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नवा छत्तीसगढ़

ऑयल पाम की खेती से कमाएँ 25 से 30 साल तक मोटा मुनाफा

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June 9, 2025 3 Mins Read
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  • देश को खाद्य तेल में आत्मनिर्भर बनाने का सुनहरा अवसर, छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए विशेष लाभ

नारायणपुर. ऑयल पाम यह एक ऐसी फसल है जो किसानों को प्रति हेक्टेयर 4-6 गुना अधिक तेल उत्पादन देती है और उन्हें 25 से 30 वर्षों तक स्थायी आय का स्रोत प्रदान करती है। लिहाजा नारायणपुर जिले में इस खेती की ओर किसानों का रूझान पैदा हो इसे लेकर बेहतर प्रयास किए जा रहे हैं।

जिले में ऑयल पाम पौधरोपण का बृहद अभियान ग्राम भाटपाल के प्रगतिशील किसान संतेर पोटाई के खेत में जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम, ग्रामीण विकास अध्यक्ष प्रेमनाथ उसेण्डी एवं सरपंच ग्राम पंचायत भाटपाल भुरवा सलाम द्वारा ग्रामीणों की उपस्थिति में 9 जून को औपचारिक शुभारंभ किया गया। सहायक संचालक उद्यान तोषण कुमार चन्द्राकर, ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी जितेश कुमार देहारी एवं क्षेत्र विस्तार अधिकारी बेनूर अमलू राम नाग द्वारा जानकारी दी गई कि यह पहल नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल ऑयल पाम के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही एक राष्ट्रीय महत्व की योजना है।

भारत में 60 से 70 प्रतिशत खाद्य तेल आयात होता है, जिसमें अकेले पाम ऑयल की हिस्सेदारी 55 से 60 प्रतिशत है। ऐसे में देश की आत्मनिर्भर बनाने के लिए ऑयल पाम की खेती रणनीतिक और आर्थिक दोनों दृष्टियों से बेहद महत्वपूर्ण है। यह एक ऐसी फसल है जो प्रति हेक्टेयर 4-6 गुना अधिक तेल उत्पादन देती है और किसानों को 25-30 वर्षों तक स्थायी आय का स्रोत प्रदान करती है। इसका उत्पादन चौथे वर्ष से प्रारम्भ होकर 25 से 30 वर्षों तक लगातार होता है, प्रति हेक्टेयर 143 पौधे त्रिकोणीय विधि से लगाने से चौथे वर्ष में 4-6 टन से प्रारम्भ होकर सातवे साल के बाद परिपक्व अवस्था में इसका उत्पादन 20-25 टन प्रति हेक्टेयर तक होता है, जिससे वर्तमान मूल्य 18 हजार 351 रूपये प्रति टन के अनुसार प्रति हेक्टेयर 3-4 लाख तक सालाना आय प्राप्त की जा सकती है।

चूंकि पौधों से पौधों के बीच स्थान उपलब्ध होता है इसलिए अंतरवर्ती फसलों से अतिरिक्त आय प्राप्त की जा सकती है, पारम्परिक फसलों की तुलना में यह कम लागत कम मेहनत, सुनिश्चित बाजार और अधिक आय के साथ आज के समय की सबसे बुद्रधिमतापूर्ण कृषि निवेश है।

छत्तीसगढ़ के सिंचित क्षेत्रों में यह फसल किसानों के लिए एक वरदान साबित हो रही है। 2025-26 में जिले में 1000 हेक्टेयर क्षेत्र में पौधरोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसलिए अधिक से अधिक किसान इस योजना से जुड़कर लाभ अर्जित करें। प्रियुनिक एशिया प्रायवेट लिमिटेड के जिलाधिकारी ने बताया की किसान भाइयों को ऑयल पाम की खेती कम लागत, अधिक मुनाफा न्यूनतम रखरखाव, कीट रोगों का कम प्रभाव, लंबी उत्पादन अवधि 25-30 वर्ष तक निरंतर आय, अंतरवर्ती खेती से अतिरिक्त आय शुरुआती वर्षों में अन्य फसलें उगाकर लाभ, निश्चित बाजार एवं मूल्य सरकार द्वारा मूल्य निर्धारण व न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी, प्रीयुनिक एशिया प्रायवेट लिमिटेड (प्रोसेसिंग कंपनी) द्वारा सीधी खरीद (सरकार द्वारा अधिकृत एवं अनुबंधित है।

संपूर्ण तकनीकी सहायता विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन एवं प्रशिक्षण, जलवायु अनुकूल-आँधी-तूफान, अतिवृष्टि या असमय वर्षा से नुकसान की संभावना कम, सभी प्रकार की भूमि में उपयुक्त जिसमे पर्याप्त सिचाई उपलब्ध हो, और जलजमाव न हो, विश्व की सर्वाधिक तेल उत्पादक फसल प्रति हेक्टेयर अधिकतम उत्पादन, उन्नत किस्मः टेनेरा (हाइब्रिड), आयल पाम किसानों की समृद्धि का स्थायी समाधाना होता है। इच्छुक कृषक उद्यानिकी कार्यालय या प्रीयूनिक एशिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधि से संपर्क करें और ऑयल पाम की खेती से जुड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनें।

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