छत्तीसगढ़ में बेहतर क्रियान्वयन के लिए केंद्र ने की सराहना, प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने दिल्ली में की उच्चस्तरीय बैठक
रायपुर, छत्तीसगढ़ में केंद्र सरकार की शहरी विकास योजनाओं की प्रगति को लेकर नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने नई दिल्ली स्थित ‘संकल्प भवन’ में केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव सत्येन्द्र सिंह से सौजन्य मुलाकात की। बैठक के दौरान केंद्रीय सचिव ने राज्य में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के प्रभावी क्रियान्वयन की जमकर सराहना की।
इस उच्चस्तरीय बैठक में राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुमीत अग्रवाल भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
बैठक के प्रमुख मुख्य बिंदु (Key Highlights)
- PMAY (U) 1.0 एवं 2.0: प्रमुख सचिव बोरा ने PMAY (U) 2.0 की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और PMAY (U) 1.0 के शेष कार्यों को विस्तारित समय-सीमा में पूर्ण करने की विस्तृत कार्ययोजना साझा की।
- अमृत मिशन 2.0 के लिए 100 करोड़ रुपये मंजूर: राज्य द्वारा चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 की 100 करोड़ रुपये की राशि का पूर्ण उपयोग प्रस्तुत करने पर केंद्र सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अगली किस्त के 100 करोड़ रुपये तुरंत जारी कर दिए।
- सभी निकायों में अमृत मिशन विस्तार की मांग: बोरा ने मांग रखी कि राज्य के जिन नगरीय निकायों में अमृत मिशन स्वीकृत नहीं है, वहां भी इसे लागू कर अतिरिक्त बजट उपलब्ध कराया जाए।
अरबन चैलेंज फंड और रायपुर-भिलाई में बड़े प्रोजेक्ट्स
प्रमुख सचिव ने बताया कि अरबन चैलेंज फंड के तहत छत्तीसगढ़ के लिए 6,000 करोड़ रुपये के केंद्रीय आवंटन में से 1,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अंतर्गत प्रमुख परियोजनाओं का चयन किया गया है:
- रायपुर: गंज मंडी, टर्शरी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, नवीन मार्केट रिडेवलपमेंट और पुरानी म्युनिसिपल बिल्डिंग का पुनर्विकास।
- भिलाई-दुर्ग क्लस्टर: हाइब्रिड मॉडल पर वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट का निर्माण।
- इन प्रोजेक्ट्स के लिए HUDCO (हुडको) के माध्यम से वित्तीय सहायता और क्षमता विकास की कार्ययोजना पर तेजी से काम जारी है।
स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 की समीक्षा
बैठक में स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के घटकवार कार्यों की प्रगति भी समीक्षा की गई। प्रमुख सचिव ने आश्वासन दिया कि मिशन अवधि समाप्त होने से पूर्व एक विशेष कार्ययोजना बनाकर सभी कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा।
साथ ही, बोरा ने केंद्रीय सचिव का ध्यान छत्तीसगढ़ के नगरीय निकायों के छोटे आकार और कम जनघनत्व के कारण जमीनी स्तर पर आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों की ओर आकर्षित किया। इस पर केंद्रीय सचिव सत्येन्द्र सिंह ने केंद्र की ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।