0.20 हेक्टेयर के तालाब से गांधीराम ने बदली किस्मत, मछली पालन से सालाना 8 लाख तक मुनाफा
रायपुर, सीमित संसाधनों के बीच अपने लिए कमाई का बेहतर रास्ता तलाश रहे ग्राम बरदूला के गांधीराम अजगल्ले ने मछली पालन को अपना व्यवसाय बनाया और अब यही उनकी आय का मजबूत जरिया बन चुका है। 0.20 हेक्टेयर के तालाब से वे हर साल करीब 100 क्विंटल मछली का उत्पादन कर रहे हैं। सभी खर्च निकालने के बाद उन्हें सालाना करीब 5 से 8 लाख रुपये तक का मुनाफा हो रहा है।
सरकारी योजना से मिला व्यवसाय शुरू करने का सहारा
गांधीराम ने अपनी जमीन पर प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत 0.20 हेक्टेयर जलक्षेत्र में तालाब लाइनर का निर्माण कराया। इस प्रोजेक्ट की कुल लागत 16.80 लाख रुपये थी, जिसमें उन्हें सरकार की ओर से 4 लाख रुपये का अनुदान मिला। योजना के तहत मिले सहयोग ने उन्हें मछली पालन को व्यवस्थित तरीके से शुरू करने में मदद की।
छोटे तालाब से 100 क्विंटल तक उत्पादन
तालाब तैयार होने के बाद गांधीराम ने नियमित देखरेख और प्रबंधन के साथ मछली पालन शुरू किया। मेहनत का नतीजा यह रहा कि छोटे से जलक्षेत्र से ही अब वे सालाना औसतन 100 क्विंटल मछली का उत्पादन कर रहे हैं। मछलियों को बाजार में बेचने के बाद खर्च निकालकर उनकी सालाना आय 5 से 8 लाख रुपये तक पहुंच रही है।
आर्थिक परेशानी से अपने व्यवसाय तक का सफर
मत्स्य पालन शुरू करने से पहले गांधीराम के सामने परिवार की जरूरतें पूरी करने को लेकर आर्थिक चुनौतियां थीं। इसके बाद उन्होंने दूसरों पर निर्भर रहने के बजाय मछली पालन को अपना मुख्य व्यवसाय बनाने का फैसला किया। आज इसी काम से परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से मजबूत हुई है और आमदनी का एक स्थायी जरिया तैयार हुआ है।
गांधीराम अजगल्ले बताते हैं कि योजना से मिले सरकारी सहयोग ने उनके लिए कमाई का नया रास्ता खोला। अब मछली पालन से होने वाली आय से परिवार की जरूरतें पूरी करने में आसानी हो रही है।
सेवा संकल्प अभियान में सामने आई बदलाव की कहानी
‘सेवा संकल्प अभियान’ के जरिए सरकारी योजनाओं से लोगों की जिंदगी में आए बदलाव की ऐसी कहानियां सामने लाई जा रही हैं। गांधीराम की कहानी बताती है कि सही योजना और मेहनत के सहारे छोटे स्तर से शुरू किया गया व्यवसाय भी परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने का जरिया बन सकता है।
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