जनगणना देश के एक जरूरी राष्ट्रीय अभियान: “मकान सूचीकरण अउ मकान के गणना” 01 मई, 2026 ले होही शुरू
जनगणना के डेटा बटोरना अब डिजिटल माध्यम ले होही
रायपुर. जनगणना 2027 हमर देश के एक बहुते जरूरी राष्ट्रीय अभियान आय, जेहा सिरिफ आंकड़ा के जमा करना नई हे, बल्कि भविष्य के भारत अउ हमर छत्तीसगढ़ राज्य के विकास बर एक मजबूत बुनियाद तैयार करे के काम आय। ए प्रक्रिया ले हमन ला ए समझे में मदद मिलही कि समाज के अलग-अलग वर्ग तक विकास के फायदा कतका अउ कतका बढ़िया ढंग ले पहुंचत हे। जनगणना के आंकड़ा ला ए बार डिजिटल मशीन अउ माध्यम ले बटोरे जाही। जनगणना के काम में ईमानदारी अउ सुरक्षा पक्का करे बर सब्बो फील्ड कर्मचारी ला फोटो वाला पहिचान-पत्र (Identity Card) जारी करे गे हे। राज्य के सब्बो नागरिक ले अरजी हे कि ओमन सिरिफ सही पहिचान-पत्र वाले कर्मचारी ला ही अपन जानकारी देवंय।
जनगणना निदेशालय छत्तीसगढ़ के निदेशक कार्तिकेय गोयल ह छत्तीसगढ़ के नागरिक ले अरजी करे हें कि ओमन प्रगणक (जानकारी बटोरइया) ला अपन सही-सही जानकारी देवंय। नागरिक डाहर ले दिए गे सही अउ पूरा जानकारी ही आवे वाला बखत में शिक्षा, स्वास्थ्य, घर, रोजगार अउ बुनियादी सुविधा ले जुड़े योजना ला अउ जादा असरदार बनाए में काम आही।
भारत में जनगणना बछर 1872 ले करे जात हे। भारतीय जनगणना के 150 बछर के इतिहास हे। आवे वाला जनगणना देश के 16वीं अउ आजादी के बाद के 8वीं जनगणना होही। छत्तीसगढ़ राज्य में जनगणना 2027 के पहिली चरण यानी “मकान सूचीकरण अउ मकान मन के गणना” के फील्ड काम 01 मई, 2026 ले शुरू होवत हे, जेहा 30 मई, 2026 तक चलही।
आज के तकनीकी जमाना ला देखत हुए ए जनगणना बहुते खास हे, काबर कि एहा भारत के पहिली अइसन जनगणना होही, जेमा आंकड़ा ला डिजिटल माध्यम ले जमा करे जाही। ए बदलाव ले काम ह न केवल साफ-सुथरा अउ तेज होही, बल्कि आंकड़ा के भरोसा अउ गुणवत्ता घलो बढ़ही। खास करके स्व-गणना (Self-Enumeration) के सुविधा ह मनखे मन ला मजबूत बनाथे, जेकर ले ओमन खुद अपन जानकारी घर बैठे सुरक्षित अउ सहज ढंग ले भर सकत हें। ए सुविधा छत्तीसगढ़ में 16 अप्रैल ले 30 अप्रैल 2026 तक स्व-गणना पोर्टल (se.census.gov.in) में चालू रहीस। आज 30 अप्रैल 2026 के संझा तक राज्य में एक लाख 32 हजार 195 परिवार मन ह स्व-गणना के काम पूरा कर लिए हें।
01 मई ले 30 मई 2026 के बीच प्रगणक घर-घर जाके परिवार मन ले 33 सवाल पूछिहें। ए सवाल मुख्य रूप ले मकान के हालत, परिवार ला मिलत सुविधा अउ संपत्ति ले जुड़े होही। जनगणना के बखत प्रगणक ह मोबाइल एप के माध्यम ले जानकारी बटोरही, जेकर ले काम ह आसान अउ बिना कोनो गलती के होही।
जनगणना में दिए गे सब्बो निजी जानकारी ला ‘जनगणना अधिनियम 1948’ अउ ‘जनगणना नियमावली 1990’ के तहत पूरा तरीका ले गोपनीय (Secret) रखे जाही। एला कोनो के साथ घलो बांटे नई जाय। टैक्स, पुलिस या कोनो जांच में ए जानकारी के उपयोग नई करे जा सके। एला कोनो भी कानूनी सबूत के रूप में घलो नई माने जा सके। निजी जानकारी ला RTI (सूचना के अधिकार) ले घलो नई पाए जा सके। ए आंकड़ा के उपयोग सिरिफ सरकारी नीति बनाए अउ जन-कल्याणकारी योजना बर करे जाही।
प्रगणक (जानकारी बटोरइया) जब घर-घर जाही, त ओमन डाहर ले कोनो भी प्रकार के OTP नई मांगे जाय, अउ न ही कोनो लिंक भेजे जाय। जउन परिवार ह स्व-गणना (Self-Enumeration) कर चुके हें, ओमन ला प्रगणक के आए के बखत अपन 11 अंक के स्व-गणना ID (SEID) ला बताना होही। ए ID ह स्व-गणना पूरा होय के बाद मोबाइल या ई-मेल में मिले रहीस। एखर ले प्रगणक ह अपन मोबाइल एप में ओला वेलीडेट (जांच) कर सकही। यदि SEID वेलीडेट नई हो पाही या कोनो परिवार ह स्व-गणना नई करे हे, तब घलो प्रगणक ह ओ परिवार के गणना के काम ला पूरा करही।
सहरी इलाका, बंद गेट वाली कॉलोनी अउ अपार्टमेंट बर खास योजना बनाए गे हे। सब्बो जिला कलेक्टर अउ नगर निगम आयुक्त मन ला निर्देश दिए गे हे कि ओमन अपन क्षेत्र के आवासीय समिति (Societies) अउ मैनेजमेंट ग्रुप ला कहंय कि प्रगणक ला अंदर जाय ले झन रोकंय। जउन समिति जनगणना के काम में बाधा डालिहें, ओमन ऊपर जनगणना अधिनियम के तहत कानूनी कार्यवाही करे जाही।
राज्य में ए बड़े काम ला पूरा करे बर लगभग 62 हजार 500 अधिकारी अउ कर्मचारी के ड्यूटी लगाए गे हे। एमा:
- 47 प्रमुख जनगणना अधिकारी
- 250 जिला स्तर के अधिकारी
- 472 चार्ज अधिकारी
- 1,160 मास्टर ट्रेनर्स अउ फील्ड ट्रेनर्स
- 51,300 प्रगणक अउ पर्यवेक्षक शामिल हें।
छत्तीसगढ़ के 33 जिला, 195 नगरीय निकाय अउ 252 तहसील मन के 19 हजार 978 गांव मन में जनगणना 2027 के काम करे जाही। एखर बर राज्य में 251 ग्रामीण चार्ज अउ 221 नगरीय चार्ज बनाए गे हें। ए चार्जों के भीतर लगभग 49 हजार मकान सूचीकरण ब्लॉक बनाए गे हें, जिहां प्रगणक मन घर-घर जाके जानकारी जमा करिहें। आम जनता बर जनगणना ले जुड़े कोनो भी जानकारी बर टोल फ्री नंबर 1855 घलो चालू करे गे हे।