सुशासन के लहर :बस्तर के छोटे किलेपाल में दिव्यांग मन के जिनगी में लहुटिस आत्मसम्मान
रायपुर. राज्य सरकार डाहर ले पिछला बछर आयोजित ‘सुशासन तिहार’ के बढ़िया नतीजा अब जमीन में साफ-साफ दिखत हे, जिहां प्रशासन के तेजी ह दूर-दराज वनांचल में रहइया ग्रामीण के जिनगी में स्वावलंबन के नवा अध्याय लिखत हे। ए कड़ी में बस्तर जिला के सुदूर जनपद पंचायत बास्तानार के ग्राम पंचायत छोटे किलेपाल ले एक ठन दिल ला छू लेवे वाला सफलता के कहानी आगू आई हे, जेहा सरकार के संवेदनशीलता अउ जनहितैषी सोंच ला सच साबित करथे।
दंतेवाड़ा जिला के सीमा ले लगे ए दूरिहा गांव छोटे किलेपाल के रहइया सामनाथ ठाकुर अउ रीता ठाकुर, जेमन एकहे परिवार के सदस्य हें, दिव्यांग होए के कारण लंबा बखत ले बड़े आर्थिक अउ सामाजिक चुनौती के सामना करत रहीन। शारीरिक रूप ले अक्षम होए के कारण ओमन ला अपन हर छोटे-बड़े जरूरत अउ रोज के समान मन बर परिवार के आन सदस्य ऊपर पूरा भरोसा (आश्रित) रहना पड़त रहीस। ए निर्भरता के कारण न केवल ओकर आत्मसम्मान ला ठेस पहुंचत रहीस, बल्कि आर्थिक तंगी के बखत में ओमन परिवार ऊपर अपन आप ला एक बोझ समझत रहीन। बछर ले अपन विवशता ला ही किस्मत मान चुके ए ग्रामीण बर पिछला बछर आयोजित ‘सुशासन तिहार’ ह आस के एक नवा किरण बनके आईस।
शिविर के बखत जब ए दिव्यांग मन ह पेंशन योजना के फायदा बर अपन मांग रखिन, त प्रशासन ह एला सिरिफ एक सरकारी कागज (औपचारिक आवेदन) नई मानिस, बल्कि एला सबसे पहिली प्राथमिकता दीस। जनपद पंचायत बास्तानार के अधिकारी ह तुरत तेजी देखाइन अउ ग्राम पंचायत के साथ मिलके ओकर आधार कार्ड, बैंक पासबुक अउ राशन कार्ड जइसन जरूरी कागज ला बटोरके तुरत कार्यवाही पूरा करिन। पात्र पाए जाए ऊपर ओमन ला तुरत पेंशन के मंजूरी दे दिए गिस, जेकर जानकारी मिलत ही पूरा परिवार में खुसी के लहर दौड़ गे।