नोनी सशक्तिकरण योजना से निकिता की पढ़ाई को मिला 20 हजार रुपये का सहारा
आर्थिक सहायता से शैक्षणिक जरूरतें पूरी करने में मदद, आत्मनिर्भर भविष्य की ओर बढ़ रहीं निकिता
रायपुर, आर्थिक परिस्थितियां बेटियों की पढ़ाई में बाधा न बनें, इसके लिए छत्तीसगढ़ शासन की मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना श्रमिक परिवारों की बेटियों को आर्थिक सहयोग प्रदान कर रही है। जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम धुरकोट निवासी निकिता कहरा को भी इस योजना के तहत 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिली है। इससे उन्हें अपनी शैक्षणिक जरूरतों को पूरा करने और आगे की पढ़ाई जारी रखने में मदद मिल रही है।
आर्थिक सहायता से पढ़ाई की राह हुई आसान
निकिता कहरा के लिए योजना के तहत मिली 20 हजार रुपये की राशि शिक्षा से जुड़े खर्चों को पूरा करने में मददगार बनी है। सीमित आर्थिक संसाधनों वाले परिवारों के लिए पढ़ाई की जरूरतों को पूरा करना कई बार चुनौतीपूर्ण हो जाता है। ऐसे में शासन से मिली आर्थिक सहायता निकिता के लिए राहत लेकर आई है।
इस सहयोग से उन्हें अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने और भविष्य की बेहतर तैयारी करने का अवसर मिल रहा है। आर्थिक संबल मिलने से उनके शैक्षणिक सपनों को आगे बढ़ाने की राह आसान हुई है।
श्रमिक परिवारों की बेटियों को मिल रहा प्रोत्साहन
श्रम विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना के अंतर्गत पात्र पंजीकृत निर्माण श्रमिक परिवारों की बेटियों को 20 हजार रुपये की एकमुश्त आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इसका उद्देश्य बेटियों को आर्थिक रूप से सहयोग देना और उन्हें शिक्षा तथा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना है।
निकिता कहरा ने योजना का लाभ मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया। उनके लिए यह सहायता राशि पढ़ाई से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने के साथ अपने भविष्य के सपनों को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण सहयोग है।
बेटियों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में पहल
सेवा संकल्प अभियान के तहत निकिता कहरा की कहानी बताती है कि समय पर मिलने वाली आर्थिक सहायता श्रमिक परिवारों की बेटियों के लिए कितनी उपयोगी साबित हो सकती है। मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना के माध्यम से बेटियों को आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।
ऐसी जनकल्याणकारी पहलें बेटियों को शिक्षा जारी रखने, आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य निर्धारित करने और भविष्य में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रोत्साहित करती हैं।