सरगुजा के राजनाथ यादव बनिन आधुनिक पशुपालन ले आत्मनिर्भरता के मिसाल
कृत्रिम गर्भाधान तकनीक ले घर मा तइयार होवत हे उन्नत नस्ल के गरुवा मन
डेयरी बिजनस ले हर साल 10 लाख रूपया ले जादा के होवत हे सुद्ध आय
रायपुर. छत्तीसगढ़ सरकार के पशुधन विकास योजना, तकनीकी जानकारी अउ पशु चिकित्सा सुविधा मन के विस्तार ले अब प्रदेश मा पशुपालन ह एक फायदा के धंधा बनके उभरत हे। आधुनिक तकनीक के प्रयोग अउ विभाग के सहयोग ले किसान मन आत्मनिर्भर बनत हें अउ गांव के अर्थव्यवस्था ला नवा मजबूती मिलत हे।
इही कड़ी मा सरगुजा जिला के लुण्ड्रा विकासखंड के ग्राम दोरना के रहइया राजनाथ यादव ह आधुनिक डेयरी प्रबंधन अउ कृत्रिम गर्भाधान तकनीक के माध्यम ले बड़े सफलता पाय हे। ओमन आज इलाका के आघू बढ़त पशुपालक मन बर प्रेरणा बन गे हें अउ डेयरी के धंधा ले साल भर मा 10 ले 12 लाख रूपया तक के सुद्ध कमाय करत हें।
पुरखा के पशुपालन ले आधुनिक डेयरी तक के सफर
राजनाथ यादव ह बताइन कि ओखर परिवार मा पशुपालन ह पुरखा मन के बखत ले चलत आवत हे, फेर पहिली स्थानीय (देसी) नस्ल के गरुवा-भैंस मन ऊपर निर्भर रहे के सेती आमदनी कम होवत रीहीस। पशुपालन विभाग के सलाह ले ओमन एचएफ (होल्स्टीन फ्रीजियन) जइसन उन्नत नस्ल मन ला पालना सुरू करिन अउ आधुनिक तकनीक ला अपनाइन, जेखर से दूध के उत्पादन अउ आय दूनों बाढ़ गे।
कृत्रिम गर्भाधान ले बढ़िस उत्पादकता
राजनाथ ह पशु चिकित्सा विभाग के मदद ले कृत्रिम गर्भाधान (AI) तकनीक के प्रयोग करके अपन पशु मन ला उन्नत बनाइन। अब ओमन ला बाहर ले गरुवा खरीदे के जरूरत नई पड़य, बल्कि अपन घर मा ही बढ़िया क्वालिटी के बछिया मन ला तइयार करत हें। विभाग के अधिकारी मन कोती ले बखत-बखत मा तकनीकी जानकारी अउ उन्नत नस्ल के बीज मिले ले ओमन ला लगातार फायदा होवत हे।
दूध के उत्पादन अउ आय मा बड़े बढ़ोत्तरी अभी ओखर तीर 40 ले 50 ठन गय्या हें, जेकर ले हर दिन लगभग 300 ले 350 लीटर दूध के उत्पादन होवत हे। डेयरी के धंधा मा जम्मो खरचा ला निकाल के ओमन ला हर साल लगभग 10 ले 12 लाख रूपया के सुद्ध मुनाफा (आय) होवत हे, जेखर से ओखर जीवन स्तर ह अउ बढ़िया हो गे हे।
उन्नत पशुपालक के रूप मा सम्मान राजनाथ यादव के ये बड़े सफलता ला देखत, हाल ही मा लुण्ड्रा मा होय किसान सम्मेलन मा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ह ओमन ला ‘उन्नत पशुपालक’ के रूप मा सम्मानित करिन। राजनाथ ह अपन ये कामयाबी के जस (श्रेय) राज्य सरकार के नीति अउ पशुपालन विभाग के सहयोग ला दीन।
गांव के अर्थव्यवस्था ला मिलत हे नवा मजबूती राजनाथ यादव के मानना हे कि राज्य सरकार के बढ़ावा अउ तकनीकी मदद ले पशुपालन ह अब एक फायदा अउ हमेसा चले वाला धंधा बन गे हे। एखर ले न केवल किसान मन के कमाई बढ़त हे, बल्कि गांव के अर्थव्यवस्था ला घलो नवा मजबूती मिलत हे।