लाल आतंक के सुरुज बुड़य के संग सुकमा म उदय होइस स्वास्थ्य सेवा के सुरुज
- मेगा स्वास्थ्य शिविर म उमड़िस मनखे मन के भीड़
- स्वास्थ्य शिविर म 6,500 ले जादा मनखे मन लीन फायदा
रायपुर . मेगा हेल्थ कैंप एक ठन बड़का अउ मुफ्त स्वास्थ्य शिविर आय,जिहा नामी सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टर मन कैंसर, हिरदे रोग (हार्ट), माई लोगन मन के बीमारी, अउ आँख के बीमारी कस बड़का बीमारी मन के मुफ्त इलाज, जाँच अउ दवाई देथें। एमा आयुर्वेदिक चिकित्सा, दिव्यांग मन बर बनावटी अंग के बंटई अउ आधुनिक जाँच के सुविधा घलो मिलथे। लाल आतंक के खतम होय के ए बखत म जब क्षेत्र म शांति अउ सुरक्षा के माहौल बने हे, तब प्रशासन ह आखिरी छोर के मनखे तक आसानी ले पहुँचत हे।
जिला प्रशासन सुकमा अउ बेंगलुरु के एनटीआर फाउंडेशन के साझा कोसिस ले आयोजित दो दिन के सुपर स्पेशलिटी मेगा स्वास्थ्य शिविर के आयोजन करे गिस। प्रदेश के वन अउ जलवायु परिवर्तन मंत्री अउ सुकमा जिला के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप ह एकर सुभारंभ करिन। ए मेगा स्वास्थ्य शिविर म ओ संवेदनशील अउ अंदरूनी इलाका के 3,700 ले जादा ग्रामीण मन बेखौफ होके पहुँचीन, जेमन कभु मुख्यधारा ले कटे रहिन। कमिश्नर बस्तर डोमन सिंह के निर्देश म अउ कलेक्टर अमित कुमार के मार्गदर्शन म आयोजित ए शिविर म कुल 6,500 ले जादा मनखे मन के मौजूदगी ह ये साबित कर दिस कि अब ग्रामीण मन बंदूक के डर ले निकल के आधुनिक इलाज अउ डॉक्टर मन के सलाह ऊपर भरोसा करत हें। शिविर म 21 विशेषज्ञ डॉक्टर अउ 40 स्वास्थ्य कार्यकर्ता मन के टीम ह ए वनवासी मन बर देवदूत बनके काम करिन।
बस्तर के दूर-दराज इलाका म कभु लाल आतंक के डर ले सहमे रहइया सुकमा जिला के तस्वीर अब पूरी तरह बदल चुके हे। कतको बछर के संघर्ष अउ डर के बाद अब इहाँ विकास अउ खुशहाली के नवा किरन बगरत हे। सुकमा के मिनी स्टेडियम म पिछला 28 अउ 29 मार्च के आयोजित ए शिविर ह ये संदेस दिस कि जिहाँ कभु गोली के गूँज रहिस, आज वहाँ सेवा अउ संकल्प के गीत गाये जावत हे।
शिविर म सिरिफ सामान्य बीमारी नई, बल्कि कैंसर, हिरदे रोग अउ न्यूरोलॉजी कस गंभीर समस्या मन के घलो विशेषज्ञ मन ह इलाज करिन। नक्सलवाद के बखत म स्वास्थ्य सुविधा ले वंचित रहे सियान मन बर 989 चश्मा बाँटे गिस, जेकर ले ओकर मन के धुँधली दुनिया म फेर ले अंजोर भर गिस। उहें 1,500 लइका मन के स्वास्थ्य जाँच करके आघू के पीढ़ी ला कुपोषण अउ बीमारी ले मुक्त करे के संकल्प लिये गिस। खास करके 85 महिला मन के कैंसर स्क्रीनिंग अउ 2,300 आभा (ABHA) आईडी के निर्माण ह ये बताथे कि सुकमा अब डिजिटल स्वास्थ्य अउ सुरक्षा कवच ले लैस होवत हे।
लाल आतंक के खात्मा के बाद सुकमा के ये बदलाव पूरा देस बर एक ठन प्रेरणा आय। ये शिविर सिरिफ इलाज के माध्यम नई रहिस, बल्कि शासन-प्रशासन के प्रति जनता के अटूट बिस्वास के उत्सव रहिस। 153 आयुष्मान कार्ड मन के तुरंते निर्माण ह ये पक्का करथे कि अब दूर-दराज के गरीब ले गरीब मनखे घलो पइसा के कमी के सेती इलाज ले वंचित नई रहय। सुकमा आज नक्सलवाद के पहिचान ला पाछू छोड़ के स्वास्थ्य के क्षेत्र म एक रोल मॉडल बनके उभरत हे, जहाँ हर चेहरा मुस्कुरावत हे अउ हर कदम एक खुशहाल भविष्य कोति बढ़त हे।