करा सकी हूँ।”
— सुनैना, नवापारा (सूरजपुर)
सुनैना ने ग्रामीण अंचलों के लिए इस बेहद उपयोगी सेवा के संचालन हेतु मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।
शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका को नई रफ्तार
सार्वजनिक परिवहन की नियमित उपलब्धता से सूरजपुर जिले में बहुआयामी सुधार देखने को मिल रहे हैं:
- विद्यार्थी: दूर-दराज के गांवों से निकलकर कॉलेज और स्कूलों तक समय पर पहुंच पा रहे हैं।
- किसान व व्यापारी: ग्रामीण अपनी उपज और स्थानीय उत्पाद आसानी से नजदीकी हाट-बाजारों तक ले जा रहे हैं।
- मरीज: प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर जिला अस्पताल तक पहुंचने में समय और पैसों दोनों की बचत हो रही है।
मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का एक वर्ष पूरा होना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और दूरस्थ अंचलों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि साबित हो रहा है।