मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े दिव्यांग युवक–युवती परिचय सम्मेलन म होइस शामिल विकलांग नहीं, दिव्यांगजन कहकर करव संबोधन” — राजवाड़े
रायपुर। महिला अउ बाल विकास अउ समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ह कहिन कि दिव्यांगजन समाज के मुख्यधारा के अभिन्न अंग हें अउ उखर प्रति संवेदनशील सोच अउ सम्मानजनक भाषा के उपयोग अत्यंत आवश्यक हे। वो अखिल भारतीय विकलांग चेतना परिषद (छत्तीसगढ़ प्रांत) के तत्वावधान म आशीर्वाद भवन, बैरन बाजार, रायपुर म आयोजित 16वां राज्य स्तरीय विवाह योग्य युवक–युवती परिचय सम्मेलन ल संबोधित करत रहिन।
ओमन ह बतायिन कि सम्मेलन के एक विशेष उपलब्धि ए रहिन कि एमा सामान्य युवक–युवती घलो शामिल होइस, जेन दिव्यांगजन ले विवाह बर सकारात्मक दृष्टिकोण के संग आगु आयिन। ए सामाजिक समावेशन अउ समानता के दिशा म प्रेरक पहल हे।
मंत्री राजवाड़े ह कार्यक्रम के बेर एक महत्वपूर्ण सामाजिक अपील करत कहिन कि “विकलांग” के स्थान म “दिव्यांगजन” शब्द के प्रयोग करे जाना चाहि। ओमन ह कहिन कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ह सम्मान अउ आत्मबल ल सुदृढ़ करे के उद्देश्य ले “दिव्यांगजन” शब्द के प्रयोग के आग्रह करिन हे। शब्द हमर सोच अउ संवेदना ल दर्शात हे, एखर बर समाज ल सम्मानजनक भाषा अपनाना चाहि।
कार्यक्रम म विधायक माननीय पुरंदर मिश्रा, कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ. विनय पाठक, चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. विनोद पाण्डेय, अग्रवाल समाज अध्यक्ष विजय अग्रवाल, कार्यक्रम संयोजक विरेंद्र पाण्डेय, श्री राजेश अग्रवाल सहित अनेक गणमान्य नागरिक, बड़का संख्या म दिव्यांगजन अउ उखर परिजन उपस्थित रहिन।
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ह कहिन कि छत्तीसगढ़ सरकार दिव्यांगजन के अधिकार, सम्मान अउ सामाजिक समावेशन बर पूरा प्रतिबद्धता के संग कार्य करत हे। अइसे आयोजन समाज म सकारात्मक परिवर्तन के मजबूत नींव रखत हे।