सेवा संकल्प अभियान: ‘लखपति दीदी’ संकल्प से आत्मनिर्भरता की राह पर सीता मरावी
रायपुर, गौरेला-पेन्ड्रा-मरवाही (GPM) जिले के मरवाही विकासखंड की ग्राम पंचायत गुदुमदेवरी निवासी सीता मरावी की सफलता ग्रामीण महिला सशक्तिकरण की एक प्रेरक मिसाल बनकर सामने आई है। महिला स्वसहायता समूह से जुड़कर उन्होंने आर्थिक गतिविधियों की शुरुआत की और आज किराना दुकान तथा मुर्गी व्यवसाय के माध्यम से उनकी वार्षिक आय लगभग 2 से 2.5 लाख रुपये तक पहुँच चुकी है।
समूह के सहयोग से शुरू किए कारोबार
सीता मरावी ‘वंदना महिला स्वसहायता समूह’ की सदस्य हैं। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें स्वरोजगार के बेहतरीन अवसर मिले:
- किराना व्यवसाय: बैंक लोन तथा समूह के माध्यम से प्राप्त सीआईएफ एवं आरएफ की 25 हजार रुपये की सहायता से उन्होंने गांव में किराना दुकान शुरू की।
- मुर्गी पालन: इसके बाद समूह के संकुल से 50 हजार रुपये की राशि प्राप्त कर उन्होंने मुर्गी व्यवसाय भी प्रारंभ किया।इन दोनों व्यवसायों को अपनी मेहनत और बेहतर प्रबंधन से आगे बढ़ाकर आज वे अपने गांव में ‘लखपति दीदी’ के रूप में पहचान बना रही हैं।
‘लखपति दीदी’ संकल्प और महतारी वंदन योजना का संबल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘लखपति दीदी’ संकल्प के तहत देश में करोड़ों महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़कर टिकाऊ आजीविका से सक्षम बनाया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन-‘बिहान’ के माध्यम से लगभग 29.78 लाख महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं।
इसके साथ ही, सीता मरावी को ‘महतारी वंदन योजना’ के तहत भी नियमित आर्थिक सहायता मिल रही है, जिससे घरेलू जरूरतों को पूरा करने में बड़ा संबल मिला है। अपनी जिंदगी में आए इस सकारात्मक बदलाव के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है।