परसा में बनेंगे नए स्कूल भवन, डीएमएफ से 33.90 लाख रुपये मंजूर
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओ.पी. चौधरी की पहल पर रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बैरागी के आश्रित ग्राम परसा में प्राथमिक और माध्यमिक शाला के नए भवनों का निर्माण किया जाएगा। जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) के माध्यम से दोनों भवनों के निर्माण के लिए कुल 33 लाख 90 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इस पहल से क्षेत्र में शैक्षणिक सुविधाओं का विस्तार होगा और विद्यार्थियों को बेहतर वातावरण में पढ़ाई करने का अवसर मिलेगा।
प्राथमिक शाला के लिए 14.30 लाख रुपये स्वीकृत
परसा में नवीन प्राथमिक शाला भवन के निर्माण के लिए 14 लाख 30 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। वहीं, नवीन माध्यमिक शाला भवन के निर्माण पर 19 लाख 60 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। दोनों निर्माण कार्यों को उच्च प्राथमिकता में रखा गया है। यह स्वीकृति डीएमएफ शासी परिषद की 11 मई 2026 को आयोजित बैठक में लिए गए निर्णय के अनुरूप जारी की गई है।
वनांचल के बच्चों को मिलेगी बेहतर शैक्षणिक सुविधा
नए स्कूल भवनों के निर्माण से परसा के बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर और सुविधायुक्त स्थान उपलब्ध होगा। इससे ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में शिक्षा की बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने में मदद मिलेगी। डीएमएफ के माध्यम से खनन प्रभावित क्षेत्रों में आधारभूत संरचनाओं के विकास और जनसुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया जा रहा है। स्कूल भवनों का निर्माण इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
निर्माण की जिम्मेदारी जनपद पंचायत को
दोनों स्कूल भवनों के निर्माण की जिम्मेदारी जनपद पंचायत धरमजयगढ़ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को सौंपी गई है। जिला प्रशासन ने निर्माण कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने और गुणवत्ता के मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। स्वीकृत राशि के अंतर्गत ही निर्माण कार्य पूरे करने होंगे, ताकि उपलब्ध संसाधनों का उचित उपयोग किया जा सके।
प्रगति रिपोर्ट और फोटो रखना अनिवार्य
निर्माण कार्यों की निगरानी के लिए कार्य शुरू होने से पहले, निर्माण के दौरान और काम पूरा होने के बाद स्थल के फोटो लेना अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा, निर्माण स्थल पर सूचना फलक लगाया जाएगा, जिसमें योजना का नाम, स्वीकृत राशि तथा निर्माण शुरू होने और पूरा होने की तिथि दर्ज होगी। निर्माण एजेंसी को प्रत्येक महीने की 5 तारीख तक कार्य की प्रगति रिपोर्ट डीएमएफ को भेजनी होगी। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य निर्माण कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करना है।