Jayjohar
Whatsapp Facebook Twitter Youtube
Jayjohar

Type and hit Enter to search

  • होम
  • खबर छत्तीसगढ़
  • नवा छत्तीसगढ़
  • राजनीति
  • छॉलीवुड समाचार
  • हमर रचनाकार
  • एक्सक्लूजिव
  • Youtube Video
    • जोहार पहुना
    • जोहार सितारा
    • जोहार सिनेमा
    • गाना जोहार
    • फिलिम जोहार
    • काव्य जोहार
    • जोहार बिसेस
    • जोहार संस्कृति
  • LIVE
ghanshyam mahanand
छॉलीवुड समाचार

गीत-संगीत के लोकप्रियता बर अपन भाखा ले प्यार होना जरूरी: घनश्याम महानंद

www.jayjohar.com
www.jayjohar.com
October 24, 2017 5 Mins Read
821 Views
0 Comments
दिलीप साहू (जयजोहार)

दर्शक मन के दिल म “ब्लेक डायमंड“ के रूप म अपन छाप छोड़ईया घनश्याम महानंद ह आज छॉलीवुड म कोई पहचान के मोहताज नई हे। अपन गायकी सूफी, गज़ल, भजन  अऊ अन्य विधा म पारंगत होए को बावजूद घनश्याम ल लोकगीत ले ज्यादा लगाव हे। इही वजह हे कि ओ ह छत्तीसगढ़ी लोक गीत-संगीत ल देश में एक अलग पहचान दिलाए के बीड़ा उठाए हे। इही कड़ी म ओमन ह साल 2016 में फोक फ्यूजन 36-बैंड के स्थापना करिन। ऐखर माध्यम ले छत्तीसगढ़ के पारंपरिक अमर रचना ल लोगन मन के जुबान म चढाए बर ऐला नवा अंदाज म पेश करत हे। जयजोहार ह घनश्याम ले ओखर गायकी अऊ संघर्ष ल लेके चर्चा करिस। ऐ दौरान ओमन ह छत्तीसगढ़ी लोक गीत-संगीत के दशा अऊ दिशा ल लेके बेबाकी ले अपन बात ल रखिस। पेश हे ओखर कुछ चुनिंदा अंश………

