Jayjohar
Whatsapp Facebook Twitter Youtube
Jayjohar

Type and hit Enter to search

  • होम
  • खबर छत्तीसगढ़
  • नवा छत्तीसगढ़
  • राजनीति
  • छॉलीवुड समाचार
  • हमर रचनाकार
  • एक्सक्लूजिव
  • Youtube Video
    • जोहार पहुना
    • जोहार सितारा
    • जोहार सिनेमा
    • गाना जोहार
    • फिलिम जोहार
    • काव्य जोहार
    • जोहार बिसेस
    • जोहार संस्कृति
  • LIVE
विश्व कीर्तिमान
खबर छत्तीसगढ़

अम्बेडकर अस्पताल में 11 साल के बच्चे के दिल से चिपका दुर्लभ कैंसर निकाला, बना विश्व कीर्तिमान

Editor Editor
March 17, 2026 4 Mins Read
29 Views
0 Comments
  • स्टेज-3 इनवेसिव थायमिक कैंसर का सफल ऑपरेशन; अब तक मेडिकल जर्नल में 12 वर्ष के सबसे कम उम्र का मरीज है दर्ज, 11 वर्ष के इस मरीज के साथ यह विश्व रिकॉर्ड
  • 6 महीने पहले हुए कैंसर सर्जरी एवं 25 साइकिल रेडिएशन थेरेपी के बाद बच्चे ने इस साल स्कूल जाना प्रारंभ किया और परीक्षा भी दिया
  •  यह ट्यूमर (इनवेसिव थाइमोमा) सामान्यतः 40 से 60 वर्ष के लोगों में होता है
  • ट्यूमर ने हार्ट के साथ, पेरिकार्डियम, फ्रेनिक नर्व,महाधमनी, मुख्य पल्मोनरी आर्टरी(एमपीए), लेफ्ट एट्रियम एवं फेफड़े को अपनी चपेट में ले रखा था
  • स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने पूरी टीम को दी बधाई

रायपुर.  पं. नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े शासकीय अस्पताल डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय के हार्ट, चेस्ट एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए जटिल और असंभव माने जाने वाले ऑपरेशन को सफलतापूर्वक संभव बनाया है। विभाग की टीम ने 11 वर्ष के एक बच्चे के हृदय से चिपके अत्यंत दुर्लभ स्टेज-3 इनवेसिव थायमिक कैंसर (टाइप-बी थायमोमा) का सफल ऑपरेशन कर विश्व स्तर पर नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

 इसमें खास बात यह है कि अब तक मेडिकल जर्नल में इस प्रकार के कैंसर का सबसे कम उम्र का मरीज 12 वर्ष का दर्ज है, जबकि राज्य में 11 साल के बच्चे में यह बीमारी पाई गई और उसका सफल ऑपरेशन भी किया गया। अम्बेडकर अस्पताल के हार्ट, चेस्ट एवं वैस्कुलर सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. कृष्णकांत साहू एवं उनकी टीम द्वारा यह जटिल सर्जरी की गई।

 ऑपरेशन के छह माह बाद बच्चा पूरी तरह स्वस्थ है और इस वर्ष उसने पुनः स्कूल जाना शुरू कर कक्षा छठवीं की परीक्षा भी दी है।
डॉक्टरों के अनुसार यह ट्यूमर सामान्यतः 40 से 60 वर्ष के लोगों में पाया जाता है और बच्चों में इसका मिलना अत्यंत दुर्लभ है। यह ट्यूमर हृदय, पेरिकार्डियम, फ्रेनिक नर्व महाधमनी (एओर्टा), मुख्य पल्मोनरी आर्टरी, लेफ्ट एट्रियम और फेफड़े से चिपका हुआ था। ऐसे मामलों में ट्यूमर को पूरी तरह निकाल पाना (आर-0 रिसेक्शन) लगभग असंभव माना जाता है, लेकिन अस्पताल में उपलब्ध हार्ट-लंग मशीन की मदद से यह संभव हो पाया।

