बिसेस लेख: ‘सेवा सेतु’: छत्तीसगढ़ में सुशासन अउ डिजिटल प्रसासन के नवा अध्याय
नितेश चक्रधारी (सहायक जनसंपर्क अधिकारी)
रायपुर . छत्तीसगढ़ में सासन बेवस्था ला अउ जादा पारदरसी, जबाबदेह अउ मनखे मन के हित में बनाए कोती “सेवा सेतु” एक बड़े पहल बनके उभरे हे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के अगुवई में राज सरकार ह प्रसासनिक सुबिधा ला आम मनखे तक सरल, तुरते अउ डिजिटल माध्यम ले पहुँचाए बर लगातार कोसिस करत हे। एही सोच के फल आय कि अब आय, जाति, निवास परमान-पत्र, बिहाव पंजीयन, राशन कार्ड, भुइँया-नकल संग 441 ले जादा सरकारी सुबिधा एक ही ऑनलाइन प्लेटफॉर्म में मिलत हें।
डिजिटल सुशासन के मजबूत माध्यम
पहिली मनखे मन ला अलग-अलग विभाग के काम बर कतको दफ्तर के चक्कर काटे बर परत रहिस। परमान-पत्र बनवाए जइसन छोटे काम बर घलो बखत, मिहनत अउ रूपिया-पइसा के भारी खरचा होवत रहिस। “सेवा सेतु” ह ए जुन्ना बेवस्था ला बदल के मनखे मन ला “वन स्टॉप सॉल्यूशन” (एक ही जगह सबो समाधान) दे हे। अब मनखे मन ऑनलाइन आवेदन करत हें अउ तय समय के भीतर सुबिधा के लाभ उठावत हें।
राज सासन के ए पहल ह सिरिफ तकनीकी बदलाव नई आय, बल्कि प्रसासन के काम करे के तरीका में बदलाव के संकेत घलो आय। ए बेवस्था ह आम जनता ला ए भरोसा दिलावत हे कि सासन ह ओखर सुबिधा अउ अधिकार ला सबले आगू रखत हे।
86 ले बढ़के 441 सुबिधा
छत्तीसगढ़ में पहिली ‘ई-डिस्ट्रिक्ट’ प्लेटफॉर्म के जरिया सिरिफ 86 सुबिधा मिलत रहिन। बखत के जरूरत ला देखत एकर नवा रूप “सेवा सेतु” तैयार करे गिस, जेमा अब 441 सुबिधा जोड़ दिय गे हे। एमा 54 नवा सुबिधा सामिल हें, अउ अलग-अलग विभाग के 329 री-डायरेक्ट सेवा ला घलो एक साथ जोड़ दिय गे हे।
30 ले जादा विभाग ए प्लेटफॉर्म ले जुड़े हें, जेखर सेती मनखे मन ला अलग-अलग पोर्टल या दफ्तर ऊपर भरोसा नई रहे बर परत हे। एखर ले प्रसासन के काम-काज अउ जादा सुग्घर अउ पारदरसी बन गे हे।
बखत में सेवा मिले के भरोसा
छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत मनखे मन ला तय समय के भीतर सुबिधा पाए के अधिकार दिय गे हे। “सेवा सेतु” एही अधिकार ला असल में मजबूत करत हे। पिछले 28 महीना के आँकड़ा मन ए बेवस्था के ताकत ला देखाथें। ए बखत में 75 लाख 70 हजार ले जादा आवेदन आईन, जेमा ले 68 लाख 41 हजार ले जादा मामला के निपटारा कर दिय गे हे। एमा ले 95 प्रतिशत ले जादा आवेदन ला तय समय के भीतर निपटाए गिस। ए आँकड़ा ह प्रसासन के फुर्ती अउ जबाबदेही के साफ निसानी आय।

परमान-पत्र सुबिधा मन के सबले जादा माँग
चिप्स (CHiPS) दफ्तर के मुताबिक, सबले जादा आवेदन आय परमान-पत्र बर आईन, जेकर संख्या 32 लाख ले घलो जादा हे। एखर अलावा मूल निवास परमान-पत्र, अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) परमान-पत्र, अनुसूचित जाति अउ जनजाति (SC-ST) परमान-पत्र, बिहाव परमान-पत्र अउ भुइँया-नकल ले जुड़े सुबिधा के घलो भारी उपयोग करे गे हे।
ए ह देखाथे कि मनखे मन के रोज के जरूरत ले जुड़े सुबिधा ला डिजिटल माध्यम में लाना कतका जरूरी रहिस। अब गाँव अउ दुरिहा इलाका के मनखे मन घलो कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), लोक सेवा केंद्र अउ इंटरनेट ले जुड़े सुबिधा के जरिया फायदा उठा पावत हें।
व्हाट्सएप तक पहुँचे सरकारी सुबिधा
तकनीक के बढ़त चलन ला देखत अब “सेवा सेतु” के सुबिधा ला व्हाट्सएप ले घलो जोड़ दिय गे हे। एखर ले मनखे मन ला जानकारी जुटाए अउ सुबिधा तक पहुँचे में अउ जादा असानी होवत हे। अभी तक 3.3 करोड़ ले जादा डिजिटल ट्रांजेक्शन ए प्लेटफॉर्म के जरिया करे जा चुके हें। ए कदम ह ‘डिजिटल इंडिया’ के सपना ला गाँव-गाँव तक मजबूत करे वाला माने जावत हे।
पारदरसिता अउ भरोसा के नवा मॉडल
“सेवा सेतु” सिरिफ एक ठन पोर्टल नई आय, बल्कि ए ह जनता अउ सासन के बीच भरोसा के नवा ‘सेतु’ (पुल) बनत जावत हे। इलेक्ट्रॉनिक वर्कफ्लो सिस्टम के सेती अब आवेदन के प्रक्रिया ऊपर नजर रखना मुमकिन हो गे हे, जेखर ले पारदरसिता बाढ़े हे अउ बिना मतलब के देरी घलो कम होय हे।
डिजिटल जुग में सुशासन के मतलब सिरिफ योजना बनाना नई आय, बल्कि ओला बखत में अउ सरल तरीका ले जनता तक पहुँचाना आय। “सेवा सेतु” एही सोच ला सच करत हे। ए प्लेटफॉर्म ह छत्तीसगढ़ में प्रसासन ला अउ जादा मानवीय, पारदरसी अउ जबाबदेह बनाए कोती एक मजबूत कदम आय। निसचित रूप ले आवे वाला साल में “सेवा सेतु” ह राज के डिजिटल प्रसासनिक पहिचान ला नवा ऊँचाई तक पहुँचाए में बड़े भूमिका निभाही।