छत्तीसगढ़ के दो कलाकारों को राष्ट्रीय सम्मान, आनन्द पाण्डेय और घनश्याम साहू सम्मानित
उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार से बढ़ा प्रदेश का गौरव, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने दी बधाई
रायपुर, छत्तीसगढ़ की कला और सांस्कृतिक प्रतिभाओं ने राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का मान बढ़ाया है। नई दिल्ली में 19 अक्टूबर को आयोजित संगीत नाटक अकादमी के प्रतिष्ठित उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार समारोह में जशपुर के डॉ. आनन्द पाण्डेय और सारंगढ़ के घनश्याम साहू को सम्मानित किया गया। डॉ. आनन्द पाण्डेय को रंगमंच में उत्कृष्ट अभिनय तथा घनश्याम साहू को विशिष्ट नाट्य लेखन और छत्तीसगढ़ी फिल्मों में प्रभावशाली पटकथा लेखन के लिए यह राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया गया।
डॉ. आनन्द पाण्डेय ने जशपुर जैसे सुदूर आदिवासी अंचल में रंगमंच की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए अभिनय के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। उनके योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर मिली यह मान्यता जशपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ के रंगकर्मियों के लिए गौरव का विषय है। उनकी उपलब्धि यह संदेश देती है कि प्रतिभा, निरंतर अभ्यास और समर्पण के बल पर दूरस्थ क्षेत्रों से भी राष्ट्रीय मंच तक पहुंचा जा सकता है।
वहीं, सारंगढ़ के घनश्याम साहू ने नाट्य लेखन और छत्तीसगढ़ी सिनेमा में पटकथा लेखन के माध्यम से अपनी रचनात्मक पहचान स्थापित की है। उनकी लेखन प्रतिभा को मिला यह सम्मान प्रदेश की साहित्यिक, नाट्य और फिल्मी दुनिया के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। नाटकों और फिल्मों के माध्यम से स्थानीय भाषा, जनजीवन और सामाजिक संवेदनाओं को अभिव्यक्ति देने वाले रचनाकारों के योगदान को इस सम्मान से नई पहचान मिली है।
संगीत नाटक अकादमी का उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार प्रदर्शन कलाओं के क्षेत्र में प्रतिभाशाली कलाकारों को प्रोत्साहित करने वाला प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान है। छत्तीसगढ़ के दो कलाकारों को इस पुरस्कार से सम्मानित किया जाना प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, जीवंत रंगमंचीय परंपरा और रचनात्मक क्षमता का परिचायक है। यह उपलब्धि प्रदेश के युवाओं को कला, साहित्य, रंगमंच और सिनेमा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने डॉ. आनन्द पाण्डेय और घनश्याम साहू को राष्ट्रीय सम्मान मिलने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती कला, संस्कृति और सृजनशीलता की अनमोल विरासत से समृद्ध है। सुदूर वनांचलों और छोटे कस्बों से निकलकर कलाकारों का राष्ट्रीय मंच पर सम्मानित होना पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है। दोनों कलाकारों की उपलब्धि युवा पीढ़ी, रंगकर्मियों, साहित्यकारों और सिनेमा से जुड़े रचनाकारों के लिए प्रेरणास्रोत है।
मंत्री राजेश अग्रवाल ने दोनों कलाकारों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि ऐसी उपलब्धियां छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत करती हैं। डॉ. आनन्द पाण्डेय और घनश्याम साहू को मिला यह सम्मान केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि प्रदेश की कला साधना, सांस्कृतिक चेतना और रचनात्मक प्रतिभा का भी सम्मान है।