बाल हितैषी पंचायत म कछिया ह प्रदेश म बनाइस कीर्तिमान
मुख्यमंत्री श्री साय ह दीन बधाई
शिक्षा, स्वास्थ्य अउ सुरक्षा म जनभागीदारी ले मिलिस ऐतिहासिक उपलब्धि
रायपुर. छत्तीसगढ़ शासन कोति ले पंचायत ल सशक्त बनाए के डहर म करे जावत कोसिस के बने नतीजा अब राज्य स्तर म साफ दिखे बर लग गे हे। योजना के सही ढंग ले संचालन अउ आखिरी मनखे तक लाभ पहुँचाए के लक्छ ले चले जावत पहल के बीच जिला बलरामपुर-रामानुजगंज के जनपद पंचायत वाड्रफनगर के ग्राम पंचायत कछिया ह बड़े उपलब्धि हासिल करत पूरा प्रदेश म अपन एक अलग पहिचान बनाए हे।
ग्राम पंचायत कछिया ह सतत विकास लक्छ के स्थानीयकरण के तहत पीएआई 2.0 सर्वे के 9 थीम म ले थीम-3 (बाल हितैषी पंचायत) म 95.71 अंक पाके प्रदेश म पहिली स्थान हासिल करे हे। ए उपलब्धि न केवल जिला भलकुन पूरा छत्तीसगढ़ बर गौरव के बिसे बन गे हे।
ए उपलब्धि म मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा अउ जिला के प्रभारी मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ह ग्राम पंचायत कछिया के जनप्रतिनिधि, पंचायत अमला अउ ग्रामीण ल बधाई देवत एला राज्य के दूसर पंचायत बर प्रेरणादायक बताइन हें। ओमन कहिन कि ए सफलता ह “सबका साथ, सबका विकास” के भावना अउ जनभागीदारी आधारित विकास मॉडल के एक सुग्घर उताहरन ए।
ग्राम पंचायत कछिया ह लइका मन के शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता अउ सुरक्षा ल प्राथमिकता देवत एक बने बाल हितैषी माहौल तैयार करे हे। पंचायत के प्राथमिक अउ मिडिल स्कूल म कुल 155 लइका मन पढ़त हें, जेकर म लइका-लड़की मन के संख्या गजब हे। पंचायत कोति ले लइका मन के अधिकार के रक्षा, स्कूल म उपस्थिति बढ़ाए, स्वच्छता सुधार, पोषण अउ सुरक्षा बर हमेसा कोसिस करे जात हे।
पंचायत प्रतिनिधि कोति ले स्कूल मन के नियमित जाँच, स्कूल प्रबंधन समिति के संग तालमेल, स्वच्छता अभियान, सुरक्षित पीये के पानी के व्यवस्था, स्वास्थ्य जागरूकता, अउ ग्रामसभा म लइका मन ले जुड़े मुद्दा मन ल प्राथमिकता देना ए सफलता के मुख्य आधार रिहिस हे। आंगनबाड़ी केंद्र के संग मिलके एनीमिया मुक्त पंचायत, शत-प्रतिशत टीकाकरण अउ मातृ-पोषण म बिसेस धियान दे गे हे।
सुरु के बखत म पलायन, आर्थिक स्थिति अउ जागरूकता के कमी के कारन लइका मन के शिक्षा म असर पड़त रिहिस। पंचायत ह घर-घर जाके संपर्क, अभिभावक मन ले गोठ-बात, नियमित समीक्षा बैठक अउ सामुदायिक जागरूकता के माध्यम ले ए चुनौती मन ल दूर करिस।
ग्राम पंचायत ह बाल हितैषी काम मन ल हमेसा बर बनाए रखे बर ठोस कार्ययोजना तैयार करे हे, जेकर म शत-प्रतिशत नामांकन (भर्ती), शून्य ड्रॉपआउट (स्कूल छोड़ना), नियमित मॉनिटरिंग, स्वच्छता अभियान अउ बाल सुरक्षा पक्का करना सामिल हे।