अबूझमाड़ में बदली शिक्षा की तस्वीर, 10 किमी दूर जाने से बच्चों को मिली मुक्ति
‘स्कूल केईन्ता’ अभियान से 2,000 से अधिक बच्चे शिक्षा से जुड़े, 34 वैकल्पिक प्राथमिक शालाएं शुरू
रायपुर, नारायणपुर जिले के दुर्गम अबूझमाड़ अंचल में बच्चों तक शिक्षा पहुंचाने के लिए संचालित ‘स्कूल केईन्ता’ अभियान नई उम्मीद बनकर उभरा है। भौगोलिक कठिनाइयों और स्कूलों की दूरी के कारण पढ़ाई से वंचित रहने वाले बच्चों को अब अपने गांव में ही शिक्षा मिल रही है। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत अब तक 2,000 से अधिक बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा गया है, जबकि दूरस्थ क्षेत्रों में 34 वैकल्पिक प्राथमिक शालाएं संचालित की जा रही हैं।
घमंडी गांव में अब स्थानीय स्तर पर पढ़ाई
गारपा संकुल केंद्र के अंतर्गत आने वाले घमंडी गांव में पहले बच्चों को प्राथमिक शिक्षा के लिए कोड़ेनार तक करीब 10 किलोमीटर पैदल जाना पड़ता था। जंगलों, पथरीले रास्तों और लंबी दूरी के कारण बच्चों की नियमित पढ़ाई प्रभावित होती थी। इस समस्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने गांव में ही वैकल्पिक प्राथमिक शाला शुरू की। वर्तमान में यहां 30 बच्चे पंजीकृत हैं।
स्थानीय शिक्षा दूत निभा रहे अहम भूमिका
घमंडी में स्थानीय शिक्षा दूत कोसा राम वड्डे बच्चों को नियमित पढ़ाई से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। गांव में ही स्कूल की सुविधा मिलने से बच्चों और अभिभावकों को लंबी दूरी तय करने की परेशानी से राहत मिली है। इससे दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा की पहुंच बढ़ाने के प्रयासों को भी गति मिली है।
22 बच्चों को गांव में ही मिले जाति प्रमाण पत्र
शिक्षा के साथ बच्चों को जरूरी शासकीय दस्तावेज उपलब्ध कराने की दिशा में भी पहल की गई है। वैकल्पिक शाला घमंडी में पिछले वर्ष नामांकित 22 बच्चों के जाति प्रमाण पत्र तैयार कर उन्हें वितरित किए गए। इन प्रमाण पत्रों से बच्चों को भविष्य में छात्रवृत्ति, शैक्षणिक योजनाओं और अन्य पात्र शासकीय सुविधाओं का लाभ लेने में मदद मिलेगी।
दूरस्थ गांवों तक पहुंच रहीं शिक्षा की सुविधाएं
‘स्कूल केईन्ता’ अभियान के तहत दुर्गम इलाकों में 34 वैकल्पिक प्राथमिक शालाओं का संचालन शुरू किया गया है। इस पहल का उद्देश्य उन बच्चों तक शिक्षा पहुंचाना है, जिनके लिए भौगोलिक परिस्थितियों और स्कूलों की दूरी के कारण नियमित पढ़ाई करना मुश्किल था। गांवों में ही पढ़ाई की व्यवस्था होने से बच्चों की शिक्षा जारी रखने के अवसर बढ़े हैं।
‘सेवा संकल्प’ से विकास को मिल रही नई दिशा
जिला प्रशासन की इस पहल से शिक्षा के साथ आवश्यक दस्तावेजों की उपलब्धता पर भी ध्यान दिया जा रहा है। ‘स्कूल केईन्ता’ अभियान यह दिखाता है कि स्थानीय जरूरत