सेवा संकल्प अभियान: ‘लखपति दीदी’ संकल्प से आत्मनिर्भरता की राह पर रानू कैवर्त
रायपुर, गौरेला-पेन्ड्रा-मरवाही जिले के मरवाही विकासखंड की ग्राम पंचायत अंडी निवासी रानू कैवर्त की सफलता ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की एक प्रेरक मिसाल बनकर सामने आई है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन-‘बिहान’ से जुड़कर उन्होंने अपने हुनर और मेहनत को आजीविका के विभिन्न साधनों से जोड़ा है, जिसके परिणामस्वरूप आज उनकी वार्षिक आय लगभग 2 से 3 लाख रुपये तक पहुँच चुकी है।
बहुआयामी आजीविका गतिविधियों से बदली तस्वीर
रानू कैवर्त ‘शिव गुरु महिला स्व-सहायता समूह’ की सचिव हैं। समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने एक ही व्यवसाय पर निर्भर रहने के बजाय कई आजीविका गतिविधियों को अपनाया:
- व्यवसाय और सिलाई: सिलाई कार्य, कपड़ों की दुकान और किराना स्टोर का संचालन।
- पशुपालन और हैचरी: बटेर पालन, देशी मुर्गी पालन और हैचरी जैसे कार्यों से आय के नए स्रोत तैयार किए।
‘लखपति दीदी’ पहल और शासकीय योजनाओं का संबल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘लखपति दीदी’ संकल्प के तहत देश में करोड़ों महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़ा गया है, जिससे वे टिकाऊ आजीविका अपनाकर आर्थिक रूप से सक्षम बन रही हैं। छत्तीसगढ़ में भी बिहान योजना के माध्यम से लाखों महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं।
इसके अतिरिक्त, रानू कैवर्त को ‘महतारी वंदन योजना’ के तहत मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता से भी घरेलू जरूरतों को पूरा करने और अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने में बड़ा संबल मिला है। अपनी इस सफलता के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है।