किसान मन गरमी के धान के बदले सुरुजमुखी के खेती डहर आगू बढ़त हें
ग्राम औरेठी मा 12 एकड़ मा लहलहावत हे सुरुजमुखी
रायपुर. गरमी के धान के बदला मा सुरुजमुखी के खेती करना बड़ फायदा के सौदा आय। एमा पानी कम लागथे अउ खेत के माटी के ताकत घलो बाढथे। धान के तुलना मा सुरुजमुखी मा पानी के जरूरत बहुत कम होथे, जे ह पानी बचाय बर घलो बने हे। ये फसल ह किसान मन ला 2 ले 3 गुना तक मुनाफा दे सकथे। किसान भाई मन ला गरमी के धान के बदला मा कम पानी मा जादा लाभ देइया सुरुजमुखी के खेती अपनाय बर प्रोत्साहित करे जात हे। एकर ले कतको किसान अब सुरुजमुखी डहर आगू बढ़त हें।
कृषि विभाग डहर ले चलइया ‘राष्ट्रीय कृषि विकास योजना’ के तहत बलौदाबाजार-भाटापारा जिला के सिमगा विकासखंड के ग्राम औरेंठी के किसान आकाशदीप वर्मा अउ संजय वर्मा ह 12 एकड़ मा कृषि विभाग अउ अपन सहयोग ले सुरुजमुखी के खेती करत हें। विभाग डहर ले ओमन ला योजना के तहत हाइब्रिड (संकर) बीजा अउ दूसर जरूरी सामान दिये गे हे।
किसान ह बताइस कि पिछला बछर ओमन ह गरमी मा धान बोय रिहिन, फेर जमीन के पानी (भूजल स्तर) कम होय के सेती धान मा नुकसान उठाना पड़ गे रिहिस। ए बछर ओमन ह सुरुजमुखी लगाइन हें, जेमा कम पानी अउ कम लागत मा जादा पइसा कमाय जा सकथे। आज के बखत मा सुरुजमुखी के बीजा के मांग बजार मा बहुत हे अउ किसान अपन फसल ला बने दाम मा बेच के अच्छा मुनाफा कमा सकत हें।
आकाशदीप वर्मा ह कहिन कि सुरुजमुखी के खेती ला पसु अउ बंदर मन ले नुकसान नई होवय अउ एकर देख-रेख मा जादा मेहनत घलो नई लगे। अभी सुरुजमुखी के फसल ह गजब सुग्घर हे, एक एकड़ मा 8 ले 10 क्विंटल पैदावार होय के भरोसा हे। किसान ला एक एकड़ मा लगभग 45 ले 50 हजार रूपया तक के साफ-साफ कमाई (शुद्ध आय) होय के संभावना हे।
किसान आकाशदीप वर्मा ह पसु पालन घलो करत हे, जेकर गोबर अउ गौमूत्र के उपयोग करके ओ ह जीवामृत, बीजामृत, अउ घनजीवामृत जइसन चीज बनाथे अउ प्राकृतिक खेती करत हे। आकाश वर्मा के ए नवा तरीका ला देख के जिला के दूसर किसान मन घलो प्रेरित होवत हें अउ गरमी के धान ला छोड़ के दलहन अउ तिलहन फसल डहर आगू बढ़त हें।
सुरुजमुखी के फसल ह कम पानी मा घलो बने तइयार हो जाथे अउ 90 ले 100 दिन मा पक जाथे, जेकर ले कम समय मा जादा फायदा मिलथे। बजार मा सुरुजमुखी तेल के बाढ़त मांग ला देखत हुए किसान मन ला बने दाम मिले के घलो उम्मीद हे। एकर अलावा, सरकार डहर ले तिलहन फसल ला बढ़ावा दे बर कई ठन योजना मन घलो चलाय जात हे, जेकर लाभ किसान भाई मन उठा सकत हें।
उप संचालक कृषि ह बताइन कि किसान मन ला दलहन अउ तिलहन के खेती बर खास सुबिधा दिये जात हे, जइसे कि बढ़िया किस्म के बीजा, खेती के तकनीक अउ ट्रेनिंग, खेत मा फसल ला कइसन बचाय जाय अउ खाद-पानी के सलाह, अउ सरकारी योजना मन मा छूट (अनुदान) के लाभ। गरमी के धान के जगह मा सुरुजमुखी जइसन कम पानी अउ जादा फायदा वाला फसल लगाय ले खेत के माटी के ताकत बाढथे अउ कीरा-मकोड़ा के डर घलो कम हो जाथे।