ड्यूल एप्रोच तकनीक से हुआ ऑपरेशन
ट्यूमर का आकार बहुत बड़ा और कई अंगों से चिपका हुआ होने के कारण इसे निकालने के लिए ड्यूल एप्रोच तकनीक का उपयोग किया गया। इसके तहत मरीज के स्टर्नम (छाती की हड्डी) और पसली- दोनों स्थानों पर चीरा लगाया गया, जिसे मेडिकल भाषा में स्टर्नोटॉमी और थोरेक्टोमी कहा जाता है।

मुख्य ट्यूमर के अलावा फेफड़े की प्लूरल कैविटी में फैले तीन अन्य सैटेलाइट ट्यूमर को भी सावधानीपूर्वक निकाला गया, ताकि भविष्य में कैंसर दोबारा फैलने की संभावना न रहे। निकाले गए ट्यूमर का आकार लगभग 12×8 सेंटीमीटर और वजन करीब 400 ग्राम था।

छह महीने से थी तकलीफ
चांपा निवासी कक्षा छठवीं में पढ़ने वाले इस बच्चे को करीब छह महीने से छाती में दर्द, भारीपन और सांस फूलने की शिकायत थी। जांच में पता चला कि उसके सीने में बड़ा ट्यूमर है, जो हृदय और मुख्य धमनियों से चिपका हुआ है। प्रदेश के कई अस्पतालों में ऑपरेशन से मना किए जाने के बाद मरीज को अम्बेडकर अस्पताल भेजा गया।

डॉ. कृष्णकांत साहू ने सीटी स्कैन देखने के बाद परिजनों को बताया कि ऑपरेशन अत्यंत जोखिम भरा है और सर्जरी के दौरान मरीज की जान को खतरा हो सकता है या ऑपरेशन बीच में रोकना पड़ सकता है। इसके बावजूद परिजनों ने सहमति दी और टीम ने सर्जरी का निर्णय लिया।

चार घंटे चली सर्जरी
ऑपरेशन के दौरान किसी भी आपात स्थिति के लिए हार्ट-लंग मशीन तैयार रखी गई थी। लगभग चार घंटे चली सर्जरी के दौरान हार्ट की झिल्ली, फ्रेनिक नर्व तथा फेफड़े के कुछ हिस्से को भी निकालना पड़ा। साथ ही हार्ट के लेफ्ट एट्रियम  को भी रिपेयर किया गया क्योंकि ट्यूमर लेफ्ट एट्रियम से चिपका हुआ था। इस दौरान मरीज को चार यूनिट रक्त की आवश्यकता पड़ी।

सर्जरी के बाद ट्यूमर के नमूने को बायोप्सी के लिए पैथोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. राबिया परवीन सिद्दकी के पास भेजा गया, जहां जांच में इसे इनवेसिव थायमिक कार्सिनोमा (टाइप-बी थायमोमा, स्टेज-3) पाया गया। इसके बाद कैंसर विभाग द्वारा मरीज को 25 साइकिल रेडिएशन थेरेपी दी गई।

अब पूरी तरह स्वस्थ
सर्जरी और उपचार के लगभग छह माह बाद बच्चा पूरी तरह स्वस्थ है और दो महीने पहले से दोबारा स्कूल जाने लगा है। इस वर्ष उसने कक्षा छठवीं की परीक्षा भी दी है। इस दुर्लभ केस को राष्ट्रीय कैंसर सर्जरी सम्मेलन में भी प्रस्तुत किया गया, जहां इसे बेस्ट पेपर अवार्ड के रूप में सराहना मिली। विभाग अब इसे अंतरराष्ट्रीय मेडिकल जर्नल में प्रकाशित करने की भी तैयारी है।

प्रदेश का प्रमुख सेंटर
अम्बेडकर अस्पताल का हार्ट, चेस्ट एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग छत्तीसगढ़ और पड़ोसी राज्यों में छाती, फेफड़े एवं मीडियास्टाइनल कैंसर की सर्जरी का प्रमुख केंद्र है। प्रदेश में इस प्रकार की लगभग 95 प्रतिशत से अधिक सर्जरी इसी विभाग में की जाती हैं।

