जेवर के पास बसेगी ‘सिंगापुर सिटी’: योगी सरकार और सिंगापुर के बीच औद्योगिक महासाझेदारी, 3 बड़े प्रोजेक्ट्स को मिली ऑन-द-स्पॉट मंजूरी
सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन के उच्चस्तरीय डेलिगेशन संग सीएम योगी की बैठक; ₹775 करोड़ के पैकेजिंग हब को जमीन आवंटित, वेस्ट मैनेजमेंट और एग्री-प्रोसेसिंग में एमओयू
लखनऊ, 28 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के संकल्प को धरातल पर उतारते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन (SBF) के 14 सदस्यीय उच्चस्तरीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ विस्तृत रणनीतिक बैठक की। बैठक में सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर, मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स, ग्रीन एनर्जी, अर्बन प्लानिंग और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में बड़े निवेश पर ठोस सहमति बनी।
मुख्यमंत्री ने जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निकट एक समर्पित ‘सिंगापुर सिटी’ और हाई-टेक इंडस्ट्रियल टाउनशिप विकसित करने का खुला प्रस्ताव रखा। उन्होंने निवेशकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि सरकार ‘एमओयू से मैन्युफैक्चरिंग’ और ‘ग्राउंडब्रेकिंग से प्रोडक्शन’ तक हर कदम पर उनके साथ मजबूती से खड़ी है।
बैठक में 3 बड़े प्रोजेक्ट्स पर लगी मुहर
- ₹775 करोड़ का यूनिवर्सल पैकेजिंग हब: सिंगापुर के यूनिवर्सल सक्सेस एंटरप्राइजेज समूह से जुड़ी मेसर्स ग्रेटर नासिक इन्फ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड को यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के सेक्टर-8डी में 50 एकड़ भूमि का पात्रता प्रमाणपत्र सौंपा गया। विदेशी प्रत्यक्ष इक्विटी (FDI) वाले इस प्रोजेक्ट से 1,880 प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे।
- एग्रीकॉर्प इंटरनेशनल (ग्रीनफील्ड प्लांट): वैश्विक खाद्य कंपनी प्रदेश में सोया प्रोटीन आइसोलेट और चना प्रोटीन कंसंट्रेट के उत्पादन के लिए अत्याधुनिक प्लांट लगाएगी, जिससे प्रदेश के किसानों और एग्री-वैल्यू चेन को सीधा लाभ मिलेगा।
- ब्लू प्लैनेट एनवायरनमेंटल सॉल्यूशंस: कंपनी सतत कचरा प्रबंधन के तहत ₹250 से ₹350 करोड़ का निवेश करेगी। इसके तहत नोएडा सेक्टर-145 में 7.5 लाख टन लिगेसी वेस्ट का उपचार और सहारनपुर में 350 टन प्रतिदिन क्षमता का फ्रेश वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित होगा।

देश के 55% मोबाइल यूपी में, ‘सेफ्टी-स्टेबिलिटी-स्पीड’ की गारंटी
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ‘बीमारू’ छवि से निकलकर अब देश का ग्रोथ इंजन बन चुका है। आज देश के कुल मोबाइल उत्पादन का 55 प्रतिशत और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स का 60 प्रतिशत निर्माण अकेले उत्तर प्रदेश में हो रहा है।
- मजबूत लैंड बैंक: प्रदेश में 75 हजार एकड़ से अधिक का लैंड बैंक उपलब्ध है और 27 इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं।
- डिफेंस कॉरिडोर में उत्साह: 6 नोड्स (लखनऊ, कानपुर, झांसी, आगरा, अलीगढ़ और चित्रकूट) में ₹35 हजार करोड़ से अधिक के प्रस्ताव आ चुके हैं।
- रणनीतिक 6 सेक्टर: सेमीकंडक्टर, एआई व डेटा सेंटर, क्लीन टेक (ग्रीन हाइड्रोजन/सोलर), लॉजिस्टिक्स, फूड प्रोसेसिंग और टूरिज्म-हॉस्पिटैलिटी में संयुक्त साझेदारी के व्यापक अवसर हैं।
निवेशकों ने सराहा: “यूपी की निर्णय लेने की गति अभूतपूर्व”
नोएडा-ग्रेटर नोएडा का स्थलीय निरीक्षण करने के बाद एसबीएफ के चेयरमैन मार्क ली ने यीडा क्षेत्र में विकसित हो रहे मेडिकल डिवाइसेज पार्क, टॉय पार्क और सेमीकंडक्टर क्लस्टर को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बताया।
एसबीएफ-इंडिया बिजनेस कमेटी के चेयरमैन प्रसून मुखर्जी और यूनिवर्सल सक्सेस एंटरप्राइजेज के एमडी प्रशांत मुखर्जी ने कहा कि मुख्यमंत्री की टीम ने एमओयू को जमीन पर उतारने में जिस असाधारण तत्परता और पारदर्शिता के साथ काम किया है, वह वैश्विक निवेशकों के लिए एक मिसाल है।
बैठक में टाटा ग्रुप (IHCL) के एमडी एवं सीईओ पुनीत छतवाल, एग्रोकोर्प के सीईओ विशाल विजय, ब्लू प्लैनेट के सीईओ प्रशांत सिंह और पीएसए इंडिया के एमडी पवित्रन एम कल्लाडा सहित शासन के शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे।
