रायपुर निगम की कार्यप्रणाली पर भड़के प्रमुख सचिव, दो अफसरों को नोटिस
पीएम आवास में लापरवाही और शहर की गंदगी पर जताई नाराजगी, बोले- नागरिकों की समस्याओं को प्राथमिकता से सुलझाएं
रायपुर : रायपुर नगर निगम की सफाई व्यवस्था, प्रधानमंत्री आवास योजना और विकास कार्यों की धीमी रफ्तार को लेकर नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने अधिकारियों पर नाराजगी जताई। समीक्षा बैठक में उन्होंने साफ कहा कि नागरिकों को सिर्फ हितग्राही नहीं, बल्कि कस्टमर की तरह देखा जाए। उनकी समस्याओं का समय पर समाधान हो और सेवाओं में लापरवाही करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
सिविल लाइन स्थित नवीन विश्राम भवन में हुई बैठक के दौरान पीएम आवास योजना की प्रगति को लेकर अधिकारियों से सवाल किए गए। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर बोरा ने नाराजगी जताते हुए कहा कि गरीबों के घर बनाने में गुणवत्ता से समझौता और लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। शहर की सफाई व्यवस्था पर भी उन्होंने सवाल उठाए। गंदगी की तस्वीरें दिखाकर अधिकारियों को व्यवस्था सुधारने की सख्त हिदायत दी।
सवालों का जवाब नहीं दे पाए अधिकारी, दो को नोटिस
बैठक में जोन-8 की आयुक्त राजेश्वरी पटेल से पीएम आवास योजना की जानकारी मांगी गई, लेकिन वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पाईं। इस पर प्रमुख सचिव ने नाराजगी जताई। वहीं, जेम पोर्टल पर निविदा प्रक्रिया में देरी के मामले में प्रभारी कार्यपालन अभियंता योगेश कड़ू और नगरोत्थान योजना के काम में धीमी प्रगति को लेकर अधीक्षण अभियंता इमरान खान को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
बोरा ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं में लापरवाही अब नहीं चलेगी। उन्होंने जोन आयुक्तों, उपायुक्तों और अपर आयुक्तों को रोज सुबह फील्ड में जाकर कामकाज का जायजा लेने और निरीक्षण रिपोर्ट साझा करने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि केवल बैठकों में प्रगति बताने के बजाय मौके पर काम नजर आना चाहिए।
स्वास्थ्य सेवाओं और सफाई व्यवस्था में सुधार के निर्देश
नगर निगम की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी प्रमुख सचिव ने नाराजगी जताई। उन्होंने सेवाओं की नियमित निगरानी करने और जरूरत के मुताबिक सीसीटीवी कैमरों के जरिए मॉनिटरिंग की व्यवस्था बनाने को कहा। सफाई, स्वास्थ्य और दूसरी बुनियादी सुविधाओं में लापरवाही मिलने पर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए गए।
नालंदा परिसर से शीतला तालाब तक के कामों पर नजर
शहर में चल रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना, अधोसंरचना मद और 15वें वित्त आयोग से जुड़े कामों में तेजी लाने को कहा गया। प्रमुख सचिव ने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और तय समय-सीमा का पालन जरूरी है। नए नालंदा परिसर में पुराने परिसर की कमियों को दूर कर आधुनिक सुविधाएं विकसित करने और दिव्यांगजनों के लिए जरूरी इंतजाम करने के निर्देश भी दिए गए।
मिशन अमृत 2.0 के तहत शीतला तालाब के पुनरोद्धार और सौंदर्यीकरण का काम आगामी मार्च तक पूरा करने को कहा गया। इसमें गहरीकरण, पिचिंग और पेवर ब्लॉक लगाने जैसे काम शामिल हैं। इसके अलावा वाटर ट्रीटमेंट और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में बिजली की खपत कम करने के लिए ऊर्जा-कुशल तकनीक अपनाने पर जोर दिया गया।
नागरिकों को समय पर मिले सेवाएं
प्रमुख सचिव ने कहा कि नगर निगम की कार्यप्रणाली ऐसी होनी चाहिए, जिससे लोगों को अपनी छोटी-छोटी समस्याओं के लिए बार-बार दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म और एयरलाइन कंपनियों का उदाहरण देते हुए उन्होंने अधिकारियों को नागरिकों की शिकायतों का विनम्रता से समाधान करने और सेवाओं को अधिक सुविधाजनक बनाने की नसीहत दी। निदान-1100 में दर्ज शिकायतों का समय पर निराकरण करने के साथ डिजिटल माध्यमों से नागरिक सेवाओं को आसान बनाने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा, नगरीय प्रशासन विभाग के संचालक नीलेश क्षीरसागर, सूडा के सीईओ सुमीत अग्रवाल सहित अन्य अधिकारी और अभियंता मौजूद रहे।