हर बूंद ले जादा पैदावार कोति बड़े कदम: बगिया समृद्धि एम-कैड योजना ले 13 गांव के 4933 हेक्टेयर म होही सिंचाई – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
जशपुर ल मिलही आधुनिक दाबित सिंचाई प्रणाली के राष्ट्रीय मॉडल बने के मौका
रायपुर . मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ह जशपुर जिला के अपन गांव बगिया म समृद्धि कमांड क्षेत्र विकास अउ जल प्रबंधन आधुनिकीकरण (एम-कैड) योजना के तहत बगिया दाबित उद्वहन सिंचाई प्रणाली के निर्माण काम के सुभारंभ करिन। ए मौका म केंद्रीय आवास अउ शहरी विकास राज्य मंत्री तोखन साहू अउ कृषि मंत्री रामविचार नेताम संग जनप्रतिनिधि अउ भारी संख्या म गांव वाले उपस्थित रहिन।
मुख्यमंत्री श्री साय ह कहिन कि बगिया समृद्धि एम-कैड योजना सिरिफ एक सिंचाई परियोजना नोहे, बल्कि “हर बूंद ले जादा पैदावार” के सोच के एक मजबूत प्रतीक आय। ओ मन कहिन कि एखर सही तरीका ले लागू होय ले जशपुर जिला ह पूरा देश बर आधुनिक दाबित सिंचाई प्रणाली के मॉडल बनही अउ किसान मन ल समृद्धि के नवा रस्ता मिलही।
ओ मन कहिन कि ए परियोजना म पहिली के नहर प्रणाली के जगा म नवा जमाना के प्रेसराइज्ड पाइप इरिगेशन नेटवर्क तइयार करे जाही। जमीन के भीतर पाइपलाइन बिछाय ले पानी के बर्बादी रुकही, पानी के सही उपयोग बढ़ही अउ जमीन अधिग्रहण (जमीन लेय) के समस्या घलो नई आय। अभी तक जेन किसान मन खेती बर बादर (बरसात) ऊपर निर्भर रहत रहिन, ओ मन ल ए योजना ले अब बछर भर सिंचाई बर पूरा पानी मिल सकही।
मुख्यमंत्री श्री साय ह कहिन कि बगिया समृद्धि एम-कैड योजना न केवल सिंचाई व्यवस्था ल आधुनिक बनाही, बल्कि खेती-किसानी ल तकनीक आधारित, टिकाऊ अउ फायदा वाले दिशा म आगू बढ़ाही। ए परियोजना म जशपुर ल राष्ट्रीय स्तर म एक मॉडल एग्री-इरीगेशन डिस्ट्रिक्ट के रूप म स्थापित करे के ताकत हे। ओ मन कहिन कि ये पहल हमर अन्नदाता ल समृद्धि, आत्मनिर्भरता अउ सम्मान के नवा ऊँचाई तक पहुँचाने के रस्ता खोलही।
बता दन कि ए परियोजना ह कांसाबेल विकासखंड के बगिया क्लस्टर म मैनी नदी ऊपर बगिया बैराज संग दाबित उद्वहन सिंचाई योजना के माध्यम ले लागू करे जावत हे। एखर तहत बगिया, उसकुटी, रजोती, सुजीबहार, चोंगरीबहार, बांसबहार, डोकड़ा, सिकरिया, पतराटोली, गहिराडोहर, बीहाबल, नरियरडांड अउ ढुढुडांड सहित 13 गांव के लगभग 4933 हेक्टेयर इलाका म सिंचाई के सुविधा दिय जाही।
मुख्यमंत्री श्री साय ह कहिन कि देस के 23 राज्य म मंजूर 34 एम-कैड परियोजना म छत्तीसगढ़ के बगिया क्लस्टर ह एकेच अइसन परियोजना आय जेखर चुनाव करे गे हे। एखर बर भारत सरकार कोति ले 95.89 करोड़ रुपिया मंजूर करे गे हे, जबकि ए परियोजना के कुल लागत लगभग 119 करोड़ रुपिया हे।
ए मौका म केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ह कहिन कि ए योजना ले ए इलाका के चहुंकोति विकास के रस्ता खुलही अउ किसान मन ल कमाई के एक पक्का अधार मिलही। कृषि मंत्री रामविचार नेताम ह एला किसान मन बर “आये वाला बखत के वरदान” बताइन अउ कहिन कि एखर ले गांव के अरथव्यवस्था ल नवा रफतार मिलही।
समृद्धि योजना के स्टेट नोडल ऑफिसर आलोक अग्रवाल ह बताइन कि एम-कैड कार्यक्रम के सुरूआत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन म भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय कोति ले अप्रैल 2025 म करे गे रहिस। ओ मन बताइन कि ये परियोजना ह आगू के 6 महिना म पूरा हो जाही अउ एला चलाय अउ देख-रेख करे के जिम्मेदारी पहिली 5 बछर तक ठेकेदार के रही, ओखर बाद जल उपभोक्ता समिति एला संभालही। ए समिति म महिला मन के घलो बड़े भागीदारी तय करे गे हे।
ए परियोजना म सुरुज के किरन (सौर ऊर्जा) ले बिजली, SCADA अउ IoT (Internet of Things) जइसन नवा जमाना के तकनीक के उपयोग करे जाही, जेखर ले पानी के सही अउ वैज्ञानिक तरीका ले उपयोग हो सके। डेटा के अधार म ये तय करे जाही कि कउन जगा म, कबे अउ कतेक पानी देना हे। ए योजना के मुख्य उद्देश्य पानी के सही उपयोग ल बढ़ाना, हर बूंद के जादा ले जादा फायदा उठाना, खेती के पैदावार बढ़ाना अउ किसान मन के कमाई म सुधार लाना हे। संग म नवा तरीका के खेती ले किसान मन ल मौसम के बदलाव (जलवायु परिवर्तन) ले होय वाला नुकसान ले लड़े बर घलो मजबूत बनाय जाही।