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस सफलता के लिए मेडिकल कॉलेज और संबद्ध अस्पताल की पूरी टीम को बधाई दी है। 

पं. नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय के डीन डॉ. विवेक चौधरी ने कहा कि यह सर्जरी एक बड़ी उपलब्धि है। चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध अम्बेडकर अस्पताल में जटिल से जटिल सर्जरी भी सफलतापूर्वक की जा रही है और प्रदेश के मरीजों को अब ऐसी सर्जरी के लिए बड़े शहरों में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ रही है।

अम्बेडकर अस्पताल अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने कहा कि हार्ट, चेस्ट एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग की टीम ने अत्यंत कठिन और दुर्लभ ऑपरेशन को सफल कर अस्पताल की क्षमता को एक बार फिर साबित किया है ।

Tags:

cgChhattisgarhraipur newsstate news

Share Article

Other Articles

स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का त्याग और बलिदान
Previous

स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का त्याग और बलिदान देश की अमूल्य धरोहर: मुख्यमंत्री श्री साय

बेटी वनिता नेताम 1 1
Next

अबूझमाड़ की बेटी वनिता नेताम ने ‘आदि पर्व 2026’ में रचा इतिहास : वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ नाम

Next
बेटी वनिता नेताम 1 1
March 17, 2026

अबूझमाड़ की बेटी वनिता नेताम ने ‘आदि पर्व 2026’ में रचा इतिहास : वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ नाम

Previous
March 17, 2026

स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का त्याग और बलिदान देश की अमूल्य धरोहर: मुख्यमंत्री श्री साय

स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का त्याग और बलिदान

Related Posts

1775828507 3393d0a50a3847a3c032cxv

धोवाताल के 60 माईलोगन मन रचिन आत्मनिर्भरता के मिसाल

Editor Editor
April 10, 2026
1775835323 4ece8375d84f600b5619

जिला के दूरिहा गांव चिंगनार म लगिस जनसमस्या निवारण सिविर: ग्रामीण मन ल मिलीस सरकारी योजना मन के लाभ

Editor Editor
April 10, 2026
1775838463 5cd558b4a9690d495d6b

कुसुम के खेती बनीस लाभ के सउदा

Editor Editor
April 10, 2026
1775832184 25a217512c83aa7f6ca1

खेल अउ खिलाड़ी मन ल आघू बढ़ाए बर टूर्नामेंट जरूरी: अरुण साव

Editor Editor
April 10, 2026

Follow Us

Whatsapp Facebook Twitter Youtube

Om Prakash Chandrakar
Kushalpur
Raipur Chhattishgarh
email: jayjohar2017@gmail.com

Category

  • छॉलीवुड समाचार
  • हमर रचनाकार
  • सियासत
  • नवा छत्तीसगढ़
Jayjohar
© Copyright 2023, All Rights Reserved | Jay Johar Media | जय जोहार मीडिया.
  • होम
  • हमर छत्तीसगढ़
  • एक्सक्लूजिव
  • राजनीति
  • छॉलीवुड
  • लाइव
  • हमर रचनाकार
  • जय जोहार चैनल | जोहार पहुना कार्यक्रम
  • जय जोहार चैनल | जोहार सितारा कार्यक्रम
  • जय जोहार चैनल | जोहार सिनेमा कार्यक्रम
  • जय जोहार चैनल | जोहार बिसेस कार्यक्रम
  • poem
  • जय जोहार चैनल | गाना जोहार कार्यक्रम
  • LIVE:भरोसे का सम्मलेन (ठेकवा, राजनांदगांव)
  • जय जोहार चैनल | फिलिम जोहार कार्यक्रम
  • छत्तीसगढ़ में आदिवासी नेतृत्व गढ़ रहा है विकास के नए सोपान
  • जय जोहार चैनल | काव्य जोहार कार्यक्रम
  • जय जोहार चैनल | जोहार संस्कृति कार्यक्रम
  • जय जोहार | Jay Johar – हमर माटी हमर भाखा | छत्तीसगढ़ी समाचार