  • आम धारणा ऐ हाबे कि कलाकार जन्मजात होथे, ओखर अंदर जनम ले ऐ हुनर ह विकसित हो जाथे। आम मन का मनथो का ऐ बात ह सही हे.?
  • ऐ धारणा ले में ह पूरी तरह ले सहमत तो नई हों लेकिन ऐ बात ल अस्वीकर घलो नई करे जा सके। में ह अपन बात ल करहूं त मोला बचपन ले संगीत के शौक रिहिस। मोर पिताजी ह घलो संगीत ले जुड़े रिहिस। परिवार म सबो झन कोनों न कोनों तरह से संगीत ले जुड़े हे। मोला याद हे एक बखत के बात जब में ह सातवीं कक्षा ले गाना शुरू कर दे रेहेंव। वो दरि हमर घर म रेडियो, टेप रिकार्डर जईसे कोई चीज नई रिहिस। दूसर मन के घर म बजईया लाउड स्पीकर ले गाना सुनके ओला गुनगुनाव। इही मेर ले में ह सुर अऊ लय ल पकडे़ ल लाग गेंव।
  • आप मन ह गायकी के क्षेत्र में कईसे कदम रखेव ?
  • मोर घर के आर्थिक स्थिति काफी खराब रिहिस। पढ़ई लिखई के संगे संग खर्चा चलाए बर काम घलो करत रेहेंव। ओ दरि पहिली उद्देश्य मोर नौकरी रिहिस। ऐखर सति 12 वीं के पढ़ाई के बाद आईटीआई करेंव। आईटीआई करे के बाद कई जगह नौकरी बर चक्कर घलो कांटेंव, लेकिन कोनों जगह बात नई बनिस। इही बखत म जी-म्यूजिक चैनल बर सुर मिलाओं कुछ कर दिखाओं नाम के प्रतियोगिता के आयोजन होत रिहिस। जेमा महूं ह भाग लेंव अऊ प्रतियोगिता म टॉप घलो करेंव। लेकिन एखर ज्यादा फायदा मोला नई मिलिस। ओखर बाद कमलादेवी संगीत महाविद्यालय रायपुर म में ह सुगम संगीत के शिक्षा लेंव।
ghanshyam mahanand
घनश्याम ल लोकगीत ले ज्यादा लगाव हे
  • विधिवत गायकी बर मंच कईसे मिलिस?
  • कमलादेवी संगीत महाविद्यालय में वेस्ली तिमोथी मोर गुरु रिहस, जेन ह मोला संगीत के बारीकी ल सिखईन। एखरे साथ गायकी बर मोला पहिली मौका रायगढ़ वाले पद्मलोचन जायसवाल जी के लोकमंच – भोजली म मिलिस। ऐ दरि दर्शक मन के भरपूर प्यार मोला मिलिस। एखर बार अलग-अलग लोकमंच म गाए बर लग गेंव। इही दौरान छत्तीसगढ़ के सब्बो नामचीन कलाकार मन संग गाए के मौका मिलिस। अब तक करीब 1500 मंच म में ह प्रस्तुति दे चुके हों।
  • आप मन छत्तीसगढ़ी फिलिम म घलो गीत गाए हो, ओखर अनुभव कईसे रिहिस?
  • हव, में ह करीब आधा दर्जन फिलम म गीत गाए हों। ऐमें प्रमुख रुप ले रघुबीर, रौतईन, किरिया, मया के घरौंदा आदि शामिल हे। छत्तीसगढ़ी फिलिम म मान-सम्मान तो हे, लेकिन पईसा नई हे। एक-एक गीत के रिकार्डिंग म जतेक समय लगथे ओखर एवज म मेहनताना नई मिले।
  • ऐखर का वजह मानथो कि जेन पहचान पंजाबी-राजस्थानी गीत-संगीत के हाबे ओ देशव्यापी पहचान छत्तीसगढ़ी लोकगीत नई बना पात हे?
  • ऐखर सबले बड़े कारण छत्तीसगढ़ के मनखे मन ले अपन भाखा के संग भावनात्मक जुड़ाव के कमीं हे। जब तक हम अपन भाखा अऊ अपन संस्कृति संग भावनात्मक रूप ले नई जुड़बो त दूसर मन ल हम कईसे जोड़ पाबो। संगे-संग छत्तीसगढ़ी लोक गीत-संगीत के आत्मा ल जिंदा रखत ओमा नवापन लाए के जरूरत हे, ताकि हमर नवा पीढ़ी ह ओ संगीत ल दिल से अपना ले।
  • छत्तीसगढ़ी लोक गीत-संगीत म आप कोन तरह के बदलाव के बात करत हव?
  • छत्तीसगढ़ी लोक गीत मन म अभी तक परंपरागत शैली ह चले आत हे। परंपरागत गीत मन ल सूफी, क्लासिकल व वेस्टर्न स्टाइल म ढाले जा सकथे। ऐखर ले ए होही कि डिस्को या रॉक पसंद करईया नवा पीढ़ी ह घलो छत्तीसगढ़ी संगीत ल अपना लिहि। छत्तीसगढ़ी लोक गीत ल नवा अऊ आधुनिक वाद्ययंत्र के संग गाए जा सकथे। इही कड़ी म हमर फोक फ्यूजन 36 बैंड काम करत हे। हम परंपरागत गीत ल नवा अंदाज अऊ कलेवर म प्रस्तुत करे के कोशिश करथन।
ghanshyam mahanad 02
फोक फ्यूजन 36 बैंड के माध्यम ले गीत ल नवा अंदाज अऊ कलेवर म करत हे प्रस्तुत
  • त का हमर सुघ्घर संगीत ल वेस्टर्न स्लाइल म ढाले ले ओखर परंपरागत शैली म असर नई पड़ही?
  • नई पड़े, हम जे नवा कलेवर देत हन, ओमा गीत संगीत के आत्मा ल जिंदा रखत करत हन। जईसे कि अरपा पैरी की धार…, चौरामा गोंदा रखिया मोर.., जईसे अमर रचना ल नवा सुर-ताल म प्रस्तुत करत हन अऊ लोगन मन ओला अब्बड पसंद घलो करत हे। छत्तीसगढ़ के महान संत कवि पवन दीवान के कविता राख के रॉक वर्जन ल लोगन मन खासा पसंद करत हे। ओखर हिन्दी कविता ल घलो नवा रूप दे जात हे।
  • छत्तीसगढ़ी गीत ल लेके का पहिली अईसन प्रयोग नई करे गे हे?
  • मोर जानकारी म ऐला लेके लोगन मन संजीदा नई हे। जतना भी ऐ क्षेत्र के नामचीन अऊ सीनियर कलाकार हे ओमन ह पहिली ले चले आत गीत-संगीत के परंपरा ल उही रूप म आगे बढईन। नामी मन कुछ कदम बढ़ाही तो आने वाला पीढ़ी ल कुछ नवा करे के जज्बा मिलही। प्रमुख रूप ले जेखर पहचान लोक-संगीत ले हे, ओ ह ऐला बढ़ाए बर सोचही त विश्वस्तर म छत्तीसगढ़ी गीत-संगीत के डंका बजहि।
  • छत्तीसगढ़ी फिलिम के गीत ह घलो काबर लोगन मन के जुबान म नई चढ़ पात हे?
  • छत्तीसगढ़ी फिलिम म ज्यादातर अईसे लोगन म काम करत हे, जेन ल छत्तीगसढ़ी भाखा नई आए। कई फिल्मकार ह पहिली ले रचे हुए कोई लोक मंच के गीत ल सीधा-सीधा फिलिम म ले लेथे। फिलिम के हिसाब ले गीत रचना ल लेके कोनो ध्यान नई देत हे। अऊ न ही ऐमा ज्यादा खर्च करे जात हे। इही वजह हे कि छत्तीसगढ़ी फिलिम के गीत ह लोगन मन के अंतस म घर नई बना पात हे। न ही लोगन मन के जुबान म गाना के बोल चढ़त हे।
ghanshyam mahanad 04
परंपरागत गीत ल सूफी, क्लासिकल व वेस्टर्न स्टाइल म ढाले जा सकथे।
  • छत्तीसगढ़ी लोकगीत-संगीत ल बढ़ावा दे बर आप मन के हिसाब ले अऊ का करे जा सकत हे?
  • छत्तीसगढ़ी लोककला, लोकगीत-संगीत ल स्कूल स्तर म सीखाए के जरूरत हे। ऐला पाठ्यक्रम म घलो शामिल करना चाहिए। ऐखर ले लईका मन अपन लोकगीत, संगीत व लोक कला ल जानहि अऊ आने वाला पीढ़ी ह अपन संस्कृति के बचाए म सफल होही। संगे संग एखर ले लईका मन म संस्कार व संस्कृति के विकास होही। आगे चलके इही नवा पीढ़ी ह छत्तीसगढ़ी भाखा ल दुनिया म मान दिलाही।

