छत्तीसगढ़ में पहली बार नगर एवं ग्राम निवेश विभाग में एक साथ 21 सहायक संचालकों की नियुक्ति; मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सौंपे नियुक्ति पत्र
रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कार्यक्रम में नगर तथा ग्राम निवेश विभाग (Town and Country Planning) के 21 नवचयनित सहायक संचालकों (योजना) को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। राज्य गठन के बाद 25 वर्षों में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में सहायक संचालकों की नियुक्ति एक साथ हुई है।
कार्यक्रम में वित्त एवं आवास-पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी और वन मंत्री केदार कश्यप सहित विभागीय सचिव अंकित आनंद एवं आयुक्त अवनीश शरण उपस्थित थे।
कार्यक्रम के मुख्य बिंदु और मुख्यमंत्री के संबोधन के प्रमुख अंश:
1. ऐतिहासिक नियुक्ति और शहरीकरण की चुनौती
- 25 वर्षों का आंकड़ा: राज्य गठन के बाद पिछले 25 वर्षों में विभाग में केवल 17 सहायक संचालकों की नियुक्ति हुई थी, जबकि इस बार एक साथ 21 युवा अधिकारियों को नियुक्ति पत्र दिए गए।
- भविष्य की प्लानिंग: मुख्यमंत्री ने कहा कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण को देखते हुए आवासीय क्षेत्रों, वाणिज्यिक गतिविधियों, परिवहन, जल निकासी और नागरिक सुविधाओं के लिए दीर्घकालीन एवं वैज्ञानिक योजना बनाना जरूरी है।
2. अधिकारियों के लिए मुख्य निर्देश
- जनहित और संवेदनशीलता: अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे पूरी ईमानदारी, निष्ठा और संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें ताकि आम नागरिकों को छोटे-छोटे कामों के लिए न भटकना पड़े।
- तकनीकी ज्ञान का उपयोग: नवचयनित अधिकारियों से अपनी आधुनिक तकनीकी शिक्षा और नवाचार (Innovation) का उपयोग छत्तीसगढ़ के बेहतर नियोजन में करने का आह्वान किया गया।
3. रोजगार और विजन 2047
- ‘छत्तीसगढ़ अंजोर : विजन 2047’: ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य के तहत राज्य का ‘विजन 2047’ तैयार किया गया है, जिसमें सुनियोजित शहरी विकास की अहम भूमिका होगी।
- 15 हजार से अधिक नियुक्तियां: मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में विभिन्न विभागों में 15 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं। पुलिस में 7,000, शिक्षा में 3,000 और बिजली विभाग में 1,200 पदों पर भर्तियां आगे बढ़ी हैं।
मंत्रियों का संबोधन:
- वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी: उन्होंने कहा कि भर्ती पूरी तरह से निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया से हुई है। अधिकारियों से उम्मीद है कि वे इसी पारदर्शिता के साथ जनता के काम करेंगे ताकि नक्शा पास कराने या अन्य प्रक्रियाओं के लिए आम नागरिकों को सरलता का अनुभव हो।
- वन मंत्री केदार कश्यप: उन्होंने नई पीढ़ी के अधिकारियों की ऊर्जा और आधुनिक दृष्टिकोण को प्रदेश के सुनियोजित विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।