जलेश्वर महादेव धाम मा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ह करिन जलाभिषेक: परदेस के सुख-समृद्धि बर माँगिन असीस
- किसान, श्रद्धालु अउ ग्रामीण के हित मा मुख्यमंत्री श्री साय के बड़ घोषणा: जलेश्वर महादेव धाम के विकास के संग क्षेत्र के बुनियादी ढाँचा ल मिलही बिस्तार
- क्षीरपानी मध्यम परियोजना के नहर बिस्तार ले सिंचई के छमता बाढ़ी, किसान मन ल मिलही बड़ लाभ
रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज कबीरधाम जिला के पंडरिया विकासखंड के डोंगरिया गाँव पहुँचिन, जहाँ ओमन परसिद्ध जलेश्वर महादेव धाम मा विधि-बिधान ले पूजा-अर्चना करके जलाभिषेक करिन। मुख्यमंत्री श्री साय ह भगवान भोलेनाथ ले परदेस के मनखे मन बर सुख, सांति, समृद्धि अउ खुसहाली के कामना करिन। ए मउका मा उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, पंडरिया विधायक भावना बोहरा, तखतपुर विधायक धर्मजीत सिंह के संग अउ कतको जनपरतिनिधि, समाज के पदाधिकारी अउ श्रद्धालु उपस्थित रहिन।
मुख्यमंत्री श्री साय ह कहिन कि छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक अउ आध्यात्मिक परंपरा हमर पहिचान आय। अइसन पबित्तर धाम सिरिफ आसा के केंदर नो हें, भलुक समाज ल जोड़े अउ हमर सांस्कृतिक धरोहर ल जियंत रखे के प्रेरणा जगाय के जगा घलो आय। ओमन कहिन कि राज्य सरकार ह विकास के संग-संग सांस्कृतिक अउ धार्मिक धरोहर के संरक्षण अउ संवर्धन बर घलो लगातार काम करत हे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ह ए मउका मा क्षेत्र के विकास अउ जनसुविधा ल बढ़ाय बर कतको बड़ घोषणा घलो करिन। ओमन क्षीरपानी जलाशय मध्यम परियोजना के तहत 50 करोड़ के लागत ले नहर बिस्तारीकरण के काम कराय के घोषणा करिन। ए परियोजना ले लगभग 1100 हेक्टेयर क्षेत्र मा सिंचई के सुविधा बाढ़ी अउ किसान मन ल बड़ लाभ मिलही। मुख्यमंत्री श्री साय ह जलेश्वर महादेव धाम के विकास अउ सौंदर्यीकरण बर 50 लाख रूपिया देय के घोषणा घलो करिन। संग मा ओमन खरहट्टा ले डोंगरिया तक लगभग 2.5 किलोमीटर सड़क के सुधार (उन्नयन) के घोषणा करत कहिन कि एखर ले क्षेत्र मा आय-जाय के रद्दा ह अउ सुघर अउ सुबिधाजनक हो जाही।
बता दन कि कबीरधाम जिला के डोंगरिया गाँव मा बसे जलेश्वर महादेव धाम ह स्थानीय श्रद्धालु बर बड़ पूजा के जगा आय। मान्यता हे कि यहाँ के शिवलिंग ह अपने-आप (प्राकृतिक रूप ले) परगट होय हे। हरियाली अउ परकृति के बीच बसे ए शिवधाम मा सावन महिना, सावन सुकवार अउ महाशिवरात्रि के बेरा मा श्रद्धालु के भारी भीड़ उमड़थे। पहाड़ी अउ नदी-घाट के सुग्घर वातावरण मा बसे ए धाम के शिवभक्ति अउ आध्यात्मिक ऊर्जा बर एक अलग पहिचान हे।