अबूझमाड़ के पास बसे कचोरा गांव में पहुंचा हर घर नल से जल, 24 परिवारों को मिली राहत
नारायणपुर। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के दूरस्थ ग्राम कचोरा में जल जीवन मिशन के तहत घर-घर नल से पेयजल पहुंचाने की योजना पूरी हो गई है। जिला मुख्यालय से करीब 55 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत महोरा के आश्रित गांव कचोरा में अब सभी 24 परिवारों को नल के माध्यम से शुद्ध और सुरक्षित पेयजल मिल […]
अबूझमाड़ में बदली शिक्षा की तस्वीर, 10 किमी दूर जाने से बच्चों को मिली मुक्ति
‘स्कूल केईन्ता’ अभियान से 2,000 से अधिक बच्चे शिक्षा से जुड़े, 34 वैकल्पिक प्राथमिक शालाएं शुरू रायपुर, नारायणपुर जिले के दुर्गम अबूझमाड़ अंचल में बच्चों तक शिक्षा पहुंचाने के लिए संचालित ‘स्कूल केईन्ता’ अभियान नई उम्मीद बनकर उभरा है। भौगोलिक कठिनाइयों और स्कूलों की दूरी के कारण पढ़ाई से वंचित रहने वाले बच्चों को अब […]
अबूझमाड़ के गांवों तक पहुंचीं सरकारी सेवाएं, कुतुल शिविर में बने 27 नए आधार कार्ड
नारायणपुर, अबूझमाड़ जैसे दुर्गम इलाके में सरकारी सेवाओं को ग्रामीणों के करीब पहुंचाने के लिए नारायणपुर जिला प्रशासन की पहल जारी है। सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित ‘सेवा सेतु’ शिविरों के जरिए ग्रामीणों को गांव में ही जरूरी दस्तावेज और शासकीय सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसी कड़ी में 25 सितंबर को ग्राम […]
अबूझमाड़ का नया सवेरा: डोंडरीबेड़ा से कटेर की सड़क ने मिटाया दशकों का सन्नाटा
विकास की राह पर दौड़ी जिंदगी रायपुर, छत्तीसगढ़ के बस्तर (Bastar) अंचल में हुए एक विशिष्ट सड़क विकास से दशकों तक कटा रहा l दुर्गम आदिवासी क्षेत्रों (जैसे डोंडरबेड़ा और कटेर) को मुख्य मार्गों से जोड़कर आवागमन की बाधाओं, पलायन और सामाजिक-आर्थिक पिछड़ेपन के अंधकार को मिटा रही है।ये पक्की सड़कें न केवल दशकों का […]
आजादी के 78 साल बाद अबुझमाड़ के मयूरीपारा तक पहुंची विकास की राह
रायपुर, बीजापुर जिले के भैरमगढ़ विकासखंड के अतिसंवेदनशील और पूर्व नक्सल प्रभावित अबुझमाड़ क्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़क निर्माण कार्य ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है। वर्षों तक विकास से दूर रहे मयूरीपारा तक अब सड़क पहुंचने से लोगों को बेहतर आवागमन, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ […]
महाराष्ट्र सीमा से सटे अबूझमाड़ की पदमकोट पंचायत में विकास की नई धारा
जल जीवन मिशन से बदली ग्रामीणों की जिंदगी रायपुर. कठिन भौगोलिक परिस्थितियां, घने जंगलों से घिरा दुर्गम रास्ता और आधुनिक बुनियादी सुविधाओं से मीलों की दूरी—यह पहचान रही है छत्तीसगढ़ के अंतिम छोर पर बसे अबूझमाड़ क्षेत्र की। लेकिन आज इसी अबूझमाड़ की एक पंचायत विकास की नई इबारत लिख रही है। महाराष्ट्र सीमा […]