https://www.youtube.com/watch?v=bC71v2TzZVM

Tags:

साक्षात्कार

Share Article

Other Articles

Previous

कोन ए भारती,,, अऊ ऐखर हौसला ल सुनके काबर करहू ऐला सलाम

tanya tiwari
Next

मिस ब्यूटीफुल ऑफ सेंट्रल इंडिया तान्या ह बन गे हे छॉलीवुड के धड़कन

Next
tanya tiwari
October 24, 2017

मिस ब्यूटीफुल ऑफ सेंट्रल इंडिया तान्या ह बन गे हे छॉलीवुड के धड़कन

Previous
October 23, 2017

कोन ए भारती,,, अऊ ऐखर हौसला ल सुनके काबर करहू ऐला सलाम

Related Posts

MOR MAHADEV

फिर दो छत्तीसगढ़ी फ़िल्मों का टकराव… ‘आटा चक्की’ व ‘मोर महादेव’ का प्रदर्शन 13 को

Editor Editor
February 12, 2026
AATA CHAKKI

अपनी तरह की अलग प्रेम कहानी ‘आटा चक्की’: अलक राय

Editor Editor
February 12, 2026
Du Duni Nalgu 735x400 1

छत्तीसगढ़ी फिल्म “दु दूनी नालगु” 12 फरवरी से शूट पर

Editor Editor
February 12, 2026
Cover

झन भुलव मां बाप 2 के लिए दीपक फाइनल, आराधना पहली पसंद

Editor Editor
February 8, 2026

Follow Us

Whatsapp Facebook Twitter Youtube

Om Prakash Chandrakar
Kushalpur
Raipur Chhattishgarh
email: jayjohar2017@gmail.com

Category

  • छॉलीवुड समाचार
  • हमर रचनाकार
  • सियासत
  • नवा छत्तीसगढ़
Jayjohar
© Copyright 2023, All Rights Reserved | Jay Johar Media | जय जोहार मीडिया.
  • होम
  • हमर छत्तीसगढ़
  • एक्सक्लूजिव
  • राजनीति
  • छॉलीवुड
  • लाइव
  • हमर रचनाकार
  • जय जोहार चैनल | जोहार पहुना कार्यक्रम
  • जय जोहार चैनल | जोहार सितारा कार्यक्रम
  • जय जोहार चैनल | जोहार सिनेमा कार्यक्रम
  • जय जोहार चैनल | जोहार बिसेस कार्यक्रम
  • poem
  • जय जोहार चैनल | गाना जोहार कार्यक्रम
  • LIVE:भरोसे का सम्मलेन (ठेकवा, राजनांदगांव)
  • जय जोहार चैनल | फिलिम जोहार कार्यक्रम
  • छत्तीसगढ़ में आदिवासी नेतृत्व गढ़ रहा है विकास के नए सोपान
  • जय जोहार चैनल | काव्य जोहार कार्यक्रम
  • जय जोहार चैनल | जोहार संस्कृति कार्यक्रम
  • जय जोहार | Jay Johar – हमर माटी हमर भाखा | छत्तीसगढ़ी समाचार